AI एजेंट्स अब 2026 में 9,200 से ज्यादा नौकरियों पर कब्जा कर चुके हैं। Block जैसी कंपनियां अपने छंटनी का कारण सीधे ऑटोमेशन को बता रही हैं। वर्कफोर्स बहुत तेजी से बदल रही है, जितनी उम्मीद भी नहीं थी।
RationalFX की नई रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से अब तक ग्लोबल स्तर पर 45,363 टेक छंटनियां ट्रैक की गई हैं। इनमें से करीब 20% नौकरी कटौती सीधे AI इम्प्लीमेंटेशन और ऑर्गनाइजेशनल रिस्ट्रक्चरिंग के कारण हुई हैं।
अपने jobs को सुरक्षित रखने के आसान तरीके
Block इस लिस्ट में टॉप पर है, जहां 4,000 छंटनियां हुई हैं। CEO Jack Dorsey ने कहा कि यह फैसला फाइनेंशियल कारणों से नहीं लिया गया। उन्होंने बताया कि अब AI टूल्स वे काम संभाल रहे हैं, जो पहले इनसानों द्वारा किए जाते थे। कंपनी अपने स्टाफ को 10,000 से घटाकर लगभग 6,000 कर्मचारियों तक ला रही है।
WiseTech Global ने 2,000 पद खत्म किए। दूसरी कंपनियों में eBay ने 800 जॉब्स और Pinterest ने 675 पोजिशन्स कम कर दी हैं।
अब सवाल यह नहीं है कि AI आपकी जॉब पर असर डालेगा या नहीं। वह असर डाल चुका है। और युवा कर्मचारियों पर इसका इम्पैक्ट और ज्यादा गंभीर होता जा रहा है।
ServiceNow के CEO Bill McDermott ने अब तक की सबसे सख्त चेतावनियों में से एक दी है। उन्होंने CNBC के Squawk on the Street शो में कहा कि एंट्री-लेवल नौकरियां AI एजेंट्स की वजह से खत्म होती जा रही हैं:
“अगले कुछ सालों में नए कॉलेज ग्रैजुएट्स के लिए बेरोजगारी रेट आसानी से मिड-30% तक जा सकती है। बहुत सा काम अब एजेंट्स करने वाले हैं। ऐसे में युवाओं के लिए कॉर्पोरेट वर्ल्ड में खुद को अलग साबित करना मुश्किल होता जा रहा है।” — Bill McDermott, CEO, ServiceNow
Federal Reserve Bank of New York ने रिपोर्ट किया कि 2025 के आखिर में नए कॉलेज ग्रैजुएट्स के लिए बेरोजगारी दर लगभग 5.7% थी और अंडरइम्प्लॉयमेंट रेट 42.5% — जो 2020 के बाद सबसे ज्यादा है। McDermott की चेतावनी दिखाती है कि यह डेटा कितनी तेजी से और ऊपर जा सकता है।
हालांकि, इंडस्ट्री लीडर्स मानते हैं कि जो वर्कर AI के साथ खुद को एडॉप्ट करेंगे, वे ही टिक पाएंगे। Nvidia के CEO Jensen Huang ने Milken Institute की इवेंट में यही बात सीधे कही:
“हर नौकरी पर असर पड़ेगा, और तुरंत। इसमें कोई शक नहीं। आपकी नौकरी AI नहीं छीनेगा, बल्कि वह व्यक्ति छीनेगा जो AI का इस्तेमाल करता है।” — Jensen Huang ने कहा।
इनवेस्टर Naval Ravikant ने X पर इस विभाजन को और भी सीधा बताया। उन्होंने कहा कि असली फर्क जूनियर और सीनियर वर्कर्स के बीच नहीं है, बल्कि उनके बीच है जो AI को अच्छे से समझते हैं और जो नहीं समझते।
Google के CEO Sundar Pichai ने मिलकर कदम उठाने की जरूरत बताई है। जून 2025 में Bloomberg Technology Summit में उन्होंने कहा कि रिस्किलिंग की जिम्मेदारी सिर्फ कर्मचारियों की नहीं होनी चाहिए:
“यह सरकारों, एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन्स और प्राइवेट कंपनियों की साझा जिम्मेदारी है कि वे वर्कफोर्स को तैयार करें… हमें बड़े पैमाने पर रिस्किलिंग की जरूरत है ताकि यह टेक्नोलॉजी सभी के लिए फायदेमंद हो।” — Sundar Pichai, ने कहा।
PwC के एनालिसिस के मुताबिक, AI स्किल्स रखने वाले वर्कर्स की तनख्वाह उनसे 56% ज्यादा है जिनके पास ये स्किल्स नहीं हैं। ये एडवांटेज हर तिमाही के साथ और बढ़ता जा रहा है, खासकर अगर एक्शन नहीं लिया गया तो।
World Economic Forum का अनुमान है कि AI की वजह से 2030 तक 170 मिलियन नई जॉब्स बनेंगी। लेकिन ये जॉब्स उन लोगों को मिलेंगी, जो अभी से अपने आपको एडॉप्ट कर रहे हैं, न कि वे जो बदलाव के धीमे होने का इंतजार कर रहे हैं।