Altcoins पिछले कुछ महीनों में लगातार अपट्रेंड बनाने में असफल रहे हैं। कई निवेशकों ने Q2 और Q3 2025 के पहले हिस्से में alternative क्रिप्टोकरेंसी खरीदी थी, उम्मीद थी कि Bitcoin के मजबूत होते ही उन्हें ज़बरदस्त फायदा मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, Bitcoin ने तो रैली की लेकिन ज़्यादातर altcoins साइडवेज़ या नीचे ही रहे।
इस दौरान, altcoins में पूंजी (capital) लगी रही, भले ही अपसाइड लिमिटेड थी। ज़्यादातर निवेशक HODL करते रहे, सोचकर कि रोटेशन थोड़ा देरी से होगा। इसके बजाय, लगातार कमज़ोरी बनी रही, और altcoins ने Bitcoin से कम प्रदर्शन किया।
इसीलिए, BeInCrypto को दिए गए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में Michaël van de Poppe ने बताया कि बीते समय से हमें भविष्य के लिए क्या संकेत मिलते हैं और 2026 में altcoin मार्केट कैसा हो सकता है।
Altcoin सीजन
October 2025 में कुछ समय के लिए सेंटिमेंट बदला। कई altcoins में ज़ोरदार रैली आई, जिससे altcoin सीजन आने की चर्चा फिर से शुरू हो गई। लेकिन ये मोमेंटम जल्दी ही खत्म हो गया। कुछ ही हफ्तों में प्राइसेस फिर से नीचे आ गईं, और मार्केट में संदेह और ज़्यादा गहरा गया।
ऐसी और भी टोकन insights के लिए एडिटर Harsh Notariya का Daily Crypto Newsletter यहाँ सब्सक्राइब करें।
इसके बाद से frustration और बढ़ गई। Altcoins लगातार Bitcoin pairs पर lower lows बना रहे हैं। Michaël van de Poppe ने मौजूदा हालात की तुलना Q3 2019 और mid-2015 से की। उन्होंने कहा कि निवेशक दूसरे asset classes को अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखकर थक चुके हैं, लेकिन ये 2026 में बदल सकता है।
“आने वाला साल इस पैटर्न को बदल सकता है, जिसमें पेशेंस रखने वाले निवेशकों को Web3 इकोसिस्टम में दांव लगाने का फायदा मिलेगा और इसलिए, सही ढंग से चुने गए क्रिप्टो प्रोटोकॉल्स पॉजिटिव रिटर्न देना शुरू कर सकते हैं,” Michael ने बताया।
इन्वेस्टर्स को किस पर फोकस करना चाहिए
Michael ने ज़ोर दिया कि पोर्टफोलियो बनाने में फंडामेंटल्स को बेस बनाना चाहिए, न कि सिर्फ narratives को। उन्होंने चेतावनी दी कि सिर्फ ट्रेंडिंग sectors या किसी एक “favorite” प्रोटोकॉल के पीछे भागना अनावश्यक रिस्क है। मार्केट लीडरशिप अक्सर बदलती रहती है, खासकर जब बदलाव का समय हो।
इसके बजाय, उनकी approach ऐसे प्रोटोकॉल्स को प्राथमिकता देती है जो लगातार grow कर रहे हैं। डेवलपमेंट एक्टिविटी, इकोसिस्टम ग्रोथ और असली उपयोग, शॉर्ट-टर्म प्राइस मूवमेंट से ज़्यादा मायने रखते हैं। van de Poppe के अनुसार, जैसे-जैसे सेंटिमेंट स्थिर होगा, ये फैक्टर्स valuation को drive करेंगे।
“मैं उन प्रोटोकॉल्स को देख रहा हूं जो ऐसी टेक्नोलॉजी बना रहे हैं, जो पूरे ऑन-चेन इकोसिस्टम या उनके पूरे इकोसिस्टम में जरूरी है। इसमें एक्टिविटी, टोटल वैल्यू लॉक्ड और रेवेन्यू लगातार बढ़ रही है,” Michael ने कहा।
उन्होंने Arbitrum (ARB), Chainlink (LINK), और Near Protocol (NEAR) को उदाहरण के तौर पर हाइलाइट किया। इन सभी प्रोटोकॉल्स ने पिछले साल के मार्केट वीकनेस के बावजूद लगातार प्रोग्रेस दिखाई है। इनके इकोसिस्टम्स में काम चलता रहा, भले ही प्राइस में ज्यादा तेजी नहीं आई।
इन तीनों में, Chainlink सबसे अलग है। डेवलपमेंट डेटा दिखाता है कि LINK ने ARB और NEAR की तुलना में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। इस मजबूत एक्सपांशन ने LINK ETF लॉन्च को सपोर्ट किया, जिससे फंडामेंटल्स और इंस्टीट्यूशनल एडॉप्शन के बीच कनेक्शन भी मजबूत हुआ।
क्या 2026 में ये क्रिप्टो Narratives बड़े होंगे
मैक्रो नजरिए से, van de Poppe का फोकस artificial intelligence, decentralized finance, infrastructure और DePIN पर है। उन्हें भरोसा है कि रेग्युलेटरी डेवलपमेंट्स इन सेक्टर्स में ग्रोथ को अनलॉक करेंगे। खासतौर पर CLARITY Act से DeFi में पाटिसिपेशन मजबूत हो सकता है।
“इसके अलावा, मुझे लगता है कि AI और Blockchain का कनेक्शन और भी मजबूत होगा, जबकि DePIN (storage और robotics भी) में जबरदस्त मोमेंटम देखने को मिलेगा, क्योंकि AI अब इन सिस्टम्स में ज्यादा से ज्यादा इंटीग्रेट हो रहा है,” Michael ने आगे कहा।
इस पॉजिटिव आउटलुक के बावजूद, मार्केट डेटा थोड़ी मुश्किल तस्वीर दिखाता है। DePIN टोकन्स ने 2025 की शुरुआत $29.33 बिलियन की कंबाइंड वैल्यूएशन के साथ की थी। CoinGecko के अनुसार, आज ये वैल्यू $11.97 बिलियन रह गई है। इन्वेस्टर्स की डिमांड फिलहाल सीमित है।
AI से जुड़े क्रिप्टो एसेट्स ने भी ऐसा ही प्राइस trajectory दिखाया है। इनकी कंबाइंड मार्केट कैप पिछले एक साल में $52.3 बिलियन से घटकर $19.9 बिलियन पर आ गई है। यह गिरावट लॉन्ग-टर्म पॉसिबल और शॉर्ट-टर्म एडॉप्शन के बीच फर्क दिखाती है।
इन्वेस्टर्स संभावित नुकसान कैसे कम करें
आगे की रणनीति को देखते हुए, van de Poppe ने डिसिप्लिन्ड रिस्क मैनेजमेंट पर ज़ोर दिया। उन्होंने माना कि मौजूदा समय में भी बियर मार्केट के रिस्क बने हुए हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि क्रिप्टो मार्केट पहले ही चार साल की लंबी मंदी झेल चुका है। उनकी नजर में, इस समय मार्केट में पोजिशनिंग के लिए पेशेंस रखना ज्यादा जरूरी है बजाए कि अgressिव speculation के।
“…मेरा गेमप्लान यही है कि मैं अपने मौजूदा पोर्टफोलियो के साथ मार्केट में पोजिशन में रहूंगा और इसका एक हिस्सा एक्टिवली ट्रेड करूंगा, जिससे जरूरत पड़ने पर कभी भी मार्केट से बाहर निकलने की flexibility रहे। किसी भी जनरल इन्वेस्टर के लिए, मार्केट में क्लियर इनवैलिडेशन लेवल्स (यह फंडामेंटली भी हो सकते हैं, जरूरी नहीं कि सिर्फ टेक्निकल हों) हमेशा तय रखें, जहां आपको मार्केट से बाहर निकलने की प्लानिंग करनी है,” Michael ने कहा।
हाल ही में Bitcoin में गिरावट ज्यादातर liquidation-driven घटनाओं की वजह से हुई है, न कि लंबे समय तक selling के कारण। CoinGlass डेटा के अनुसार, करीब $2.58 बिलियन की लॉन्ग लिक्विडेशन्स $86,000 लेवल के नीचे केंद्रित हुई हैं। यह जोन फिलहाल एक टेम्पररी स्टेबलाइज़र की तरह काम करता दिखाई दिया है।
इसलिए, अगर Bitcoin उस थ्रेशोल्ड के करीब आता है तो अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। अगर उसमें ब्रेकडाउन होता है, तो तेज़ सेल-ऑफ़ की चेन रिएक्शन ट्रिगर हो सकती है, जिससे altcoins भी नीचे जा सकते हैं। ऐसे में अपने पोजिशन से बाहर निकलना समझदारी होगी। तब तक, altcoin निवेशकों को कंसोलिडेशन फेस करना पड़ सकता है क्योंकि मार्केट्स अपनी उम्मीदें दोबारा सेट कर रही हैं।