हाल ही में Bitcoin में एक तेज़ सेल-ऑफ़ देखने को मिला, जिससे इसका प्राइस लगभग $60,000 के स्तर तक गिर गया था, लेकिन इसके तुरंत बाद एक तेज़ रिकवरी भी आई। इस गिरावट में डिप खरीदने वाले इन्वेस्टर्स की वजह से BTC ने मौजूदा स्तरों के पास खुद को स्थिर किया, लेकिन सिर्फ इस बाउंस से ट्रेंड रिवर्सल की पुष्टि नहीं होती।
असल में, ये मूवमेंट एक बड़े करेक्शन फेज का टेम्पररी ब्रेक ज्यादा लगता है, जिससे इन्वेस्टर्स के मन में ये सवाल है कि आगे और गिरावट आ सकती है या नहीं।
Bitcoin के सिग्नल्स क्या इंडिकेट कर रहे हैं
Bear मार्केट्स की एक खास पहचान है – उच्च Relative Unrealized Loss, जो ये बताता है कि मार्केट कैपिटलाइजेशन के मुकाबले डूबे हुए कॉइन्स का Dollar वेल्यू कितना है। जब Bitcoin का प्राइस $60,000 की तरफ गिरा, तब ये रेशियो करीब 24% तक पहुंच गई।
ये लेवल आम तौर पर बुल-बियर ट्रांजिशन ज़ोन से ऊपर है, जिससे क्रिप्टो मार्केट अब बियरिश टेरिटरी में मजबूती से मौजूद है।
ये मैट्रिक जहां एक इंटेंस बियर रेजीम इंडीकेट करता है, वहीं ये अभी तक उन एक्सट्रीम कैपिट्यूलेशन लेवल्स से नीचे है, जो इतिहास में 50% से ऊपर देखे गए हैं। इसका मतलब है कि Bitcoin अभी ऐक्टिव कैपिट्यूलेशन प्रोसेस में है, न कि अपने अंतिम बॉटम पर। सेलिंग प्रेशर मार्केट में फैला है, लेकिन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ, जिससे आगे भी वोलाटिलिटी बनी रहने की संभावना है जब तक मार्केट बैलेंस पर नहीं आता।
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इन्वेस्टर्स के बिहेवियर को समझने का एक और तरीका है, वॉलेट साइज के हिसाब से Bitcoin सप्लाई डिस्ट्रीब्यूशन देखना। डेटा के अनुसार, जिन वॉलेट्स में 0.01 BTC से कम है, उन्होंने अपनी सप्लाई का शेयर लगातार बढ़ाया है। यह ग्रुप छोटे रिटेल इन्वेस्टर्स का है, जो आमतौर पर प्राइस मूवमेंट्स पर इमोशनली रिएक्ट करते हैं, लेकिन इस वक्त वो Bitcoin जमा कर रहे हैं।
वहीं, जिन वॉलेट्स में 10 से 10,000 BTC हैं, उन्होंने डिप के दौरान हल्की नेट डिस्ट्रीब्यूशन दिखाई है। ये डाइवर्जेंस इसलिए इंपॉर्टेंट है क्योंकि सोशल प्लेटफॉर्म्स पर अभी भी पब्लिक सेंटिमेंट बहुत ज्यादा बियरिश है।
नेगेटिव कमेंट्री के बावजूद, छोटे ट्रेडर्स चुपचाप अपनी होल्डिंग्स बढ़ा रहे हैं, जिससे ये सिग्नल मिलता है कि वे मौजूदा प्राइस को वैल्यू की नजर से देख रहे हैं।
यह असंतुलन दिखाता है कि पॉजिटिव सोच पूरी तरह से रीसेट नहीं हुई है। आमतौर पर, डीप बियर पीरियड्स में रिटेल निवेशक बाहर निकलते हैं और इससे सोशल इंडिकेटर भी बियरिश हो जाते हैं।
जब तक स्मॉल रिटेल सप्लाई कम नहीं होती, तब तक मार्केट में तेजी से रिकवरी टिक नहीं पाएगी और शॉर्ट-टर्म में रिकवरी लिमिटेड ही रहेगी।
Bitcoin को मिल रहा है लगातार सपोर्ट
प्राइस कमजोर होने के बावजूद, नेटवर्क एक्टिविटी अलग संकेत देती है। पिछले हफ्ते Bitcoin में नए एड्रेस की संख्या में तेज़ बढ़ोतरी देखी गई है। नेटवर्क में पहली बार ऑन-चेन ट्रांजैक्शन करने वाले निवेशकों की संख्या लगभग 37% बढ़ गई है, जो नए यूजर्स की एंट्री दिखाती है।
इस तरह की ग्रोथ से पता चलता है कि Bitcoin में दिलचस्पी अभी भी जारी है, भले ही प्राइस करेक्शन हो। वॉलेटिलिटी के टाइम पर अक्सर नए लोग एंटर करते हैं ताकि किसी भी संभावित रिकवरी का फायदा जल्दी मिल सके।
ये जरूरी नहीं कि तुरंत अपवर्ड मूवमेंट आए, लेकिन एड्रेस एक्टिविटी बढ़ने से ये जरूर लगता है कि Bitcoin की लॉन्ग-टर्म वैल्यू प्रपोजिशन पर निवेशकों का भरोसा बरकरार है।
नए यूजर्स का आना कंसोलिडेशन फेज में सपोर्ट दे सकता है। लेकिन अगर बड़े स्तर पर मार्केट प्रेशर बना रहा, तो नेटवर्क ग्रोथ भी फाइनेंशियल मार्केट में ब्रॉडर रिस्क-ऑफ सिचुएशन को बैलेंस नहीं कर पाएगी।
BTC प्राइस के जरूरी लेवल्स जिन पर नजर रखें
Bitcoin प्राइस इस लेख के लिखने के समय करीब $69,077 पर ट्रेड कर रहा है, जो कि हाल की गिरावट में $63,007 के सपोर्ट से वापस आया है। आक्रामक डिप बाइंग ने Bitcoin को $60,000 की ओर और गिरने से बचाया। इसने कम लेवल्स पर डिमांड को भी दिखाया, कम से कम शॉर्ट-टर्म में।
इस बाउंस के बावजूद, डाउनसाइड रिस्क अभी भी ज्यादा है। ब्रॉडर मैक्रो आउटलुक बताता है कि Bitcoin आने वाले हफ्तों में और गिर सकता है। अगर $63,007 का सपोर्ट टूट जाता है, तो बियरिश ट्रेंड जारी रह सकता है, जिसमें अगला बड़ा डाउनसाइड टारगेट $55,500 के करीब रहेगा, जो कि हिस्टॉरिकल सपोर्ट जोन पर है।
अगर ताजा कैपिटल इनफ्लो जारी रहते हैं, तो शॉर्ट-टर्म रिकवरी मुमकिन है। नई एड्रेस एक्टिविटी में बढ़ोतरी Bitcoin को कंसोलिडेट करने और $71,672 के स्तर को फिर से सपोर्ट के रूप में हासिल करने में मदद कर सकती है। अगर यह लेवल हासिल हो जाता है, तो तुरंत बनने वाली बियरिश सिचुएशन इनवैलिडेट हो जाएगी और मार्केट में स्टेबिलिटी के संकेत मिलेंगे, लेकिन इससे पूरी बियर मार्केट स्ट्रक्चर खत्म नहीं होगी।