US Spot Bitcoin exchange-traded funds (ETFs) को इस साल सबसे ज्यादा इंस्टिट्यूशनल friction का सामना करना पड़ रहा है।
इस साल, इन फंड्स में छह हफ्तों तक लगातार ऑउटफ्लो देखने को मिला है। इसकी वजह ग्लोबल मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितता है, जिससे कैपिटल पारंपरिक सुरक्षित ऑप्शंस की तरफ जा रहा है।
BlackRock, Fidelity के नेतृत्व में Bitcoin ETF से निकासी, मैक्रो चिंता बरकरार
SosoValue के डेटा के मुताबिक, 2026 की शुरुआत से अब तक इन फंड्स से करीब $4.5 बिलियन निकल चुके हैं, जबकि इसी साल के पहले और तीसरे हफ्ते में सिर्फ $1.8 बिलियन की inflow दर्ज की गई है।
सबसे ज्यादा नुकसान पिछले पांच हफ्तों में हुआ है, जो जनवरी के अंत से शुरू हुआ था। इसी दौरान, ETF सेक्टर से लगभग $4 बिलियन उड़न-छू हो गए। इसकी बड़ी वजह Bitcoin की हालिया प्राइस struggles मानी जा रही है।
सबसे बड़ी गिरावट इस कैटेगरी के heavyweights में देखने को मिली है। BlackRock के iShares Bitcoin Trust (IBIT) में पिछले पांच हफ्तों में $2.1 बिलियन से ज्यादा की गिरावट आई है, जबकि Fidelity के Wise Origin Bitcoin Fund (FBTC) से $954 मिलियन से भी ज्यादा की ऑउटफ्लो देखी गई।
CryptoQuant के analyst J.A. Maartun के मुताबिक, Bitcoin ETF ऑउटफ्लो $8.3 बिलियन तक पहुंच चुकी है, जो पिछले अक्टूबर के ऑल-टाइम हाई से काफी नीचे है। इससे ये साल ETF स्टार्ट होने के बाद सबसे कमजोर साल बन गया है।
इसी के साथ, withdrawal की मौजूदा लगातार ट्रेंड दिखाता है कि इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स की सोच अब पहले जैसी आक्रामक मोमेंटम वाली नहीं रही, जैसी शुरुआत के दो साल में देखी गई थी।
पिछले एक साल में, US की मैक्रो पॉलिसी की वजह से Wall Street allocators में बड़ा de-risking ट्रेंड दिखा है।
इसके चलते Digital assets से पैसा निकलकर गोल्ड और सिल्वर जैसे precious metals की ओर मूव किया है। सिर्फ context के लिए, Gold और उससे जुड़े ETFs में पिछले तीन महीनों में $16 बिलियन की inflow देखी गई है।
फिर भी, मार्केट ऑब्जर्वर्स ने बताया है कि Bitcoin ETFs की स्ट्रक्चरल फूटप्रिंट अभी भी काफी हद तक बरकरार है।
Bloomberg के सीनियर ETF एनालिस्ट Eric Balchunas का कहना है कि बड़े पैमाने पर देखा जाए तो यह शुरुआती एसेट क्लास के लिए ऐतिहासिक रूप से bullish बना हुआ है।
उन्होंने यह भी बताया कि, हालिया ऑउटफ्लो के बावजूद, इन फंड्स ने मार्केट की शुरुआती अपेक्षाओं से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। पहले साल में सिर्फ $5 बिलियन से $15 बिलियन इनफ्लो का अनुमान था, जबकि फंड्स ने इससे कहीं ज्यादा अच्छे रिजल्ट दिए हैं।