Bitcoin (BTC) हाल ही में साइडवेज मूवमेंट के साथ संघर्ष कर रहा है, जो $70,000 और $65,000 के बीच ट्रेड हो रहा है। Bitcoin में वो बुलिश मोमेंटम नहीं दिखा है, जो इस कंसोलिडेशन से बाहर निकाल सके, जिससे Bitcoin फिलहाल होल्डिंग पैटर्न में बना हुआ है।
यह ठहराव पिछले कई महीनों से जारी है और अभी कोई स्पष्ट दिशा दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि, आने वाले दिनों में मार्केट कंडीशन बदल सकती है, क्योंकि इंस्टीट्यूशनल बिहेवियर और जियोपॉलिटिकल तनातनी जैसे फैक्टर्स क्रिप्टो किंग के अगले मूव को ड्राइव कर सकते हैं।
2018-19 के बाद Bitcoin की सबसे लंबी bearish streak
Bitcoin ने अब लगातार पांच महीने रेड में बंद किए हैं, जो 2018-2019 के बाद सबसे लंबी बियरिश स्ट्रिक है। उस समय BTC ने छह महीने तक लॉसेस दर्ज किए थे, जिसका मुख्य कारण था क्रिप्टो एड बैन और ICO बबल का फूटना जैसे एक्सटर्नल फैक्टर्स।
आज के समय की बात करें तो Bitcoin एक बार फिर निगेटिव मार्केट कंडीशन का सामना कर रहा है। मौजूदा गिरावट का प्रमुख कारण बढ़ता जियोपॉलिटिकल टेंशन और रेग्युलेटरी कंसर्न है, जिससे इनवेस्टर्स की सेंटिमेंट पर भारी दबाव पड़ा है।
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आगे देखें तो, मार्च भी पुराने डाउनटर्न्स की तरह दिखाई दे सकता है। मिडल ईस्ट क्राइसिस और एनर्जी प्राइस के बढ़ने का खतरा जैसी जियोपॉलिटिकल परिस्थितियां मार्केट को प्रभावित कर सकती हैं। इनवेस्टर्स सतर्क हैं, क्योंकि ये अनिश्चितताएं ब्रॉडर फाइनेंशियल मार्केट को प्रभावित कर रही हैं, जिससे Bitcoin के लिए किसी भी तरह के इमीडिएट ब्रेकआउट की संभावना कम हो जाती है।
Bitcoin को फिर मिला इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट
कई हफ्तों की बियरिश परफॉर्मेंस के बाद Bitcoin में इंस्टीट्यूशनल बिहेवियर में बदलाव देखा गया है। क्रिप्टोकरेन्सी ने लगातार पांच हफ्ते ऑउटफ्लो झेला, जो इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की कॉन्फिडेंस की कमी को दर्शाता है।
हालांकि, इस ट्रेंड में बदलाव आया जब 27 फरवरी को खत्म हुए हफ्ते में $881 मिलियन का महत्वपूर्ण इनफ्लो आया। यह पॉजिटिव चेंज था, जहां Bitcoin ने फरवरी महीने को $311 मिलियन के इनफ्लो के साथ क्लोज किया।
यह बदलाव दिखाता है कि बड़े वॉलेट होल्डर्स एक बार फिर Bitcoin में भरोसा जता रहे हैं, जो मार्केट रिकवरी के लिए एक पॉजिटिव संकेत हो सकता है।
Bitcoin की हॉट कैपिटल शेयर में काफी गिरावट आई है, जो 27.6% से घटकर 24.1% पर आ गई है। यह बदलाव इसे 32.8% के लो स्टैटिस्टिकल बैंड से और भी नीचे ले जाता है। इस गिरावट से साफ है कि स्पेकुलेटिव और फास्ट-मूविंग कैपिटल Bitcoin से बाहर हो रही है, जिससे निकट भविष्य में सेल-साइड लिक्विडिटी रिस्क कम हो रहा है।
यह डेवेलपमेंट Bitcoin के लिए एक ज्यादा स्टेबल मार्केट एनवायरनमेंट की ओर इशारा करता है, जिसमें वोलैटिलिटी कम होगी और सेल-साइड पर दबाव भी घटेगा। जैसे-जैसे स्पेकुलेटिव कैपिटल निकल रही है, Bitcoin को एक शांत और स्टेबल मार्केट मिल सकती है, जिससे फ्यूचर में अपवर्ड मूवमेंट्स के ज्यादा चांस बन सकते हैं।
BTC प्राइस ब्रेकआउट का इंतजार
Bitcoin प्राइस पिछले एक महीने से रेंज-बाउंड है, और $70,000 से $65,000 के बीच ट्रेंड कर रहा है। क्रिप्टोकरेन्सी को इस कंसोलिडेशन फेज से ब्रेकआउट करना होगा, तभी यह अपवर्ड मूवमेंट शुरू कर पाएगा। अगर Bitcoin मौजूदा रेंज से ऊपर निकलकर अपवर्ड मोमेंटम हासिल कर लेता है, तो यह बियरिश ट्रेंड के खत्म होने और रिकवरी की शुरुआत का संकेत दे सकता है।
इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट और कम सेल-साइड लिक्विडिटी रिस्क, Bitcoin प्राइस को ऊपर ले जा सकते हैं। अगर Bitcoin, $72,294 के लेवल को सपोर्ट बना लेता है, तो यह बुलिश ट्रेंड की पुष्टि करेगा और आगे और भी गेन मिलने की संभावना को इंडिकेट करेगा।
हालांकि, अगर जियोपोलिटिकल तनाव बढ़ता है, तो Bitcoin अपनी कंसोलिडेशन को जारी रख सकता है और bearish ट्रेंड को बढ़ा सकता है। इससे कोई भी bullish कीमत भविष्यवाणी गलत साबित हो जाएगी और वर्तमान ठहराव और लंबा हो सकता है।