Bitcoin प्राइस अभी एक ही स्तर पर अटका हुआ है। BTC पिछले 24 घंटों में फ्लैट ट्रेड कर रहा है और पिछले हफ्ते लगभग 6% गिरा है। ऊपर से देखने पर कुछ भी नाटकीय नहीं लग रहा है। लेकिन अंदरूनी तौर पर, चार अलग-अलग जोखिम संकेत एक साथ दिखाई दे रहे हैं। एक बियरिश चार्ट पैटर्न बन रहा है। लॉन्ग-टर्म होल्डर्स तेजी से सेल कर रहे हैं। ETF डिमांड ने नवंबर के बाद से अपनी सबसे कमज़ोर वीक दर्ज की है। और जो खरीदार आ रहे हैं, वे ज़्यादातर शॉर्ट-टर्म और सट्टेबाज (speculative) हैं।
इनमें से कोई भी संकेत अकेले मार्केट को नहीं गिरा सकता। लेकिन ये सब मिलकर इशारा करते हैं कि Bitcoin एक सेंसिटिव लेवल पर कॉन्फिडेंस खो रहा है।
मोमेंटम कमजोर होने पर एक bearish चार्ट पैटर्न बना
12-घंटे की चार्ट पर, Bitcoin में हेड-एंड-शोल्डर्स पैटर्न बन रहा है। यह पैटर्न अपवर्ड मोमेंटम के कमजोर पड़ने को दिखाता है, जहां हर बार की रैली की चोटी पहले से नीचे रहती है। नेकलाइन करीब $86,430 के पास है।
अगर प्राइस उस नेकलाइन को ब्रेक करता है, तो अनुमानित मूव करीब 9-10% नीचे की ओर हो सकता है।
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मोमेंटम भी इस रिस्क को सपोर्ट करता है। 20-पिरियड Exponential Moving Average नीचे की ओर घूम रही है और 50-पिरियड EMA के करीब आ रही है। EMA हाल के प्राइस को ज्यादा वेट देती है और ट्रेंड डायरेक्शन समझने में हेल्प करती है। अगर बियरिश क्रॉसओवर होता है, तो सेलर्स के लिए प्राइस नीचे धकेलना आसान हो जाएगा।
यह कमजोर होती स्ट्रक्चर और ज्यादा चिंताजनक बन जाती है जब इसमें होल्डर का बिहेवियर भी जोड़ दें।
लॉन्ग-टर्म होल्डर्स की सेल-ऑफ तेज, भरोसे में कमी
लॉन्ग-टर्म होल्डर्स, यानी जो वॉलेट्स एक साल से ज्यादा Bitcoin होल्ड कर रहे हैं, वे सेलिंग प्रेशर बढ़ा रहे हैं।
21 जनवरी को, लॉन्ग-टर्म होल्डर्स ने लगभग 75,950 BTC सेल किए (आउटफ्लो)। 22 जनवरी तक यह आंकड़ा बढ़ कर लगभग 122,486 BTC हो गया। यानी सिर्फ एक दिन में सेलिंग में करीब 61% की बढ़ोतरी हुई है, और यह एक तेज़ स्पाइक है, स्लो डिस्ट्रिब्यूशन नहीं।
यह सेल-ऑफ़ डर से नहीं बल्कि ज्यादा प्राइस का भरोसा न होने की वजह से हो रही है। लॉन्ग-टर्म होल्डर NUPL, जो अनरियलाइज्ड प्रॉफिट या लॉस को मापता है, छह महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया है, लेकिन फिर भी यह ‘बिलीफ’ ज़ोन में है। होल्डर्स अभी भी प्रॉफिट में बैठे हैं।
इसका मतलब सेल-ऑफ़ पूरी तरह से वॉलेंटरी है। ये होल्डर्स खुद अपनी एक्सपोजर कम कर रहे हैं, किसी दबाव में नहीं बेच रहे। अब जब ये हाई-कन्विक्शन होल्डर्स बेचना शुरू करते हैं, तब जो नए खरीदार मार्केट में आते हैं, उनका टाइप मैटर करता है। लम्बे समय की सप्लाई रिलीज को एक्सपर्ट्स ने X पर भी हाइलाइट किया है:
Bitcoin स्पॉट ETFs ने 2026 की सबसे कमजोर वीक रिकॉर्ड की है, और नवंबर के बाद सबसे कम साप्ताहिक डिमांड भी देखी गई है।
21 जनवरी को खत्म होने वाले हफ्ते में, ETFs में करीब $1.19 बिलियन की नेट सेलिंग देखने को मिली। इससे मार्केट में एक बड़ा और स्थायी डिमांड सोर्स कम हो गया, जो पहले उपर प्राइस या पुलबैक के समय होल्डर सेल-ऑफ़ को संभालता था। इसलिए, जैसे होल्डर्स भरोसा नहीं दिखा रहे, वैसे ही ETF इन्वेस्टर्स भी अभी BTC प्राइस पर भरोसा नहीं कर रहे।
इसी के साथ, HODL Waves (जो एक टाइम-बेस्ड होल्डिंग मेट्रिक है) के डेटा के अनुसार अब मार्केट में स्पेकुलेटिव पार्टिसिपेशन बढ़ रहा है। एक हफ्ते से एक महीने तक होल्ड करने वाले इन्वेस्टर्स की सप्लाई शेयर 11 जनवरी को 4.6% से बढ़कर अब लगभग 5.6% हो गई है। यानी, शॉर्ट पीरियड में ही इस कोहोर्ट का शेयर करीब 22% बढ़ा है।
यह इसलिए मायने रखता है क्योंकि ये होल्डर्स आम तौर पर डिप पर खरीदी और रिबाउंड पर सेल करते हैं। ये स्थायी सपोर्ट नहीं देते।
इस वक्त Bitcoin में लॉन्ग-टर्म होल्डर्स और ETFs से शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स की तरफ ट्रांसफर देखने मिल रहा है। यह ट्रांजिशन अक्सर अपसाइड को कैप करता है और डाउनसाइड सेंसिटिविटी बढ़ाता है।
Bitcoin प्राइस के अहम लेवल्स जो रिस्क बढ़ा सकते हैं
अब चारों रिस्क (टेक्निकल, लॉन्ग-टर्म सेलिंग, ETF कमजोरी और स्पेक्युलेटिव इनफ्लो) एक संकीर्ण प्राइस रेंज में कंसन्ट्रेट हो गए हैं।
अपवर्ड साइड पर, Bitcoin को $90,340 से ऊपर 12-घंटे का मजबूत क्लोज चाहिए, जिससे तुरंत दबाव कम हो (राइट शोल्डर के ऊपर)। $92,300 फिर से हासिल करना ज्यादा अहम होगा, क्योंकि इससे प्राइस की- मूविंग एवरेजेस के ऊपर पहुंचेगा।
तब तक के लिए, बियरिश सेटअप एक्टिव रहेगा।
डाउनसाइड पर, अगर Bitcoin $86,430 से नीचे जाता है तो हेड-एंड-शोल्डर ब्रेकडाउन कन्फर्म हो जाएगा। लॉन्ग-टर्म होल्डर्स तेजी से सेल कर रहे हैं, ETF डिमांड कई महीनों के लो पर है और स्पेक्युलेटिव बायर्स डॉमिनेट कर रहे हैं। इसलिए अगर सपोर्ट फेल होता है तो डाउनसाइड मूवमेंट तेज़ी से बढ़ सकती है।