Bitcoin मंगलवार को $91,000 जोन पर वापस गिर गया, जबकि एक दिन पहले इसने थोड़े समय के लिए $94,000 को फिर से छू लिया था।
नई डाटा से पता चला है कि जरूरी रेजिस्टेंस के पास मजबूत सेलिंग प्रेशर मौजूद है, भले ही डिमांड इंडीकेटर्स में सुधार देखने को मिल रहा है।
हेवी सेल-ऑर्डर्स की वजह से Bitcoin की रैली $95,000 के पास रुकी
यह पुलबैक तब आया जब $94,000–$95,000 रेंज से ऊपर जाने की कोशिश नाकाम रही। यहां ऑर्डर बुक डाटा में सामने आया कि बड़ी exchanges पर करीब $100 मिलियन की सेल-ऑफ ऑर्डर लाइन में लगी हुई थी।
इतनी ज्यादा लिक्विडिटी ने एक तरह से छत की तरह काम किया, जिससे रैली रुक गई और शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो गई।
Bitcoin के लिए $91,000 का लेवल 2025 की शुरुआत में मार्केट में आने वाले नए बायर्स के लिए एक अहम एंट्री पॉइंट रहा है। ऐसा लगता है कि ये बायर्स हाल की वॉलेटिलिटी के बाद आज शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुक कर रहे हैं।
ऑर्डर बुक हीटमैप्स से दिखा कि जैसे ही Bitcoin ने इस जोन में एंट्री की, सेलर्स ने बाय प्रेशर को अब्जॉर्ब करना शुरू कर दिया।
जैसे ही अपवर्ड मोमेंटम रुका, लेवरेज्ड ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशंस एग्जिट कर लीं, जिससे गिरावट और तेज हो कर $91,000 तक पहुंच गई। इस मूवमेंट ने मार्केट स्ट्रक्चर को दर्शाया, ना कि मार्केट सेंटिमेंट में अचानक बदलाव को।
प्राइस रिवर्सल की उम्मीद बरकरार
इस पुलबैक के बावजूद भी, ऑन-चेन और फ्लो डाटा से संकेत मिलता है कि ओवरऑल ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है।
CryptoQuant की डाटा के मुताबिक, Binance पर Bitcoin-टू-स्टेबलकॉइन रिजर्व रेश्यो फिर से बढ़ने लगा है, जिससे इशारा मिलता है कि मार्केट में बाइंग पावर बढ़ रही है और कई इन्वेस्टर्स मौके का इंतजार कर रहे हैं।
ज्यादा रेश्यो यह दिखाती है कि ट्रेडर्स अपने फंड स्टेबलकॉइन में होल्ड करके बैठे हैं और सही एंट्री पॉइंट का इंतजार कर रहे हैं। आमतौर पर वे पुलबैक के समय ही कैपिटल लगाते हैं, ना कि रैली के पीक में भागते हैं।
लिक्विडिटी में धीरे-धीरे यह बढ़ोतरी अक्सर कंसोलिडेशन फेज से पहले होती है, जिसमें प्राइस एक रेंज में घूमता है और फिर किसी एक दिशा में तेजी से मूव करता है। आमतौर पर यह शॉर्प और वर्टिकल रैली को सपोर्ट नहीं करता।
इंस्टिट्यूशनल डिमांड भी अभी कायम है। 5 जनवरी को Spot Bitcoin ETF में करीब $697 मिलियन की नेट इनफ्लो आई, जिससे ओवरऑल इनफ्लो लगभग $58 बिलियन के करीब पहुंच गया है।
इसमें सबसे खास बात यह है कि ये इनफ्लो तब भी जारी रहे जब Bitcoin रेजिस्टेंस के करीब संघर्ष कर रहा था। यह बताता है कि डिमांड शॉर्ट-टर्म मोमेंटम की बजाय लॉन्ग-टर्म पोजिशनिंग से आ रही है।
मजबूत ETF इनफ्लो और शॉर्ट-टर्म प्राइस वीकनेस के बीच का कांट्रास्ट मार्केट में बढ़ती डिवाइड को दिखाता है।
लॉन्ग-टर्म खरीदार लगातार ऐक्यूम्युलेट कर रहे हैं, जबकि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स टेक्निकल लेवल्स और लिक्विडिटी क्लस्टर्स पर रिएक्ट कर रहे हैं। इसी डायनेमिक के कारण Bitcoin $94,000 से ऊपर गेन बनाए रखने में असफल रहा लेकिन फिर भी व्यापक पैनिक सेलिंग ट्रिगर नहीं हुई।
प्राइस गिरने के दौरान हैवी एक्सचेंज इनफ्लो या लॉन्ग-टर्म होल्डर की ओर से कोई आक्रामक डिस्ट्रीब्यूशन दिखाई नहीं दी है।
फिलहाल, डेटा कंसोलिडेशन को दिखाता है, न कि रिवर्सल को। $95,000 का लेवल तभी क्लियर होगा जब स्पॉट डिमांड मजबूत रहेगी, सेल-साइड लिक्विडिटी कम होगी और रिस्क मार्केट्स में फॉलो-थ्रू मिलेगा।
तब तक, $90,000 के लो रेंज तक की पुलबैक मार्केट के लिए हाल के गेन को समझने जैसा है।