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Bitcoin ने कुछ घंटों में करीब $100 बिलियन जोड़े और गंवाए, आखिर हुआ क्या?

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Mohammad Shahid

17 दिसंबर 2025 23:42 UTC
  • 17 दिसंबर को Bitcoin ने थोड़े समय के लिए मार्केट वैल्यू में $56 बिलियन जोड़ा, लेकिन leveraged liquidations के चलते पीक से लगभग $100 बिलियन गंवाए
  • $90,000 के ऊपर शॉर्ट स्क्वीज़ के बाद तेज़ लॉन्ग लिक्विडेशन cascade से मार्केट मूव हुआ, न कि किसी खबर या स्पॉट डिमांड से
  • हाई लीवरेज और कम liquidity के कारण Bitcoin में तेज़ intraday उतार-चढ़ाव, मार्केट की कमजोरी उजागर

Bitcoin ने 17 दिसंबर को जबरदस्त वॉलेटिलिटी देखी, जहां इसकी प्राइस एक घंटे से भी कम समय में $3,000 से ज्यादा बढ़ी, फिर अचानक तेज गिरावट आई और प्राइस वापस $86,000 के करीब पहुंच गई।

इस जबरदस्त प्राइस मूवमेंट के पीछे कोई बड़ी न्यूज़ नहीं थी। मार्केट डेटा के अनुसार यह प्राइस मूवमेंट लिवरेज, पोजिशनिंग और कमज़ोर लिक्विडिटी कंडीशंस की वजह से हुआ।

शॉर्ट स्क्वीज़ से Bitcoin प्राइस में तेज़ी आई

शुरुआती रैली तब शुरू हुई जब Bitcoin ने $90,000 के लेवल की ओर मूव करना शुरू किया, जो एक बड़ी साइकोलॉजिकल और टेक्निकल रेजिस्टेंस जोन मानी जाती है।

Bitcoin प्राइस का वाइल्ड स्विंग 17 दिसंबर को। स्रोत: CoinGecko

लिक्विडेशन डेटा के अनुसार, leveraged short positions का एक क्लस्टर इस लेवल के ऊपर मौजूद था। जब प्राइस ऊपर गई, तो उन शॉर्ट्स को बंद करना पड़ा। इस प्रक्रिया के लिए Bitcoin खरीदना पड़ता है, जिससे प्राइस और तेजी से बढ़ गई।

करीब $120 मिलियन की शॉर्ट पोजिशन spike के दौरान लिक्विडेट हुई। इससे एक क्लासिक शॉर्ट स्क्वीज बन गई, जहां जबरन की गई खरीदारी ने मूवमेंट को नॉर्मल डिमांड से भी आगे बढ़ा दिया।

क्रिप्टो मार्केट लिक्विडेशंस 17 दिसंबर को। स्रोत: Coinglass

इस स्टेज पर मूवमेंट काफी स्ट्रॉन्ग लग रही थी। लेकिन इसके पीछे की स्ट्रक्चर काफी कमजोर थी।

रैली में तेजी के बाद लॉन्ग लिक्विडेशन की शुरुआत

जैसे ही Bitcoin ने थोड़ी देर के लिए $90,000 का लेवल री-क्लेम किया, कई नए ट्रेडर्स मार्केट में मोमेंटम के पीछे भागते हुए आ गए।

इनमें से ज्यादातर ट्रेडर्स ने leveraged long positions ओपन की, उम्मीद थी कि ब्रेकआउट टिकेगा। लेकिन, इस रैली में कोई खास स्पॉट बाइंग नहीं हुई और प्राइस जल्द ही थम गई।

जैसे ही प्राइस गिरना शुरू हुई, इन लोंग पोजिशन पर रिस्क आ गया। जैसे ही की-सपोर्ट लेवल्स टूटे, एक्सचेंजेज ने इन पोजिशन को ऑटोमेटिकली लिक्विडेट करना शुरू कर दिया। ऐसे में $200 मिलियन से ज्यादा की लॉन्ग्स लिक्विडेट हो गईं, जिससे पूरे मार्केट में जबरदस्त असर हुआ।

इस दूसरी वेव से पता चलता है कि गिरावट इतनी तेज़ और गहरी क्यों थी, जितनी शुरुआत में आई तेजी नहीं थी।

कुछ घंटों में ही Bitcoin फिर $86,000 के पास आ गया और लगभग सारी बढ़त खत्म हो गई।

पोजिशनिंग डेटा दिखा रहा मार्केट सेटअप कमजोर

Binance और OKX से आए ट्रेडर पोजीशनिंग डेटा बताते हैं कि यह प्राइस मूवमेंट इतना हिंसक क्यों रहा।

Binance पर, टॉप ट्रेडर अकाउंट्स की लॉन्ग पोजीशन अचानक तेजी से बढ़ गई थी, लेकिन पोजीशन-साइज़ डेटा से पता चलता है कि उनका भरोसा कम था। यानी, बहुत सारे ट्रेडर्स लॉन्ग तो थे, पर भारी अमाउंट से नहीं थे।

Binance Futures पर Bitcoin लॉन्ग/शॉर्ट रेश्यो। स्रोत: Coinglass

OKX पर, वोलैटिलिटी के बाद पोजीशन-बेस्ड रेश्यो बहुत तेज़ी से बदले। यह बताता है कि बड़े ट्रेडर्स ने जल्दी से अपनी पोजीशन बदली — या तो उन्होंने गिरावट में खरीदी की या liquidation के साथ-साथ हेजिंग एडजस्ट की।

इस तरह जब ट्रेडर्स की पोजिशन भीड़ में हो, भरोसा मिला-जुला हो और लीवरेज ज्यादा हो, तो मार्केट किसी भी दिशा में बिना चेतावनी के बहुत ज़ोर से मूव कर सकता है।

OKX पर Bitcoin लॉन्ग/शॉर्ट रेश्यो। स्रोत: Coinglass

Market Makers या Whales ने किया था मूव manipulate?

ऑन-चेन डेटा ने दिखाया कि Wintermute जैसे मार्केट मेकर वोलैटिलिटी के दौरान Bitcoin को एक एक्सचेंज से दूसरे एक्सचेंज में ट्रांसफर कर रहे थे। ये ट्रांसफर प्राइस स्विंग्स के साथ हुए, लेकिन इससे मैनिपुलेशन साबित नहीं होती।

मार्केट मेकर्स अक्सर स्ट्रेस के समय अपना इन्वेंटरी बैलेंस करते हैं। एक्सचेंज में डिपॉजिट होना हेजिंग, मार्जिन मैनेजमेंट या लिक्विडिटी प्रोविजन के लिए हो सकता है, जरूरी नहीं कि सेल-ऑफ़ के लिए हो।

सबसे जरूरी बात, ये पूरा मूवमेंट जानी-पहचानी मार्केट मेकैनिक्स से समझाया जा सकता है: लिक्विडेशन क्लस्टर्स, लीवरेज और पतला ऑर्डर बुक। किसी ज्यादा बड़ी मिली-जुली मैनिपुलेशन का कोई सीधा प्रमाण नहीं मिला है।

Wintermute बड़े पैमाने पर Bitcoin को सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजेस में रीपोजिशन कर रहा है। स्रोत: Arkham

आगे Bitcoin के लिए क्या मायने रखता है

यह एपिसोड आज के Bitcoin मार्केट में एक बड़ा रिस्क दिखाता है।

मार्केट में अभी भी लीवरेज काफी ज्यादा है। तेज़ मूवमेंट्स में लिक्विडिटी बहुत जल्दी कम हो जाती है। जब प्राइस मेन लेवल्स के पास पहुंचती है, तो फोर्स्ड लिक्विडेशन्स प्राइस मूवमेंट को कंट्रोल कर लेते हैं।

उन घंटों के दौरान Bitcoin के फंडामेंटल्स में कोई बदलाव नहीं आया। ये उतार-चढ़ाव मार्केट स्ट्रक्चर की कमजोरी को दिखाता है, ना कि लॉन्ग-टर्म वैल्यू में बदलाव को।

जब तक लीवरेज रीसेट नहीं होता और पोजिशनिंग हेल्दी नहीं बनती, ऐसे तेज़ मूव्स फिर से हो सकते हैं। इस केस में, Bitcoin किसी न्यूज़ की वजह से रैली या क्रैश नहीं हुआ।

यह मूवमेंट सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि लीवरेज ने प्राइस को खुद उसके खिलाफ मोड़ दिया।

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