Bitcoin (BTC) इस समय $92,733 पर ट्रेड कर रहा है। यह पिछले कुछ हफ्तों से $90,000 से नीचे रहने के बाद रिकवरी रैली जारी रखे हुए है। हालांकि, अब इस पायनियर क्रिप्टोकरेन्सी के सामने एक बड़ा टेस्ट है: US Supreme Court का राष्ट्रपति Trump द्वारा लगाए गए ग्लोबल टैरिफ्स पर फैसला, जो 9 जनवरी को आने वाला है।
यह फैसला ट्रेजरी को इम्पोर्टर्स को $133–$140 बिलियन तक रिफंड करने के लिए मजबूर कर सकता है, जिससे क्रिप्टोकरेन्सी, इक्विटी और बॉन्ड मार्केट्स में काफी वोलैटिलिटी आ सकती है।
Crypto investors 9 January को संभावित झटके के लिए तैयार
यह केस इस बात पर केंद्रित है कि क्या Trump ने टैरिफ्स लगाते वक्त अपनी अथॉरिटी से ज्यादा कदम उठा लिया था, जिनसे उनके अनुसार करीब $600 बिलियन की इनकम जनरेट हुई।
जस्टिसेज चार हफ्तों की ब्रेक के बाद 10:00 A.M. ET शुक्रवार को ओपिनियन रिलीज करने लौट रहे हैं। अगर टैरिफ्स के खिलाफ फैसला आता है, तो यह तुरंत फिस्कल स्ट्रेस और पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता बढ़ा देगा।
टैरिफ्स के अमान्य होने की संभावना ज्यादा
Prediction markets ने इस रिस्क को हाइलाइट किया है, जिसमें Polymarket के मुताबिक Trump के टैरिफ्स के अपहोल्ड होने की संभावना 22% है। यानी Supreme Court के टैरिफ्स को खत्म करने की संभावना 78% है।
“यह शुक्रवार 2026 का सबसे खराब दिन होगा! Trump का कहना है कि टैरिफ्स से करीब $600 बिलियन की कमाई हुई है। अगर कोर्ट टैरिफ्स को खत्म कर देता है, तो मार्केट तुरंत पूछेगा कि कितना अमाउंट रिफंड होगा और कितनी जल्दी? यह ‘स्पष्टता’ नहीं, बल्कि ‘अराजकता’ है …और सभी मार्केट्स एक साथ र repriced होंगी। …यह वोलैटिलिटी बम है, जो सबसे खराब समय पर गिरने वाला है।” ऐसा कहा ट्रेडर Wimar.X ने, इस संभावित शार्प मार्केट र प्राइसिंग की ओर इशारा करते हुए।
इस फैसले का असर केवल रिफंड तक सीमित नहीं रहेगा। अचानक बदलाव से ट्रेडिशनल और डिजिटल मार्केट्स दोनों में वोलैटिलिटी और बढ़ सकती है। Bitcoin, जो मैक्रो और पॉलिसी शॉक्स के लिए काफी सेंसिटिव है, उसके प्राइस में भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।
मौजूदा मैक्रो कंडीशंस से Bitcoin में रिस्क बढ़ा
अभी के मार्केट कंडीशंस में क्रिप्टो और फाइनेंशियल मार्केट्स दोनों ज्यादा वलनरेबल हैं। इक्विटी वेल्यूएशन्स काफी स्ट्रेच हो गई हैं, कंपनियों का खर्च बढ़ा हुआ है और पासिव इन्वेस्टमेंट फ्लो से रिस्क मेजर इंडेसेस में सिमट गया है।
इस माहौल में, अगर कोई बड़ा पॉलिसी झटका आता है तो इससे इंस्टिट्यूशनल और रिटेल दोनों पार्टिसिपेंट्स को जल्दी एडजस्टमेंट्स करने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बॉन्ड रेट्स अचानक बढ़ सकते हैं, स्टॉक्स गिर सकते हैं और क्रिप्टो बाजार भी फॉलो कर सकता है। कुछ एक्सपर्ट्स ने ये भी कहा है कि अगर Trump केस हार जाते हैं तो ये आज के मार्केट्स के लिए सबसे बड़ा, कम आंका गया रिस्क है।
यह फैसला ट्रेड, मंदी और क्रॉस-बॉर्डर फ्लो पर भी बड़ा असर डाल सकता है। टैरिफ में बदलाव से इम्पोर्ट कॉस्ट, कॉरपोरेट मार्जिन और वो लिक्विडिटी भी प्रभावित हो सकती है, जिस पर डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) प्लेटफॉर्म्स और इंटरनेशनल कैपिटल फ्लो पर डिपेंडेंट टोकनाइज्ड असेट्स निर्भर करती हैं।
Bitcoin की रैली टेक्निकली इम्पोर्टेंट जरूर है, लेकिन अब इसके सामने एक अनिश्चित माहौल है, क्योंकि 9 जनवरी क्रिप्टो और ब्रॉडर फाइनेंशियल मार्केट्स दोनों के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।