इस हफ्ते कई US आर्थिक डेटा पॉइंट्स जारी होने वाले हैं, जिनका निवेशकों की सेंटीमेंट पर बड़ा असर पड़ सकता है और इससे Bitcoin प्राइस में बदलाव देखने को मिल सकता है।
निवेशक नीचे दिए गए हेडलाइंस के अनुसार 12 जनवरी से 17 जनवरी के बीच ट्रेडिंग करके अपनी पोर्टफोलियो को बेहतर तरीके से प्लान कर सकते हैं।
मंगलवार से गुरुवार के बीच चार बड़े मैक्रोइकोनॉमिक इवेंट्स होने वाले हैं, जिससे इन दिनों Bitcoin प्राइस volatility बढ़ने की संभावना ज्यादा है।
US CPI में December 2025 के डेटा की रिपोर्ट
इस हफ्ते सबसे ज्यादा चर्चा US Consumer Price Index (CPI) रिलीज की है, जो मंगलवार को आएगा। मार्केट्स को उम्मीद है कि मंदी कूलिंग ट्रेंड्स जारी रहेंगे।
अनुमान है कि हेडलाइन CPI साल-दर-साल 2.7% रहेगा (उतना ही जितना नवंबर में था), और कोर CPI 2.6-2.7% पर रहेगा, जिससे 2025 के आखिर में दिखी डिसइंफ्लेशन मोमेंटम बरकरार रहेगी।
यह नवंबर की रिपोर्ट के बाद आ रहा है, जो अनुमान से कम थी और उससे Fed की पॉलिसी ईज़िंग की उम्मीदों को 2026 के लिए बढ़ावा मिला।
अगर CPI अनुमान से कम रहता है (कम मंदी), तो लेट-जनवरी FOMC मीटिंग से पहले रेट कट की उम्मीदें बढ़ेंगी, जिससे डॉलर कमजोर होगा और BTC जैसे रिस्क असेट्स को सपोर्ट मिलेगा।
अगर CPI में नरमी आई तो Bitcoin प्राइस बढ़ सकता है, क्योंकि कम मंदी की वजह से “डिजिटल गोल्ड” में निवेश बढ़ सकता है और लिक्विडिटी ज्यादा हो सकती है। वहीं अगर आंकड़े ज्यादा आते हैं तो शॉर्ट-टर्म volatility और प्राइस दबाव बढ़ेगा, जिससे Fed का सख्त रुख बरकरार रहेगा और BTC $90,000 सपोर्ट लेवल के पास आ सकता है।
इस लेख के लिखे जाने तक Bitcoin की ट्रेडिंग $91,977 पर चल रही थी। अभी मार्केट में वोलैटिलिटी कम दिखाई दे रही है, जिससे CPI उम्मीद से कम आने पर एक संभावित राहत रैली देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर, उम्मीदें Bitcoin के लिए पॉजिटिव हैं। वोलैटिलिटी बरकरार रहने की संभावना है, लेकिन अगर Fed का रुख नरम रहा तो ऊपर की तरफ प्राइस मूवमेंट देखने को मिल सकती है।
US PPI नवंबर डेटा पर
इस हफ्ते देखने लायक अमेरिका का एक और अहम आर्थिक डेटा Producer Price Index (PPI) है, जो बुधवार को जारी होना है। इसमें नवंबर 2025 का डेटा शामिल होगा। US PPI थोक स्तर पर मंदी का एक प्रमुख इंडिकेटर है और यह अक्सर CPI के कंज्यूमर ट्रेंड्स की भविष्यवाणी करता है।
उम्मीद की जा रही है कि यह आंकड़ा सालाना आधार पर लगभग 2.7% के आसपास रहेगा (हालिया पिछले डेटा से मेल खाता है)। कोर PPI भी इसी के आस-पास रहने की संभावना है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सप्लाई चेन में प्रेशर कंट्रोल में है, भले ही ट्रेड को लेकर असमर्थता बनी हुई है।
खास बात यह है कि US PPI, Fed की अपेक्षाओं को तय करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डेटा कमजोर आने पर डिसइन्फ्लेशन की कहानी को मजबूती मिलेगी, जिससे रेट कट्स की उम्मीद बढ़ेगी और लिक्विडिटी बेहतर होने पर Bitcoin जैसे रिस्क एसेट्स को सपोर्ट मिलेगा।
यह ट्रेंड उस पैटर्न से मेल खाता है, जहाँ प्रोड्यूसर लेवल पर मंदी $ को कमजोर बनाती है और BTC जैसे हाई-बीटा एसेट्स में निवेश को बढ़ावा देती है।
अगर डेटा ज्यादा गर्म आता है, तो मंदी लगातार बने रहने की चिंता बढ़ सकती है (खासकर टैरिफ्स पर बहस के बीच)। इससे यील्ड्स में तेजी आ सकती है और क्रिप्टो पर दबाव बन सकता है।
Bitcoin का सेंटिमेंट X (ट्विटर) पर फिलहाल सावधानी से पॉजिटिव है। PPI डेटा को मंगलवार के CPI के बाद सेकेंडरी लेकिन कंफर्मिंग सिग्नल की तरह देखा जा रहा है। अगर यह कूलिंग ट्रेंड्स के साथ मेल खाता है तो CPI के बाद ऊपर की रैली को भी आगे बढ़ा सकता है, जिससे BTC के $92,000 से ऊपर बने रहने या फिर से हासिल करने में मदद मिलेगी।
इसके उलट, कोई बड़ा सरप्राइज़ अपवर्ड मूवमेंट दिखाए, तो BTC में शॉर्ट-टर्म करेक्शन $88,000-$90,000 की रेंज तक आ सकते हैं। फिर भी, हाल के मैक्रो इकोनॉमिक सेटअप्स में Bitcoin की मजबूती को नजरअंदाज करना मुश्किल है। इसका मतलब यह है कि PPI अकेले प्राइस मूवमेंट को डिक्टेट नहीं करेगा, लेकिन अगर डेटा अच्छा रहा तो यह रिस्क-ऑन मोमेंटम को मजबूती दे सकता है।
Supreme Court की अगली ओपिनियन डे कब है
Supreme Court इस हफ्ते कई अहम मामलों में अपनी राय जारी कर सकती है, जिनमें Trump टैरिफ्स पर फैसला भी शामिल है। Supreme Court का 14 जनवरी का ओपिनियन डे अहम है, क्योंकि अब यह President Trump के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पॉवर्स एक्ट के तहत लगाए गए “Liberation Day” tariffs की वैधता पर अंतिम फैसला दे सकती है।
9 जनवरी को कोई फैसला नहीं आया था, इसके बाद बाजार (Polymarket पर 27% संभावना के साथ) यह मान रहा है कि Court इन टैरिफ्स को खारिज कर सकती है। इससे $133-150+ बिलियन ड्यूटीज़ रिफंड करने की ज़रूरत पड़ सकती है।
बुधवार का फैसला Bitcoin के लिए एक बड़ा मैक्रो कैटेलिस्ट बन सकता है, अगर वह अमान्य हो जाता है:
- मंदी की उम्मीदें कम होंगी (tariffs को inflation बढ़ाने वाला माना जाता है)
- फाइनेंशियल कंडीशंस में ढील आएगी
- $ कमजोर हो सकता है, और
- रिस्क लेने की इच्छा बढ़ सकती है
ये सभी फैक्टर BTC के लिए एक मजबूत सपोर्ट बन सकते हैं, जिससे BTC hedge के रूप में उभर सकता है। इससे रिलीफ रैली, अपवर्ड वोलैटिलिटी और लिक्विडिटी इनफ्लो संभव है।
वहीं, अगर Supreme Court Trump tariffs को बरकरार रखता है (जो कम संभावना है), तो यह ट्रेड टेंशन बनाए रख सकता है, inflation के रिस्क को बढ़ा सकता है और शॉर्ट-टर्म में risk assets पर दबाव डाल सकता है।
Initial Jobless Claims
गुरुवार को जारी होने वाला Initial Jobless Claims डेटा US labor market की हेल्थ का सबसे नया अपडेट देगा। हाल ही में आए आंकड़े मजबूती दिखा रहे हैं। उदाहरण के लिए, पिछले हफ्ते लगभग 208,000 क्लेम आए जबकि उम्मीदें 210,000 से ज्यादा थीं।
फॉरकास्ट करीब 220,000 पर हैं, जो दिखाता है कि बाजार स्थिर है, लेकिन बहुत ज्यादा गर्म नहीं है। यह डेटा, जिसमें बताया जाता है कि पिछले हफ्ते कितने US नागरिकों ने बेरोज़गारी बीमा के लिए क्लेम किया, Fed के लिए एक मुख्य इंडिकेटर माना जाता है।
अगर क्लेम कम रहते हैं (यानि ज्यादा लोगों की नौकरी सलामत है), तो ये ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की Story को सपोर्ट करेगा। इससे Fed के रेट कट की जरूरत कम पड़ेगी और शॉर्ट-टर्म में BTC की अपसाइड लिमिटेड रह सकती है।
अगर क्लेम ज्यादा आते हैं, तो यह दिखाता है कि employment ठंडा पड़ रहा है, जिससे रेट कट की संभावना बढ़ेगी और इससे Bitcoin के लिए बुलिश माहौल बन सकता है क्योंकि liquidity expectations बढ़ेंगी।
अगर सर्वप्राइजिंगली डेटा कम आया तो यील्ड बढ़ सकती है और BTC पर $88,000 की ओर दबाव बन सकता है। वहीं अगर आंकड़े ज्यादा आते हैं, तो यह CPI/PPI के बाद के बुलिश मोमेंटम को आगे बढ़ा सकता है।
ट्रेडर्स इसे प्रमुख नहीं बल्कि कन्फर्म करने वाला डेटा मानते हैं, लेकिन अगर volatility हाई रही तो हफ्ते भर की inflation-heavy खबरों में यह भी बड़ा रोल निभा सकता है।