Bitcoin के ऑन-चेन डेटा में बड़े होल्डर्स और छोटे निवेशकों के बीच साफ़ फर्क दिखाई दे रहा है। जब जनवरी की शुरुआत में रैली हुई थी, तब रिटेल ट्रेडर्स प्रॉफिट बुकिंग कर रहे थे, वहीं व्हेल्स इसका उल्टा कर रहे थे। Santiment के डेटा के अनुसार, ऐसा डिवर्जेंस पहले भी मार्केट के bullish होने की संभावनाएं बढ़ाता रहा है।
Santiment के डेटा रिलीज़ के समय Bitcoin $93,000 से ऊपर ट्रेड कर रहा था, इस समय कई रिटेल निवेशकों को अपनी पोजीशन का रिव्यू करते हुए देखा गया, जिसमें वे Bitcoin प्रॉफिट्स कैलकुलेट कर रहे थे। इस दुबारा आकलन के चलते, छोटे वॉलेट्स ने प्रॉफिट-टेकिंग शुरू कर दी, जबकि बड़े होल्डर्स Bitcoin की एक्सपोज़र बढ़ाते रहे।
10 से 10,000 BTC होल्ड करने वाले एड्रेसेज ने मिड-डिसंबर से लेकर जनवरी की शुरुआत तक 56,000 से ज्यादा कॉइन्स जमा किए। वहीं, 0.01 BTC से कम वाले वॉलेट्स ने सेल शुरू कर दी, जिससे ये दिखता है कि छोटे निवेशक इस रैली को शॉर्ट-लिव्ड मान रहे थे, लॉन्ग-टर्म अपवर्ड मूवमेंट की उम्मीद नहीं कर रहे थे।
रिटेल ट्रेडर्स ने रैली के बाद प्रॉफिट लिया
छोटे Bitcoin होल्डर्स ने जनवरी की शुरुआत में Bitcoin के हल्का ऊपर जाते ही तेज़ी से बिटकॉइन बेचना शुरू किया। जैसे ही Bitcoin $93,000 पार गया, कई रिटेल निवेशकों ने प्रॉफिट लॉक करने को तरजीह दी, बजाय आगे एक्सपोज़र बढ़ाने के।
इस बिहेवियर ने ये दिखाया कि छोटे निवेशक इस रैली को एक bull trap मान रहे थे। रिटेल ट्रेडर्स को इस बात का डर था कि हाल के ऊपरी स्तर टिकेंगे नहीं, खासकर जब पिछली कुछ हफ्तों में तेज़ मूवमेंट देखी गई थी। इसी वजह से, छोटे BTC बैलेंस वाले वॉलेट्स ने उस वक्त बिकवाली का प्रेशर डाला।
Santiment ने अपने डेटा-भरे ट्वीट में कहा कि दिसंबर के मिड में रिटेल एक्टिविटी ज्यादा मिली-जुली और बिना किसी साफ़ ट्रेंड के थी, पर अब हालिया रैली के बाद प्रॉफिट-टेकिंग में उछाल आया।
Bitcoin Whales ने सेलिंग प्रेशर संभाला
जब रिटेल निवेशकों ने पोज़िशन एक्सिट कर मार्केट में डिप बनाया, तब बड़े Bitcoin होल्डर्स लगातार accumulate करते रहे। 10 से 10,000 BTC रखने वाले वॉलेट्स ने 17 दिसंबर के बाद से अब तक 56,227 कॉइन्स जोड़े—even जब प्राइस साइडवेज़ चला।
Santiment ने इस पैटर्न को अपने फ्रेमवर्क में सबसे बुलिश कन्फ़िगरेशन में से एक बताया है। व्हेल accumulation और रिटेल distribution का कंबिनेशन अक्सर क्रिप्टो असेट्स की मार्केट कैप ग्रोथ से पहले देखा गया है।
डेटा से पता चलता है कि बड़े होल्डर्स बेचने के प्रेशर को आराम से absorb कर रहे थे। ये लगातार खरीदारी, रिटेल की हिचकिचाहट से अलग थी और लॉन्ग-टर्म होराइजन वालों की कॉन्फिडेंस दिखा रही थी।
रिटेल निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है
इतिहास में देखा गया है कि जब भी Bitcoin व्हेल्स accumulate करती हैं और रिटेल बिकवाली करता है, तब कई बार उसी के बाद मार्केट ऊपर गया है। हालांकि, Santiment का ये भी कहना है कि पॉजिटिव संभावनाएं होने के बाद भी outcomes की गारंटी नहीं मिलती। ऐसे बुलिश फेज कुछ दिन या हफ्तों तक चल सकते हैं, और अगर सिचुएशन बदलती है तो व्हेल्स का बिहेवियर भी तेजी से बदल सकता है।
रिटेल निवेशकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि बिना सोचे-समझे किसी भी साइड को फॉलो न करें। अभी का सेटअप ये दिखा रहा है कि सतह के नीचे मजबूती है, लेकिन रिस्क मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। व्हेल accumulation और रिटेल सेलिंग के बीच कितना गैप है, इसे ट्रैक करना फायदेमंद हो सकता है, खासतौर पर जब मार्केट वॉलेटाइल हो।
फिलहाल, Bitcoin की मार्केट स्ट्रक्चर supportive लग रही है। रिटेल निवेशक दोबारा entry करेंगे या सतर्क रहेंगे, ये इस बात पर निर्भर करता है कि ये divergence कब तक बनी रहती है।