BitGo ने ऑफिशियली 2026 के लिए क्रिप्टो IPO कैलेंडर खोल दिया है, जिसमें न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) पर इसकी डेब्यू लिस्टिंग साल की शुरुआती बड़ी डिजिटल आसेट लिस्टिंग्स में से एक होगी।
यह संकेत देता है कि सेक्टर में इंस्टीट्यूशनल डीलर्स की रुचि फिर से बढ़ रही है, लेकिन यह पसंदीदा और सीमित तरीके से हो रही है।
BitGo ने क्रिप्टो की 2026 IPO विंडो खोली, Custody-First पर बड़ा दांव
Palo Alto स्थित डिजिटल एसेट इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए शेयर प्राइस $18 तय किया है। यह मार्केटेड रेंज $15 से $17 से ऊपर है, जिससे कंपनी की वैल्यू लगभग $2.1 बिलियन आंकी गई है।
रेंज से ऊपर प्राइसिंग अभी भी सतर्क तरीके से चल रहे मार्केट में एक खास संकेत है। BTGO टिकर के तहत ट्रेडिंग 22 जनवरी से शुरू होगी, प्राइसिंग एक दिन पहले फाइनल हुई थी।
इस IPO के जरिए करीब $213 मिलियन जमा हुए हैं, जिसमें कंपनी द्वारा जारी किए गए प्राइमरी शेयर और मौजूद शेयर्डर्स के सेकेंडरी शेयर दोनों शामिल हैं।
पिछली क्रिप्टो लिस्टिंग्स जो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स और रिटेल वोलैटिलिटी पर केंद्रित थीं, उनसे अलग, BitGo का पब्लिक मार्केट इन्वेस्टर्स के लिए फोकस कस्टडी, कंप्लायंस और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर है।
2013 में शुरू हुई यह कंपनी क्वालिफाइड कस्टोडियन के तौर पर इंस्टीट्यूशनल क्लाइंट्स को सर्विस देती है। BitGo डिजिटल आसेट कस्टडी, वॉलेट्स, लेंडिंग, staking, लिक्विडिटी और स्टेबलकॉइन व क्रिप्टो ऐप्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर-एज़-अ-सर्विस जैसी सर्विसेज भी देती है।
30 सितंबर 2025 तक, BitGo ने रिपोर्ट किया कि वह 4,900 से ज्यादा क्लाइंट्स और 1.1 मिलियन यूज़र्स को 100+ देशों में सर्विस देता है। यह 1,550 से ज्यादा डिजिटल आसेट्स को सपोर्ट करती है और प्लैटफॉर्म पर लगभग $104 बिलियन एसेट्स मैनेज कर रही है।
इसके क्लाइंट्स में फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन्स, कॉर्पोरेशन्स, टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स, गवर्नमेंट एजेंसीज़ और हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स शामिल हैं। यह ऐसा ऑडियंस है जो सिक्योरिटी, रेग्युलेटरी क्लैरिटी और बैलेंस शीट के स्थिरता को ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है।
इस तरह की पोजिशनिंग मौजूदा मार्केट फोर्सेस के साथ अच्छी तरह मेल खाती है। 2024 के उतार-चढ़ाव और 2025 की असमान रिकवरी के बाद, इन्वेस्टर्स अब क्रिप्टो में “क्वालिटी की ओर भागाव” की तरफ जा रहे हैं। अब वे स्पेक्यूलेटिव ट्रेडिंग-फोकस्ड मॉडलों की बजाय रेग्युलेटेड और रेवेन्यू-डाइवर्सिफाइड फर्म्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
BitGo के IPO को Goldman Sachs और Citigroup ने लीड किया, जिसमें ग्लोबल बैंक्स की बड़ी सिंडिकेट भी शामिल रही, जिससे इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट जाहिर होता है।
BitGo का IPO क्रिप्टो के अगले पब्लिक मार्केट cycle की testing क्यों माना जा रहा है
आर्थिक रूप से, BitGo की टॉपलाइन आंकड़ों को समझदारी से देखना जरूरी है। कंपनी ने ट्रांजैक्शन वॉल्यूम्स के चलते अरबों $ की ग्रॉस रेवेन्यू दिखाई है, लेकिन लागत के बाद नेट रेवेन्यू काफी कम है।
यह क्रिप्टो इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में आम अकाउंटिंग प्रक्रिया है। इसके बावजूद, निवेशकों ने संकेत दिए हैं कि कंपनी के नीचे छुपे ट्रेंड्स उत्साहजनक हैं। इसमें सबसे खास है सब्सक्रिप्शन और सर्विसेज रेवेन्यू में 56% सालाना ग्रोथ, जो पिछले साल बढ़कर $120.7 मिलियन तक पहुंच गया।
IPO ऐसे समय आया है जब 2026 में पब्लिक मार्केट्स के धीरे-धीरे खुलने की उम्मीद है, खासकर फिनटेक और क्रिप्टो-एडजेसेंट कंपनियों के लिए।
Kraken, Revolut जैसी कंपनियों को संभावित कैंडिडेट माना जा रहा है अगर मार्केट कंडीशंस स्टेबल रहती हैं। इस नजरिए से देखें तो BitGo की सक्सेसफुल शुरुआत एक शुरुआती इंडिकेटर हो सकती है कि इक्विटी इन्वेस्टर्स कितना रिस्क लेने को तैयार हैं, और किस शर्त पर।
दूसरी तरफ, वेंचर फर्म Pantera Capital ने भविष्यवाणी की है कि 2026 अब तक का सबसे बड़ा क्रिप्टो IPO साल होगा। इस अनुमान के पीछे वजह है कि 2025 में पब्लिक मार्केट्स में काफी मोमेंटम देखने को मिल रहा है।
यह ग्रोथ क्रिप्टो कारोबारों में भरोसा दिखाती है, जहां VC ने कई ऐसे फैक्टर्स बताए हैं जो 2026 में और तेज़ स्केल की ओर इशारा कर रहे हैं।