Brazil क्रिप्टो का एक सबसे पुराना अनुमान टेस्ट कर रहा है: डिजिटल एसेट्स सिर्फ तब ही सफल होते हैं जब पारंपरिक वित्तीय सिस्टम फेल होते हैं।
Brazil का बेंचमार्क Selic रेट 15% पर है, जो कि बड़े इकोनॉमीज में सबसे ज्यादा है। Brazil के सेंट्रल बैंक ने बहुत कड़क Monetary Policy अपनाई है। लेकिन IMF की नई रिसर्च के मुताबिक, देश का फाइनेंशियल सिस्टम किसी प्रेशर में टूट नहीं रहा है। इसके उलट, क्रेडिट मार्केट मजबूत बने हुए हैं और क्रिप्टोकरेंसी एडॉप्शन भी तेजी से बढ़ रहा है।
Brazil में क्रिप्टो एडॉप्शन ट्रडिशनल मैक्रो लॉजिक को क्यों चैलेंज करता है
अभी कुछ दिन पहले ही International Monetary Fund (IMF) ने अपना Q2 2025 COFER डेटा जारी किया था। अब IMF ने Brazil के मैक्रोइकोनॉमिक आउटलुक पर एक नई रिपोर्ट शेयर की है।
IMF ने पोस्ट में कहा कि Brazil में हाल ही में क्रेडिट विस्तार “कोई पॉलिसी फेल्योर नहीं था।” उन्होंने कहा कि ऊंचे इंटरेस्ट रेट्स के बावजूद मॉनेटरी ट्रांसमिशन सही से काम कर रहा है।
“IMF की रिसर्च दिखाती है कि 15% बेसिक इंटरेस्ट रेट के बीच Brazil में हाल ही में क्रेडिट एक्सपेंशन पॉलिसी फेल्योर नहीं था। Fintechs और बढ़ती इनकम फाइनेंस तक पहुंच बदल रहे हैं। वही, Monetary Policy अपना रोल अदा कर रही है,” IMF ने एक पोस्ट में लिखा।
2024 में बैंक लेंडिंग 11.5% बढ़ी है, वहीं कॉरपोरेट बॉन्ड इश्यू 30% तक बढ़ गया है। आमतौर पर ऐसे मामलों में अल्टरनेटिव फाइनेंशियल एसेट्स के लिए डिमांड कम होती है। पारंपरिक मैक्रो लॉजिक के हिसाब से ये माहौल क्रिप्टो के लिए बहुत मुश्किल होना चाहिए था।
इसके बावजूद, 2025 में Brazil का क्रिप्टो एक्टिविटी 43% YoY बढ़ा है। इससे ये दिखता है कि पारंपरिक मैक्रो नारेटिव्स और जमीनी लेवल पर एडॉप्शन ट्रेंड्स के बीच अब फर्क बढ़ता जा रहा है।
एक ऐसा सिस्टम जो चलता भी है और ऑन-चेन भी रहता है
IMF की ताजा Article IV consultation यह दर्शाती है कि Brazil के सेंट्रल बैंक ने “बिल्कुल वही किया जो उसे करना चाहिए था।”
- Policy टाइटनिंग (सख्ती) lending rates तक पहुँच चुकी है,
- क्रेडिट ग्रोथ slowdown पर है, और
- मंदी की उम्मीदें अभी भी काफी ऊँची हैं, लेकिन उन्हें एक्टिवली मैनेज किया जा रहा है।
मजबूत income ग्रोथ, कम बेरोज़गारी, और तेजी से बढ़ता fintech विस्तार high interest rates के बावजूद क्रेडिट की मांग को मजबूत बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।
Digital banks और fintech lenders अब Brazil के credit card market के लगभग एक चौथाई (25%) हिस्से पर काबिज हैं, जिससे फाइनेंशियल एक्सेस बढ़ी है और policy effectiveness कमजोर नहीं हुई है।
साथ ही, क्रिप्टो एडॉप्शन भी लगातार बढ़ रहा है, और ये सिस्टम के खिलाफ विरोध के रूप में नहीं, बल्कि इसका एक्सटेंशन बनता जा रहा है।
Mercado Bitcoin, जो Latin America का सबसे बड़ा digital-asset प्लेटफॉर्म है, उसके मुताबिक इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का कहना है कि Brazil में क्रिप्टो की तेज़ ग्रोथ के पीछे यंग इन्वेस्टर्स का बड़ा योगदान है।
24 साल और उससे कम उम्र के यूज़र्स में क्रिप्टो एडॉप्शन साल-दर-साल 56% बढ़ा है, जिसका बड़ा कारण stablecoins और tokenized fixed-income products हैं, न कि speculative altcoins।
Digital fixed-income products ने 2025 में करीब $325 मिलियन की रिटर्न बांटी है, जो Brazil के हाई रेट carry trade को डायरेक्ट टक्कर देती है।
कुल क्रिप्टो ट्रांजैक्शन वॉल्यूम्स में 43% की ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि कम रिस्क वाले क्रिप्टो प्रोडक्ट्स में 108% बढ़ोतरी हुई है। इससे यह साफ है कि अब स्पेक्युलेशन से structured इन्वेस्टिंग की ओर ट्रेंड शिफ्ट हो रहा है।
मिडिल इनकम यूज़र्स अपने पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा stablecoins में लगा रहे हैं, जबकि लो इंकम इन्वेस्टर्स ज्यादा रिटर्न के लिए Bitcoin में इन्वेस्ट करना पसंद कर रहे हैं।
Bitcoin अब भी सबसे ज्यादा ट्रेड किया जाने वाला एसेट है, उसके बाद Ethereum और Solana आते हैं। करीब 18% इन्वेस्टर्स कई अलग-अलग क्रिप्टोकरेन्सी एसेट्स में डाइवर्सिफाई करते हैं।
ये ट्रेंड इस सोच को चुनौती देता है कि क्रिप्टो एडॉप्शन सिर्फ मंदी, करेंसी गिरावट या पॉलिसी फेलियर की वजह से बढ़ रही है।
Legacy Finance झुकने लगा
पारंपरिक संस्थाएं भी जवाब दे रही हैं। Itaú Unibanco, Latin America का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक, ने Bitcoin के लिए 1% से 3% पोर्टफोलियो एलोकेशन रेकमेंड किया है, जिसे डाइवर्सिफिकेशन टूल और हिस्सा-वाइज हेज के रूप में बताया है, ना कि एक speculative दांव के तौर पर।
बैंक ने बताया कि Bitcoin की पारंपरिक एसेट्स के साथ कोरिलेशन कम है और ये एक ग्लोबल, डिसेंट्रलाइज्ड वैल्यू स्टोर के रूप में काम करता है। इस एंडोर्समेंट का मिलान US के बड़े एसेट मैनेजर्स की गाइडलाइन्स से भी होता है।
Mercado Bitcoin के टोकनाइज्ड इनकम और इक्विटी प्रोडक्ट्स में विस्तार, जिसमें Stellar नेटवर्क पर इश्यूएंस भी शामिल है, के साथ ट्रैडिशनल फाइनेंस और ब्लॉकचेन इन्फ्रास्ट्रक्चर के बीच की रेखाएं अब और ज्यादा धुंधली होती जा रही हैं।
Brazil का अनुभव यह साबित करता है कि क्रिप्टो सिर्फ तब ही नहीं चलता जब सिस्टम फेल होता है। इसके बजाय यह एक नई एडॉप्शन फेज को इंडिकेट करता है, जिसमें यूटिलिटी, यील्ड एक्सेस और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन जैसी चीजें अहम हैं, भले ही Monetary Policy सही ढंग से काम कर रही हो।
अब अगली चुनौती सिर्फ मंदी या ब्याज दरें नहीं, बल्कि प्राइवेसी, ट्रांसपेरेंसी और कंट्रोल के मुद्दे बन सकते हैं। जैसे-जैसे क्रिप्टो रेग्युलेटेड फाइनेंशियल सिस्टम में शामिल हो रहा है, बहसें अब मैक्रो फेल्योर से हटकर इस पर शिफ्ट हो गई हैं कि इस इन्फ्रास्ट्रक्चर का संचालन कौन करेगा।
Brazil का क्रिप्टो बूम कोई क्राइसेस ट्रेड नहीं है। यह एक कन्वर्जेंस ट्रेड है, और यही शायद सबसे बड़ा बदलाव है।