Cardano प्राइस एक बार फिर फोकस में आ गया है क्योंकि ब्रेकआउट के प्रयास के बाद भी इसमें तेजी नहीं आ पाई। ADA बीते 24 घंटों में लगभग 2% नीचे है और 6 जनवरी से इसमें गिरावट का ट्रेंड जारी है। हालांकि, नुकसान अभी तक सीमित ही रहा है। बीते सात दिनों में ADA प्राइस लगभग सपाट रहा है और निगेटिव नहीं हुआ है।
यह बैलेंस कोई इत्तेफाक नहीं है। Cardano अभी भी bullish स्ट्रक्चर बनाए हुए है और खरीदारी का दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेकिन अंदर ही अंदर, खरीदारी का तरीका बदल गया है। यही बदलाव अब ADA के स्टेबल या फिसलने का मुख्य रिस्क फैक्टर बन गया है।
Cardano फिलहाल ट्रेड हो रहा है एक फॉलिंग वेज पैटर्न के अंदर जो नवंबर की शुरुआत से बना हुआ है। फॉलिंग वेज अमूमन bullish रहता है क्योंकि प्राइस नीचे की ओर कंप्रेस होता है और सेलिंग प्रेशर कमजोर होता जाता है। जब तक इसका लोअर बॉर्डर बना रहेगा, ब्रेकआउट का सीन कायम रहेगा।
यही स्ट्रक्चर समझाता है कि ADA ने $0.383 सपोर्ट ज़ोन को क्यों डिफेंड किया है। ये लेवल पहले रेजिस्टेंस था, लेकिन जनवरी के ब्रेकआउट के बाद ये सपोर्ट में बदल गया। इसे होल्ड करने की वजह से अभी तक और ज्यादा गिरावट नहीं आई है।
मोमेंटम डेटा शुरुआत में इस स्टेबिलिटी को सपोर्ट करता है। Money Flow Index (MFI), खरीद और बिक्री का दबाव मापता है जिसमें प्राइस और वॉल्यूम दोनों शामिल होते हैं। नवंबर की शुरुआत से 10 जनवरी तक ADA प्राइस नीचे गया लेकिन MFI ऊपर गया। इस डाइवर्जेंस का मतलब है कि डिप खरीदने वाले अभी भी एक्टिव हैं।
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अगर ऊपर से देखें तो सब कुछ बेहतर नजर आता है और यही वजह है कि प्राइस ऊपर की ट्रेंडलाइन पर रिजेक्शन के बावजूद टूट नहीं रहा। लेकिन सिर्फ मोमेंटम से यह पता नहीं चलता कि कौन खरीदारी कर रहा है। सपोर्ट कितना टिकाऊ है, यह जानने के लिए होल्डर का व्यवहार इंडीकेटर्स से ज्यादा मायने रखता है।
होल्डर में बदलाव सतह के नीचे घटती भरोसेमंदी दिखाते हैं
ऑन-चेन डेटा में साफ दिख रहा है कि लॉन्ग-टर्म और शॉर्ट-टर्म होल्डर्स के बीच डाइवर्जेंस है।
लॉन्ग-टर्म होल्डर्स तेजी से डिस्ट्रिब्यूट कर रहे हैं। 365 दिनों से 2 साल पुरानी कॉइन्स वाला स्पेंट कॉइन्स एज बैंड 9 जनवरी को अचानक बढ़ा है। इस ग्रुप की एक्टिविटी करीब 1.92 मिलियन ADA से बढ़कर 4.51 मिलियन ADA हो गई है, यानी सिर्फ 24 घंटे में लगभग 135% का उछाल आया है। यह स्पाइक इंडीकेट करता है कि पुराने होल्डर वोलैटिलिटी का सामना करने की बजाय अपनी पोजिशन छोड़ सकते हैं।
Spent Coins Age Band यह बताता है कि कॉइन्स कितने समय तक होल्ड किए गए थे, फिर उन्हें ट्रांसफर किया गया। इससे यह पता चलता है कि कौन से होल्डर ग्रुप्स एक्टिवली सेल-ऑफ़ कर रहे हैं।
शॉर्ट-टर्म बिहेवियर में बिल्कुल अलग कहानी है। 30-डे से 60-डे कोहोर्ट ने सेलिंग एक्टिविटी में भारी गिरावट की है। इस ग्रुप में स्पेंट कॉइन्स करीब 55.42 मिलियन ADA से घटकर 4.28 मिलियन ADA रह गए हैं, यानी लगभग 92% की भारी गिरावट। यह गिरावट इंडीकेट करती है कि शॉर्ट-टर्म पार्टिसिपेंट्स सप्लाई को अब्सॉर्ब कर रहे हैं, न कि सेल कर रहे हैं।
यह बदलाव पहले आए MFI संकेत को नया नजरिया देता है। अब बढ़ता हुआ MFI शायद शॉर्ट-टर्म में डिप बाइंग को दिखाता है, न कि लॉन्ग-टर्म कॉन्फिडेंस की वापसी को। जब कॉन्फिक्शन होल्डर सेल करते हैं और शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स एंट्री लेते हैं, तब प्राइस अस्थायी रूप से स्टेबलाइज हो सकती है। लेकिन यह सपोर्ट कमजोर है क्योंकि शॉर्ट-टर्म होल्डर्स का कैपिटल आमतौर पर सट्टा रहता है।
यह मिक्स रिस्क बढ़ा देता है, क्योंकि अब पेशेंस वाली पूंजी की जगह स्पेक्युलेटिव कैपिटल ले लेती है। अगले सेक्शन में डेरिवेटिव्स पोजिशनिंग पर चर्चा की गई है, जिससे यह असंतुलन और कंफर्म होता है।
Derivatives skew और key levels तय करेंगे अगला Cardano प्राइस मूव
लिक्विडेशन डाटा से साफ होता है कि मार्केट एक तरफ झुकी हुई है। Binance के ADA-USDT परपेचुअल मार्केट में, क्यूम्यूलेटिव लॉन्ग लिक्विडेशन लीवरेज लगभग $26.66 मिलियन है, जबकि शॉर्ट लिक्विडेशन लीवरेज करीब $14.11 मिलियन है। इसका मतलब लॉन्ग एक्सपोज़र, शॉर्ट एक्सपोज़र से लगभग 89% ज्यादा है, जो कि स्ट्रॉन्ग बुलिश सेंटिमेंट को इंडीकेट करता है।
भले ही यह बायस पॉजिटिव लगे, लेकिन इसके साथ नीचे जाने का रिस्क भी बढ़ता है। अगर प्राइस डाउं होती है और नई आई स्पेकुलेटिव कैपिटल मार्केट से बाहर जाती है, तो भीड़ भरी लॉन्ग पोजिशन जल्दी अनवाइंड हो सकती हैं। इससे फोर्स्ड लिक्विडेशन्स के कारण लॉसेस और तेजी से बढ़ सकते हैं।
प्राइस के नजरिए से, रोडमैप साफ है। बुलिश केस को दोबारा शुरू करने के लिए, ADA को $0.437 के ऊपर डेली क्लोज़ देना जरूरी है। इससे कमजोर डाउनवर्ड ट्रेंडलाइन (जिसमें सिर्फ दो टचपॉइंट हैं) टूट जाएगी और वेज के टारगेट के हिसाब से 49% अपसाइड का रास्ता फिर से खुल जाएगा।
अगर Cardano प्राइस उस ज़ोन को फिर से हासिल नहीं कर पाती, तो रिस्क नीचे की तरफ झुक जाएगा। $0.351 के नीचे ब्रेक होने पर वेज स्ट्रक्चर कमजोर हो जाएगा और $0.328 अगला बड़ा सपोर्ट होगा। अगर ये लेवल भी टूट जाते हैं, तो ये कनफर्म कर देगा कि हाल ही की स्थिरता अक्युमुलेशन नहीं, बल्कि डिस्ट्रीब्यूशन थी।
फिलहाल, Cardano प्राइस ऊपर से संतुलित दिख रही है लेकिन अंदर से अस्थिर है। वेज अभी बरकरार है, मोमेंटम पॉजिटिव है, लेकिन लॉन्ग-टर्म होल्डर्स बेच रहे हैं, शॉर्ट-टर्म खरीदार आ रहे हैं और डेरिवेटिव्स की पोजिशनिंग में गलती की कोई जगह नहीं है।
आगे की प्राइस मूवमेंट इस बात पर निर्भर करेगी कि स्पेकुलेटिव कैपिटल कब तक दिलचस्पी बनाए रखता है।