Cathie Wood की ARK Invest ने अपने अब तक के सबसे स्पष्ट लॉन्ग-टर्म विचारों में से एक पेश किया है, जिसमें Bitcoin और Nvidia को 2024–2025 के मार्केट साइकिल में प्रमुख बताया गया है। कंपनी की लेटेस्ट Big Ideas 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, अगले चार सालों में Bitcoin मार्केट कैप में 700% तक बढ़ोतरी हो सकती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Nvidia की AI हार्डवेयर में बादशाही को अब प्रतिस्पर्धियों से बढ़ती चुनौती मिल सकती है।
क्या Bitcoin प्राइस $800,000 तक पहुंचेगा
ARK का मानना है कि 2025 में Bitcoin का व्यवहार काफी बदला। इस दौरान बिटकॉइन के ड्रॉडाउन कम हुए, वोलैटिलिटी घटी और रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न्स बीते साइकिल्स के मुकाबले बेहतर रहे।
Sharpe Ratio से मापा जाए तो Bitcoin ने Ethereum, Solana और CoinDesk 10 Index को कई समयावधि में पीछे छोड़ा है। यह शिफ्ट ARK की उस राय को सपोर्ट करती है कि अब Bitcoin एक सेफ-हेवन एसेट की तरह व्यवहार कर रहा है, ना कि सिर्फ एक स्पेकुलेटिव असेट के रूप में।
इसी वजह से, ARK को उम्मीद है कि Bitcoin जल्द ही तेजी से बढ़ते क्रिप्टोकरेन्सी मार्केट पर दबदबा कायम कर लेगा। फर्म का अनुमान है कि कुल क्रिप्टोकरेन्सी मार्केट कैपिटलाइजेशन 2030 तक $28 ट्रिलियन तक पहुंच सकता है, जो हर साल करीब 61% की ग्रोथ दिखा सकता है।
सबसे अहम बात यह है कि ARK का मानना है कि Bitcoin इस मार्केट में 70% का हिस्सा ले सकता है, जिससे दशक के अंत तक इसका मार्केट कैप करीब $16 ट्रिलियन तक पहुंच सकता है।
मौजूदा सप्लाई अनुमान के आधार पर, इसका मतलब है कि Bitcoin प्राइस लगभग $800,000 प्रति कॉइन हो सकता है। यह आज के $90,000 प्राइस से करीब 9 गुना ज्यादा है।
हालांकि, ARK की यह भविष्यवाणी सभी यूज़ केसेस के लिए पूरी तरह bullish नहीं है। कंपनी ने उभरते बाजारों में Bitcoin के सेफ हेवन के रूप में एडॉप्शन के लिए अपने अनुमान कम किए हैं, क्योंकि dollar-backed स्टेबलकॉइन्स काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
इसके बजाय, ARK ने “डिजिटल गोल्ड” वाला अपना अनुमान बढ़ा दिया है क्योंकि 2025 में गोल्ड का मार्केट कैप काफी तेजी से बढ़ गया था।
Nvidia की ग्रोथ जारी, लेकिन मुकाबला हुआ और कड़ा
ARK का Nvidia को लेकर नजरिया थोड़ा सतर्क है, जबकि AI की डिमांड लगातार तेजी से बढ़ रही है।
फर्म को उम्मीद है कि ग्लोबल AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च 2030 तक $1.4 ट्रिलियन से भी ज्यादा हो जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से तेज सर्वर्स योगदान देंगे। यही ट्रेंड लॉन्ग-टर्म में AI चिप्स की डिमांड को सपोर्ट करेगा, जिसमें Nvidia के GPUs भी शामिल हैं।
लेकिन ARK ने एक अहम बदलाव की तरफ इशारा किया है। Hyperscalers और AI लैब्स अब सिर्फ रॉ परफॉर्मेंस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, बल्कि कुल लागत (total cost of ownership) पर भी फोकस कर रहे हैं।
इसी वजह से कस्टम AI चिप्स और एप्लिकेशन-स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट्स (ASICs) के लिए रास्ता खुलता है।
AMD, Broadcom, Amazon’s Annapurna Labs और Google के TPU प्लेटफॉर्म जैसे कॉम्पिटिटर्स पहले से ही या तो नई जनरेशन की चिप्स रिलीज कर रहे हैं या फिर लॉन्च की तैयारी कर रहे हैं।
Nvidia को AMD से जबरदस्त कॉम्पिटिशन मिल रहा है। स्रोत: ARK Invest
कई कंपनियां Nvidia के हाई-एंड सिस्टम्स के मुकाबले कम ऑपरेटिंग कॉस्ट में सर्विस दे रही हैं, भले ही कुछ मामलों में परफॉर्मेंस कम हो।
ARK के डेटा के अनुसार, Nvidia के लेटेस्ट GPUs भले ही सबसे पावरफुल माने जाते हैं, लेकिन इन्हें चलाने की लागत भी सबसे ज्यादा है। यही प्राइसिंग प्रेशर Nvidia के लिए आने वाले समय में अपने मार्जिन को उतनी तेजी से बढ़ने नहीं देगा, जितना पहले देखा गया था।
Nvidia के stock पर इसका क्या असर पड़ेगा
ARK ने Nvidia के बिजनेस में कोई बड़ी गिरावट की भविष्यवाणी नहीं की है। बल्कि, यह तेज डोमिनेंस से ज्यादा प्रतिस्पर्धात्मक ग्रोथ की तरफ ट्रेंड इंडिकेट करता है।
Nvidia के स्टॉक के लिए इसका मतलब है कि इसकी प्राइस trajectory अब Bitcoin से अलग हो सकती है। पहले की तरह मल्टीपल एक्सपेंशन की बजाय, आगे का ग्रोथ इसके अर्निंग्स, सॉफ्टवेयर रेवेन्यू और इकोसिस्टम लॉक-इन पर निर्भर करेगा।
असल में, Nvidia का शेयर प्राइस समय के साथ अब भी बढ़ सकता है, लेकिन अब इसमें धीमी ग्रोथ, ज्यादा वोलाटिलिटी और कॉम्पिटिशन व मर्जिन प्रेशर के चलते तेज रिएक्शन देखने को मिल सकते हैं। AI-ड्रिवन आसान ग्रोथ वाला फेज अब खत्म हो गया है।