Chaos Labs ने Aave (AAVE) के साथ अपनी रिस्क मैनेजमेंट की साझेदारी तीन साल बाद खत्म कर दी है। कंपनी ने इसका कारण अस्थिर इकोनॉमिक्स और V4 को मैनेज करने के तरीके को लेकर मतभेद बताया है।
यह डिपार्चर DeFi (डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस) के सबसे बड़े लेंडिंग प्रोटोकॉल Aave से जुड़े कोर कंट्रीब्यूटर के कई एग्जिट्स में एक और नाम है, जिसके प्लेटफॉर्म पर $24 बिलियन से ज्यादा का टोटल वैल्यू लॉक्ड है।
Chaos Labs ने 3 साल की रिस्क मैनेजमेंट के बाद Aave को छोड़ा
Chaos Labs के फाउंडर Omer Goldberg ने इस निर्णय के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए।
- V3 के मुख्य कंट्रीब्यूटर पहले ही जा चुके थे, जिससे काम का लोड दोगुना हो गया।
- Aave V4 में पूरी तरह नई आर्किटेक्चर आई, जिसने ऑपरेशनल और लीगल जिम्मेदारियां बढ़ा दीं।
- भले ही $5 मिलियन का बजट प्रस्तावित था, लेकिन कंपनी ने कहा कि फिर भी उन्हें लॉस ही उठाना पड़ता।
“अब यह साझेदारी उस तरह की रिस्क मैनेजमेंट को नहीं दर्शाती, जैसा हम मानते हैं,” Goldberg ने बताया।
Goldberg ने Aave के रिस्क स्पेंडिंग को बैंकिंग बेंचमार्क्स से कंपेयर किया। उन्होंने बताया कि Aave ने 2025 में $142 मिलियन का रेवेन्यू जनरेट किया।
कंपनी का $3 मिलियन बजट इस फिगर का लगभग 2% ही था, जबकि आमतौर पर बैंक कंप्लायन्स और रिस्क मैनेजमेंट पर 6% से 10% तक अलॉट करते हैं।
Aave की प्रतिक्रिया और LlamaRisk की एंट्री
Aave के फाउंडर Stani Kulechov ने इस डिपार्चर को स्वीकार किया, लेकिन स्टोरी के कुछ हिस्सों पर सहमति नहीं जताई।
उन्होंने बताया कि Chaos Labs ने नया डिप्लॉयमेंट के लिए खुद को सोल रिस्क मैनेजर बनाए जाने और Chainlink के प्राइस ओरैकल्स को अपनी प्रोडक्ट से रिप्लेस करने का प्रस्ताव भी दिया था।
Aave Labs ने दोनों ही प्रस्ताव ठुकरा दिए ताकि वेंडर लॉक-इन से बचा जा सके।
DeFi रिस्क मैनेजमेंट फर्म LlamaRisk, जो Aave के अलावा Curve और Ethena जैसे बड़े प्रोटोकॉल्स के साथ काम करती है, ने ऑपरेशनल कंटिन्युटी का पूरा आश्वासन दिया है। कंपनी ने कहा कि वे इस हफ्ते के भीतर ट्रांजिशन का डिटेल्ड प्रस्ताव लाएंगे।
इसी दौरान, एनालिस्ट Duo Nine ने सवाल उठाया कि Aave की प्रायोरिटीज़ क्या हैं, क्योंकि V3 में अभी भी $24 बिलियन से ज्यादा है जबकि लीडरशिप $10 मिलियन के V4 डिपॉजिट्स पर ही चर्चा कर रही है।
लिखे जाने के समय AAVE लगभग $92 पर ट्रेड हो रहा था, जो आज के दिन लगभग 4% नीचे है। इस टोकन पर लगातार सेल-ऑफ़ का दबाव बना हुआ है, जिसमें गवर्नेंस से जुड़ी टेंशन और कंट्रीब्यूटर के छोड़ने की खबरें मार्केट सेंटीमेंट पर असर डाल रही हैं।





