मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, China ने बैंकों को आईपीओ (Initial Public Offering) और बड़े शेयर सेल्स को रोकने के लिए कहा है। अक्टूबर में CSI 300, जो कि मुख्यलैंड China का बेंचमार्क इंडेक्स है, 8.5% गिर गया था और यह पिछले 10 साल में सबसे खराब महीना रहा।
FT द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2026 में आईपीओ वॉल्यूम 292 बिलियन युआन ($44 बिलियन) के पार पहुंच गया, जो 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। इस रोक के चलते यह रिकवरी खतरे में आ गई है।
China में IPO रोकने के बाद Beijing गिरावट को रोक पाएगा?
China Securities Regulatory Commission (CSRC) ने बैंकों को अनौपचारिक तौर पर यानी विंडो गाइडेंस के तहत आईपीओ रोकने के लिए कहा है। यह जानकारी तीन सूत्रों ने FT को दी। CSRC ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मौजूदा शेयरहोल्डर्स द्वारा बड़े शेयर सेल्स भी तब तक रोक दिए गए हैं, जब तक मार्केट हालात स्थिर नहीं होते।
सोमवार को मार्केट को स्थिर करने के लिए रीलेंडिंग फैसिलिटी रेट को 1.25% से घटाकर 1% कर दिया गया। यह शेयर बायबैक के लिए किया गया है।
मंगलवार को मार्केट रिएक्शन मिला-जुला रहा। CSI 300 0.2% नीचे रहा, जबकि टेक फोक्स Star 50 इंडेक्स 3.8% गिर गया।
Capital Economics के Asia-Pacific मार्केट्स हेड को संदेह है कि ये कदम अकेले किसी स्थायी सुधार की उम्मीद नहीं दिखाते।
“जब तक यह कदम स्ट्रक्चरल चुनौतियों को सीधे तरीके से अड्रेस नहीं करते, तब तक इनके जरिए कोई स्थायी सुधार होना मुश्किल है”
Thomas Mathews, Capital Economics (Asia-Pacific) मार्केट्स हेड, स्रोत: FT
क्या China की गिरावट ग्लोबल AI ट्रेड के लिए खतरे का संकेत है?
China की National Financial Regulatory Administration के वाइस हेड Xiao Yuanqi ने मंगलवार को AI में ओवरकंसंट्रेशन पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ग्लोबल कैपिटल इस सेक्टर में अधिक भीड़ जमा कर रहा है।
S&P 500 इस साल 10% ऊपर है। हालांकि, वॉल स्ट्रीट के अक्टूबर के आखिर में टेक सेल-ऑफ़ ने Nasdaq-100 से करीब $2 ट्रिलियन मिटा दिए, जब बड़ी टेक कंपनियों की कमाई में AI खर्च की डिटेल आई थी।
BNP Paribas के Asia-Pacific इक्विटी और डेरिवेटिव स्ट्रेटेजी हेड Jason Lui का मानना है कि मेनलैंड में लिस्टेड A शेयरों में मीडियम-टर्म एंट्री पॉइंट्स मिल सकते हैं। लेकिन, उनका कहना है कि ये कदम शायद सितंबर 2024 जैसे एकदम से सेंटिमेंट में बदलाव नहीं लाएंगे।
यह रोक चीनी कंपनियों के पूंजी जुटाने की प्रक्रिया को भी सीमित करती है, जिससे FT के मुताबिक डीलमेकिंग पर खतरा आ सकता है।
वॉल स्ट्रीट पर इसका लिंक AI सेंटीमेंट से जुड़ा है, जिसे FT ने कई प्रेशर्स में गिना है। अगर US की कमाई AI खर्च को सपोर्ट करती है तो यह सेंटीमेंट कमजोर पड़ सकता है।
फिर भी, Goldmans Sachs के डेटा के अनुसार,हेज फंड्स ने अक्टूबर में लगातार पांच दिन AI स्टॉक्स बेचे। अगर यह बिकवाली फिर शुरू होती है, तो चीन की मंदी सिर्फ एक अपवाद नहीं बल्कि शुरुआती इंडिकेटर मानी जा सकती है।











