Coinbase के को-फाउंडर और CEO Brian Armstrong अब Bloomberg की दुनिया के 500 सबसे अमीर लोगों की लिस्ट से बाहर हो गए हैं।
Armstrong की नेट वर्थ जुलाई 2025 से अब तक $10 बिलियन से ज्यादा गिर चुकी है। Bloomberg Billionaires Index के मुताबिक, Armstrong की नेट वर्थ $17.7 बिलियन के ऑल-टाइम हाई से घट कर लगभग $7.5 बिलियन रह गई है।
Coinbase शेयर और Bitcoin प्राइस गिरने से Brian Armstrong की संपत्ति घटी
यह गिरावट तब देखने को मिली जब JPMorgan Chase & Co. ने 10 फरवरी को Coinbase के स्टॉक का प्राइस टारगेट 27% कम कर दिया। उन्होंने इसका कारण “क्रिप्टो प्राइस में सुस्ती,” ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट और stablecoin एडॉप्शन की धीमी रफ्तार बताया।
Coinbase के शेयरों ने Bitcoin की वोलैटिलिटी को फॉलो किया है। जुलाई 18 के हाई से अब तक यह 60% गिर चुके हैं। वहीं, Bitcoin खुद अक्टूबर 2025 के लगभग $126,000 के ऑल-टाइम हाई से गिरकर फरवरी 2026 की शुरुआत में $63,000 से नीचे आ चुका है।
Armstrong की संपत्ति का बड़ा हिस्सा Coinbase में उनकी 14% हिस्सेदारी से जुड़ा है। यह न्यू यॉर्क बेस्ड क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे उन्होंने Fred Ehrsam के साथ 2012 में शुरू किया था।
Armstrong ने NewLimit नाम की biotech startup में भी इन्वेस्ट किया है, जो लॉन्गिविटी पर फोकस करती है। उन्होंने समय-समय पर अपनी Coinbase होल्डिंग्स का हिस्सा भी बेचा है।
इतनी शार्प गिरावट के बावजूद, Armstrong अभी भी बिलियनेयर हैं। उनकी नेट वर्थ लगभग $7.5 बिलियन आंकी गई है।
क्रिप्टो मार्केट की इस गिरावट से सिर्फ Armstrong ही नहीं, बल्कि और भी कई दिग्गज प्रभावित हुए हैं। Cameron और Tyler Winklevoss, Gemini के को-फाउंडर, की नेट वर्थ अक्टूबर 2025 के $8.2 बिलियन से गिरकर अब सिर्फ $1.9 बिलियन रह गई है।
हाल ही में Gemini ने घोषणा की कि वे अपनी वर्कफोर्स का लगभग 25% घटाएंगे और कुछ इंटरनेशनल ऑपरेशंस में कटौती करेंगे।
Michael Novogratz, Galaxy Digital के CEO, की संपत्ति Q4 2025 में उम्मीद से ज्यादा $500 मिलियन के नुकसान के बाद $10.3 बिलियन से घटकर $6.2 बिलियन रह गई है।
Strategy Inc. के को-फाउंडर Michael Saylor को भी लगभग दो-तिहाई दौलत का नुकसान हुआ है, जिसके बाद अब उनकी नेट वर्थ $3.4 बिलियन है।
Coinbase मार्केट चुनौतियों के बीच संभला, Armstrong बने रहे बुलिश
Coinbase को भी मार्केट गिरावट के चलते ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेडिंग वॉल्यूम में तेज गिरावट आई है और Q4 2025 की ट्रांजेक्शन रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 33.5% की गिरावट का अनुमान है।
वहीं, Polymarket के बेटर्स का मानना है कि Coinbase Global का GAAP EPS इस क्वार्टर में $0.61 से ज्यादा रहने की संभावना 29% है।
सेल-ऑफ़ के दौरान “Coinbase प्रीमियम”—यानि Coinbase पर BTC का प्राइस दूसरे exchanges की तुलना में—नेगेटिव हो गया। यह कमजोर अमेरिकी संस्थागत डिमांड और संभावित ऑउटफ्लो को इंडीकेट करता है।
exchange को रेग्युलेटरी निगरानी और Hyperliquid जैसी अन्य क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स से competition का भी सामना करना पड़ रहा है।
इस अस्थिर माहौल के बावजूद, Armstrong ने अपना bullish लॉन्ग-टर्म आउटलुक बरकरार रखा है। उन्होंने पब्लिकली कहा है कि क्रिप्टो “फाइनेंशियल सर्विसेज को बेहद तेज़ रफ्तार से खा रहा है” और मार्केट में गिरावट को नए products डवलप करने का मौका माना है।
Armstrong ने यह भी प्रीडिक्ट किया है कि Bitcoin 2030 तक $1 मिलियन तक पहुंच सकता है और डिजिटल एसेट को वेल्थ इक्वलाइज़ेशन और फाइनेंशियल इनोवेशन का टूल माना है।
हालांकि, Armstrong की नेट वर्थ में काफी गिरावट आई है, लेकिन एक फाउंडर और मेजर शेयरहोल्डर के तौर पर उनका पोजिशन समय के साथ और मजबूत हो सकता है।
इतिहास यह दिखाता है कि डाउनटर्न के समय सर्वाइविंग प्लेटफॉर्म्स के बीच पॉवर कंसोलिडेट हो जाती है, और अगर रिटेल व इंस्टिट्यूशनल एडॉप्शन बढ़ा तो Coinbase दुबारा मजबूत और प्रभावशाली बनकर उभर सकता है।
फिर भी, अगर मार्केट में लंबे समय तक कमजोरी रहती है या पूरी तरह से “क्रिप्टो विंटर” आ जाता है, तो इससे ग्रोथ पर दबाव आ सकता है और लीडरशिप स्ट्रैटेजीज़ की भी परीक्षा होगी।
हाल ही में जो गिरावट की लहर आई है, वह क्रिप्टो मार्केट्स की हाई वोलैटिलिटी को दिखाती है। Armstrong का Bloomberg के टॉप 500 से बाहर होना पैपर वेल्थ में आई एकदम से कटौती का नतीजा है, लेकिन उनके जैसे लॉन्ग-टर्म क्रिप्टो पायनियर्स ने 2012 से अब तक कई मार्केट साइकल्स देखे हैं और उन पर टिके रहे हैं।