Coinbase के Global Head of Investment Research David Duong ने कहा कि US-Iran सीज़फायर ने मार्केट्स को एक राहत दी है, न कि पूरी तरह से रीसेट किया है, क्योंकि Bitcoin प्राइस $73,000 के ऊपर पहुंच गया है।
दो हफ्ते की इस सीज़फायर के बाद ऑयल की प्राइस फिर से $90 के नीचे आ गई और मार्केट में रिक्स लेने की सोच के साथ बड़ी तेजी आई। लेकिन Duong का मानना है कि युद्ध के कारण जो असली दिक्कतें हैं, वो अभी खत्म नहीं हुई हैं।
सीज़फायर रैली ज्यादा समय तक क्यों नहीं टिक सकती?
BTC इस लेख के समय $73,085 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले 24 घंटों में 3% से ज्यादा बढ़ा है, खासकर US-Iran सीज़फायर के बाद की पॉजिटिव सेंटीमेंट की वजह से।
लेकिन US और Iran के बीच मुख्य विवाद अब भी हल नहीं हुए हैं। शिपिंग कंपनियों को अब भी सिक्योरिटी चाहिए। Strait of Hormuz शायद शुरुआत में पूरी तरह नहीं खुलेगा।
इस बीच, शुक्रवार को आए CPI रिपोर्ट में दिखा कि मार्च में पेट्रोल की प्राइस 21.2% बढ़ गई है। Bureau of Labor Statistics ने भी कहा कि 1967 से आंकड़े रिकॉर्ड करना शुरू जिन्होंने किया, तब से ये सबसे बड़ा मंथली उछाल है।
हेडलाइऩ CPI सालाना 3.3% तक पहुँच गई, जो फरवरी में 2.4% थी।
लेबर डाटा ने Fed पर दबाव बढ़ाया
मार्च में nonfarm payrolls 178,000 बढ़े, जो कि consensus 65,000 से लगभग तीन गुना था। इससे बाहर से देखने पर लगता है कि Federal Reserve अभी rates को ऊपर ही रखेगा।
लेकिन Duong के अनुसार लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन अभी भी 61.9% ही रहा। सालाना वेज ग्रोथ घटकर 3.5% रह गई। पहले के payroll नंबर भी अकसर नीचे रिवाइज हुए हैं।
Duong के अनुसार, इससे Fed एक असहज पॉइंट पर है। हेडलाइन नंबर के मुकाबले ग्रोथ कमजोर है, लेकिन इतनी कम भी नहीं कि तुरंत रेट कट हो सके, खासकर जब युद्ध के कारण मंदी का रिस्क बना हुआ है।
Duong ने $84 को ऑयल के लिए अहम लेवल बताया है। अगर ऑयल प्राइस लगातार इससे नीचे बनी रहे, तो यह मंदी के दबाव कम होने का सिग्नल होगा और जल्दी समाधान की संभावना बढ़ जाएगी।
अगर ऑयल $100 से ऊपर वापस जाता है और वहीं टिकता है, तो मार्केट्स एक लंबे संघर्ष और रिस्क एसेट्स (जिसमें BTC भी शामिल है) पर फिर से दबाव की संभावना प्राइस में जोड़ना शुरू कर देगा।
शुक्रवार को U.S. और Iran के बीच होने वाली शांति वार्ता यह तय कर सकती है कि यह राहत रैली आगे बढ़ेगी या पलट जाएगी।