ETF और DAT जैसे पॉजिटिव इंटरनल फैक्टर्स भी पूरी तरह से ये नहीं समझा पाते कि पिछले साल के मध्य से मार्केट से कैपिटल का ऑउटफ्लो क्यों जारी है। Bitcoin और US सॉफ्टवेयर स्टॉक्स के बीच कॉरिलेशन एक नया नजरिया पेश करता है।
हाल ही के डेटा से पता चलता है कि प्राइवेट क्रेडिट ने क्रिप्टो मार्केट में दबदबा बना लिया है।
Bitcoin और US software stocks के बीच गहरा संबंध
Grayscale की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के Bitcoin प्राइस मूवमेंट्स ने हाई-ग्रोथ सॉफ्टवेयर स्टॉक्स को बहुत करीब से फॉलो किया है। ये बिहेवियर दिखाता है कि BTC अब “डिजिटल गोल्ड” के बजाय ज्यादा ग्रोथ एसेट की तरह ट्रेड हो रहा है।
Grayscale के चार्ट से साफ नजर आता है कि 2024 की शुरुआत से अब तक US सॉफ्टवेयर स्टॉक्स और Bitcoin के बीच मजबूत सिंक्रोनाइजेशन बना हुआ है। यह कॉरिलेशन इशारा करता है कि पिछले दो साल में दोनों मार्केट्स को वही बेसिक फोर्सेज चला रही हैं।
“यह जो फैक्ट है कि Bitcoin ने लेटेस्ट सेल-ऑफ़ के दौरान सॉफ्टवेयर स्टॉक्स के साथ ही मूव किया, इससे यह समझ आता है कि गिरावट शायद क्रिप्टो के खास प्रॉब्लम्स की वजह से नहीं, बल्कि ग्रोथ-ओरिएंटेड पोर्टफोलियोज में ब्रॉड रिस्क-कटिंग के कारण हुई,” Grayscale ने बताया।
इस साझा ड्राइवर की पहचान होने से हालिया क्रिप्टो डाउनटर्न समझने में मदद मिलती है और रिकवरी के पोटेंशियल का आकलन करना आसान होता है।
Grayscale का मानना है कि सेलिंग प्रेशर खासतौर पर US इन्वेस्टर्स के कारण है। यह ट्रेंड Coinbase पर Bitcoin के Binance के मुकाबले डिस्काउंट पर ट्रेड होने में भी दिखता है।
इसके अलावा, US-लिस्टेड Bitcoin ETPs ने फरवरी की शुरुआत से लगभग $318 मिलियन का नेट ऑउटफ्लो रिकॉर्ड किया है। इन ऑउटफ्लोज ने प्राइस पर और ज़्यादा दबाव डाला है।
Private credit इस मुद्दे की जड़ में क्यों है
दूसरी रिपोर्ट्स गहराई में छिपे कारण की ओर इशारा करती हैं। $3 ट्रिलियन प्राइवेट क्रेडिट इंडस्ट्री अब AI डेवलपमेंट की वजह से नए रिस्क का सामना कर रही है।
प्राइवेट क्रेडिट का मतलब है नॉन-बैंक लेंडिंग। Blue Owl (OWL), Ares (ARES), Apollo (APO), KKR, और TPG जैसे बड़े फंड आमतौर पर ऐसे लोन मैनेज करते हैं।
ये फंड प्राइवेट कंपनियों या कैपिटल-इंटेंसिव बिज़नेस को लोन देते हैं, और आमतौर पर बैंकों से ज्यादा इंटरेस्ट रेट्स पर। सॉफ़्टवेयर इन लोन में बड़ा हिस्सा रखता है। PitchBook के डेटा के मुताबिक सॉफ़्टवेयर 17% BDC इन्वेस्टमेंट्स डील काउंट के हिसाब से का हिस्सा है, जो कमर्शियल सर्विसेज के बाद दूसरे नंबर पर है।
डेटा से ये भी पता चलता है कि सॉफ़्टवेयर शेयर और Bitcoin के बीच करेलीशन पिछले पांच सालों से ज्यादा वक्त से बना हुआ है। ये पैटर्न नया नहीं है। इससे ये विचार मजबूत होता है कि प्राइवेट क्रेडिट फ्लो ने क्रिप्टो मार्केट को काफी हद तक प्रभावित किया है। फंड्स Bitcoin और दूसरे altcoins के साथ ऐसे ट्रीट कर रहे हैं, जैसे वे सॉफ़्टवेयर कंपनियां हों।
“BTC एक हाई-बिटा टेक एसेट की तरह बिहेव कर रहा है, जो लिक्विडिटी, ग्रोथ एक्सपेक्टेशन्स और सॉफ़्टवेयर मार्केट के वैल्यूएशन साइकल पर निर्भर है। स्मार्ट कैपिटल Bitcoin को इसी नजर से देखता है। इसका मतलब यह भी है कि AI सेक्टर और Bitcoin के बीच में सीधे टकराव के पॉइंट्स हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग बात कर रहे हैं,” कहा Joao Wedson, फाउंडर Alphractal ने।
AI को लेकर चिंता बढ़ गई है। Anthropic के Claude Opus 4.6 जैसे मॉडल और ऑटोमेटेड कोडिंग टूल्स पारंपरिक सॉफ्टवेयर की मांग को कम या खत्म कर सकते हैं। निवेशकों को डर है कि सॉफ्टवेयर कंपनियों के ग्राहक कम हो सकते हैं। बार-बार मिलने वाली कमाई घट सकती है। इसके बाद लोन डिफॉल्ट्स भी हो सकते हैं।
UBS ने चेतावनी दी है कि अमेरिका में प्राइवेट क्रेडिट डिफॉल्ट रेट्स 13% तक जा सकती हैं।
“अभी कहना जल्दी होगा कि AI से जुड़ा disruption कब बड़े पैमाने पर होगा, लेकिन हमारा मानना है कि ये ट्रेंड इस साल तेजी से बढ़ेगा,” UBS के स्ट्रैटजिस्ट्स ने कहा।
जब प्राइवेट क्रेडिट पर दबाव आता है, तो पूंजी की स्थिति सख्त हो जाती है। नए लोन देने में कटौती की जाती है, समय से पहले पेमेंट की डिमांड करते हैं या एसेट्स बेचते हैं। इन कदमों का सॉफ्टवेयर stocks की परफॉर्मेंस पर खराब असर होता है और ये असर क्रिप्टो मार्केट में भी दिखाई देता है।
Coinbureau के रिसर्च हेड Dan का मानना है कि प्राइवेट क्रेडिट का दबाव मिड-2025 से ही चल रहा है। यही तनाव BTC के लिक्विडिटी से अलग होने का कारण भी है।
“Bitcoin का software stocks के साथ गहरा कनेक्शन है, लेकिन दोनों की वजह क्या है? कारण है प्राइवेट क्रेडिट जिसमें क्रिप्टो और सॉफ्टवेयर दोनों गहराई से जुड़े हैं और मिड-2025 से इसमें तनाव आ चुका है, इसी वजह से मिड-2025 में BTC लिक्विडिटी से अलग हुआ,” Dan ने कहा।
इन एक्सपर्ट्स की राय एक ऐसे कारण को साफ इंडीकेट करती है जिसे कई निवेशकों ने शायद नजरअंदाज कर दिया। ये फैक्टर पिछले कुछ महीनों में क्रिप्टो मार्केट पर भारी रहा है। साथ ही, प्राइवेट क्रेडिट डिफॉल्ट्स से जुड़े बड़े रिस्क्स को भी दिखाता है और ये भी बताता है कि कैसे AI का विकास क्रिप्टो मार्केट को नेगेटिव असर दे सकता है।