एक क्रिप्टो होल्डर, Sillytuna, ने रिपोर्ट किया है कि उन्होंने $24 मिलियन की AUSD stablecoin खो दी जब हथियारबंद हमलावरों ने कुल्हाड़ियों का इस्तेमाल करके उनकी होल्डिंग्स तक पहुंच हासिल कर ली।
ब्लॉकचेन सिक्योरिटी कम्युनिटी ने तुरंत चोरी की गई रकम को पहचान लिया, जिसमें ऑन-चेन विश्लेषकों और व्हाइटहैट ट्रैकर्स ने इस घटना से जुड़े कई वॉलेट्स को ट्रैक कर लिया है।
क्यों है यह मामला जरूरी:
- क्रिप्टो होल्डर्स पर फिजिकल अटैक बढ़ रहे हैं क्योंकि बड़े ऑन-चेन वॉलेट्स अब वायलेंट एक्टर्स के लिए साफ टार्गेट बन रहे हैं।
- Sillytuna की ओर से एकमुश्त $24 मिलियन की AUSD stablecoin ट्रांसफर की मजबूरी ने सेल्फ-कस्टडीड एसेट्स के इर्रिवर्सिबिलिटी (अपरिवर्तनीयता) रिस्क को उजागर कर दिया है।
- जिन exchanges को फ्लैग्ड वॉलेट से फंड्स मिले हैं, वे बिना किसी फॉर्मल लीगल फ्रीज मैकेनिज्म के एक्शन लेने के लिए दबाव में हैं।
मुख्य बातें:
- Sillytuna एक ऑन-चेन ट्रेडर हैं जिनकी पहचान पब्लिकली डिस्क्लोज़ नहीं हुई है, लेकिन उनके पास इतने बड़े होल्डिंग्स थे कि उनके क्रिप्टो एसेट्स को निशाना बनाकर एक कोऑर्डिनेटेड फिजिकल चोरी की गई।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने Sillytuna पर कुल्हाड़ी से हमला किया और ट्रांसफर से पहले किडनैपिंग व रेप की धमकी दी।
- चोरी की गई रकम को Ethereum एड्रेस में भेजा गया, जिसे Sillytuna ने ऑन-चेन कन्फर्म किया।
- सिक्योरिटी रिसर्चर Tayvano ने कन्फर्म किया कि ब्लॉकचेन इन्वेस्टिगेटर्स ने तीन वॉलेट्स फ्लैग किए हैं, जिनमें
0xd0c2C387A7F10CD1FBb1078FaCC834eC43c9dd3Eऔर0xdca9f78a5740bd19d4652f877b7a10a6ad3ec9c4शामिल हैं। - Sillytuna को शक है कि Wagyu.xyz का इस्तेमाल फंड्स को Monero (XMR) में ट्रांसफर और ट्रेस छुपाने के लिए किया जा सकता है।
- पीड़ित ने घटना की रिपोर्ट पुलिस में की है और फंड रिकवरी के लिए 10% बाउंटी देने का वादा किया है।
बड़ी तस्वीर:
- फिजिकल क्रिप्टो चोरी ऑन-चेन वेल्थ विजिबिलिटी बढ़ने के साथ बढ़ गई हैं, जिसमें हमलावर पब्लिक वॉलेट डेटा का इस्तेमाल करके टार्गेट्स चिन्हित करते हैं।
- Monero की प्राइवेसी फीचर्स क्रिप्टो चोरी के मामलों में इसे आम ऑफ-रैंप बनाते हैं, जिससे कानून प्रवर्तन के लिए रिकवरी और मुश्किल हो जाती है।
- इस घटना ने एक कस्टडी वल्नरेबिलिटी को सामने लाया है: खुद के पास रखे गए एसेट्स में जबरदस्ती ट्रांसफर के बाद कोई चार्जबैक या फ्रीज मैकेनिज्म नहीं होता।