जैसे ही हम नए साल की दहलीज पर खड़े हैं और 2025 के तूफानी साल की ओर पीछे देखते हैं, यह साफ हो गया है कि क्रिप्टोकरेन्सी इंडस्ट्री सिर्फ अनुमान लगाने वाले अपने किशोर दौर से आगे निकल चुकी है। इस महत्वपूर्ण साल का विश्लेषण करने के लिए हमारे साथ इंडस्ट्री के कुछ जाने-माने लीडर्स हैं, जिन्होंने मार्केट वोलैटिलिटी, इंस्टिट्यूशनल इंटीग्रेशन और तकनीकी ब्रेकथ्रूज़ के फ्रंट लाइन्स पर काम किया है।
हम अपने सभी कंट्रीब्यूटर्स का तहे दिल से धन्यवाद करना चाहते हैं, जिनकी इनवैल्यूएबल इनसाइट्स और समय ने इस आर्टिकल को खास बनाया: Fernando Lillo Aranda, मार्केटिंग डायरेक्टर, Zoomex – जो मार्केट की छुपी ताकतों को बेहद शार्प और सिनेमैटिक नजरिए से देखते हैं। Griffin Ardern, हेड, BloFin Research & Options Desk – जिनकी मैक्रोइकोनॉमिक्स और डेरिवेटिव्स में गहराई से की गई रिसर्च रिस्क मैनेजमेंट का मास्टरक्लास है। Vivien Lin, चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर और हेड, BingX Labs – जो AI और तैयार होती इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीकों के ज़रिए यूज़र बिहेवियर को बदलते हुए एक विजनरी पर्सपेक्टिव देती हैं।
The Defining Narrative: कोड और कैपिटल में लिखी गई स्टोरी
अगर 2024 वह साल था जब Bitcoin ETF के ज़रिए ‘सूट्स’ (बड़े संस्थान) आए थे, तो 2025 वह साल बन गया जब हमें समझ आ गया कि इंस्टिट्यूशनल एंट्री सिर्फ एक बार की घटना नहीं थी, बल्कि एक सिस्टमेटिक ओवरहाल था। अब न्यूज़ का फोकस बदल चुका है – “क्या वे आएंगे?” से “वे ग्लोबल इकोनॉमी के ताने-बाने में कितने गहराई से जुड़ चुके हैं?” पर आ गया।
Fernando Lillo Aranda (Zoomex) ने इस बदलाव को एक हॉलीवुड सीक्वल की तरह बताया है जिसमें Ben Affleck स्टार हैं: “Institutional Entry 2: The Invisible Manipulation.” Fernando का कहना है कि 2024 जहां एक ग्लैमरस पब्लिक डेब्यू था, वहीं 2025 असली और गहरे इंटीग्रेशन का साल रहा, जिसमें असली गेम पर्दे के पीछे चलता रहा।
“इस साल के मार्केट का ‘इनविज़िबल’ नेचर उन सोफिस्टिकेटेड और लगभग सर्जिकल तरीकों को दिखाता है जिनसे अब संस्थान हिस्सा ले रहे हैं,” Aranda बताते हैं।
“अब वे सिर्फ स्पॉट BTC खरीदकर वॉल्ट में रखने तक सीमित नहीं हैं। हम उस दौर में आ चुके हैं जहां कॉम्प्लेक्स डेरिवेटिव्स, लिक्विडिटी प्रोविजनिंग और सूक्ष्म मार्केट स्ट्रक्चरिंग प्राइस मूवमेंट्स को पहले से ही सेट कर देते हैं, इससे पहले कि वह रिटेल exchange पर दिखे। मार्केट अब मेनेज्ड, मैच्योर और शायद पहले से कहीं ज़्यादा कैल्कुलेटेड लगती है।”
यह “इनविज़िबल मैनिपुलेशन” दरअसल किसी गलत तरीके की शिकायत नहीं है, बल्कि यह बता रहा है कि मार्केट अब प्रोफेशनल बन गया है। पहले जो वोलैटिलिटी क्रिप्टो को डिफाइन करती थी, उसे अब इंस्टिट्यूशनल हेजिंग कम या नियंत्रित कर रही है। अब बड़े प्लेयर्स स्क्रिप्ट लिख रहे हैं और रिटेल इन्वेस्टर्स अक्सर प्री-डिटर्माइंड प्लॉट को फॉलो कर रहे हैं।
Vivien Lin इस बदलाव को स्ट्रक्चरल एंगल से देखती हैं और एक बड़ा दावा करती हैं कि मशहूर “चार साल का साइकल” शायद अब खत्म हो गया है। Lin बताती हैं:
“2025 वह साल बन गया जब क्रिप्टो ने चार साल के पुराने साइकल को तोड़ दिया और तेजी से, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन वेव्स में मूव करने लगा – जहां असली इनोवेशन का असर दिखा, न कि सिर्फ हाइप का।”
इस बदलाव का मतलब है कि वह हैल्विंग-बेस्ड सोच, जो एक दशक से इन्वेस्टर साइकॉलजी पर राज कर रही थी, अब एक लगातार चलने वाले, हमेशा-ऑन मार्केट से बदल चुकी है। अब प्राइस एक्शन मुख्य तौर पर टेक्नोलॉजिकल रिलीज, तुरंत असर डालने वाले मैक्रो-इकनॉमिक फैक्टर्स और रेग्युलेटरी उपलब्धियों से तय होता है, न कि किसी खास कैलेंडर डेट से।
The Winners’ Circle: इकोसिस्टम दबदबा या सेक्टर रोटेशन?
2025 में दबदबे की जंग एक खाली जगह में नहीं लड़ी गई थी। यह एक मल्टी-फ्रंट वॉर थी जिसमें Layer 1, Layer 2, और उभरता हुआ AI-DePIN सेक्टर शामिल थे।
Fernando Lillo Aranda के अनुसार, जीतने वाले अलग-अलग थे, लेकिन उन सबमें हाई एनर्जी और कल्चरल कनेक्शन जैसी एक समान थीम देखने को मिली। वे Solana को प्रमुख विनर बताते हैं, जिसे Memecoins ने लगातार रिटेल लिक्विडिटी के लिए 2025 में प्राइमरी ऑनबोर्डिंग टूल बनाकर और पावर दी।
Aranda बताते हैं:
“Solana ने ‘फास्ट-ट्विच’ इकॉनमी को मास्टर कर लिया। जब बाकी लोग भविष्य बना रहे थे, Solana ने Memecoins और एक ऐसी यूज़र एक्सपीरियंस के जरिए प्रेजेंट को कैप्चर किया, जैसा इंटरनेट होना चाहिए।”
हालांकि, Aranda का कहना है कि विजेता बनने की बात सिर्फ कोड की नहीं थी, बल्कि कल्चर और कैपिटल की भी थी। वे DeFi स्पेस में Hyperliquid के उभरने का उदाहरण देते हैं, जिसने साबित कर दिया कि डिसेंट्रलाइज्ड ट्रेडिंग अब स्पीड और डेप्थ के मामले में सेंटरलाइज्ड जायंट्स को टक्कर दे सकती है।
साथ ही वे 2025 पर छाई हुई “Political Aura” को भी हाईलाइट करते हैं। Trump प्रशासन और First Lady के क्रिप्टो स्पेस में एक्टिव और आवाज़ उठाने से इस इंडस्ट्री को एक अलग लेवल की कल्चरल वैलिडिटी और वोलैटिलिटी मिली, जो पहले कभी देखने को नहीं मिली थी।
Aranda SUI को भी breakthrough विनर मानते हैं, जो दिखाता है कि high-performance Layer 1s के पास अब भी स्थापित ऑर्डर को चैलेंज करने के लिए काफी जगह है।
Vivien Lin पूरा नजरिया रखते हुए कहती हैं कि असल में जीत “Rotation” के कॉन्सेप्ट की थी। उनके अनुसार कोई एक चैंपियन नहीं था। वे समझाती हैं:
“अलग-अलग समय पर अलग-अलग सेक्टर आगे निकले, चाहे Layer 2 हो या Solana या AI-ड्रिवन क्रिप्टो, और यही rotation दिखाता है कि पुराना cycle नैरेटिव अब प्रासंगिक नहीं रह गया है।”
यह diversification एक हेल्दी और mature होते मार्केट की निशानी है, जहां कैपिटल उस जगह फ्लो करती है, जहां सबसे ज्यादा यूटिलिटी या मजबूत नैरेटिव मिल रहा हो।
मैक्रो सीन: Geopolitics, Trade Wars और Digital Gold को लेकर बहस
2025 “Trump Trade” और Washington-Wall Street के बीच बने हुए वोलैटाइल माहौल के लिए याद किया जाएगा। Griffin Ardern, Head of BloFin Research & Options Deskने डिटेल में बताया कि कैसे ग्लोबल इवेंट्स ने चार्ट्स की दिशा बदल दी। Ardern जोड़ते हैं:
“इस साल मार्केट पर सबसे बड़ा असर ट्रेड वॉर ने डाला, फिर Trump प्रशासन की फिस्कल पॉलिसी से जुड़े बिल्स, और इसके साथ ही Iran-Iraq conflict भी था।”
Ardern का टाइमलाइन एक रोलरकोस्टर जैसा था- अप्रैल में ट्रेड टेंशन के कारण बड़ा गिरावट आई, जून में जियोपॉलिटिकल स्टॉल दिखा। लेकिन प्रशासन ने OBBBA (Operation Back Better Bitcoin Act) और रिकॉर्ड-ब्रेकिंग T-bill इश्यूंस के जरिये बंपर लिक्विडिटी मार्केट में डाली, जिससे S&P 500 और Bitcoin दोनों ने ऑल-टाइम हाई छू लिया।
लेकिन क्या इससे Bitcoin को Digital Gold मान लिया जाए? Ardern के एनालिसिस के अनुसार, अभी वहां तक नहीं पहुंचे हैं।
“रिस्क मैनेजमेंट के नजरिए से, संस्थाएं अभी भी BTC को एक ‘बहुत संवेदनशील जोखिम वाली एसेट’ मानती हैं, न कि ‘सेफ-हेवन एसेट’। कारण समझना सरल है: जब प्राइस बढ़ता है, तब BTC का मजबूत डेरिवेटिव्स मार्केट उसकी इन्ट्रिंसिक एसेट वैल्यू को लीवरेज के साथ पीछे छोड़ देता है।”
— Griffin Ardern
Ardern के अनुसार, Bitcoin की वैल्यू के स्टोरेज का असली मतलब तब ही सामने आता है जब लीवरेज का फोम हट जाता है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने ये भी नोट किया है कि अब तो गोल्ड और सिल्वर जैसी पारंपरिक एसेट्स भी “लीवरेज-फर्स्ट” प्राइस एक्शन दिखा रही हैं। यह ग्लोबल बदलाव बताता है कि अब हर सेफ-हेवन एसेट हाई-फ्रीक्वेंसी, डेरिवेटिव्स-हैवी वर्ल्ड में इसी तरह ट्रेड हो रही हैं।
Vivien Lin भी मानती हैं कि भले ही Bitcoin “परफेक्ट” हेज नहीं है, मगर इसकी वैल्यू काफी बदल चुकी है:
“इंटरेस्ट रेट में बदलाव और लगातार जारी जियोपॉलिटिकल टेंशन्स ने रिस्क ऐपेटाइट को एक बड़ा मुद्दा बनाए रखा है और Bitcoin की मैक्रो एसेट के रूप में भूमिका को और मजबूत किया है। भले ही यह अब तक परफेक्ट हेज नहीं है, लेकिन ट्रेडिशनल फाइनेंस अब साफ तौर पर Bitcoin को ग्लोबल रिस्क और मंदी की बातचीत का हिस्सा मानता है।”
अब TradFi भी Bitcoin को ग्लोबल रिस्क और मंदी की बातचीत का जरूरी हिस्सा मानता है, जो पहले कभी सोचा भी नहीं जा सकता था।
On-Chain Reality: क्या AI नया यूजर बेस बन गया है
सालों से इंडस्ट्री का दावा रहा है कि बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर ही लोगों को क्रिप्टो में लाएगा। 2025 में ये इन्फ्रास्ट्रक्चर आ गया, Layer 2 पर गैस फीस काफी कम हो गई और ट्रांजेक्शन स्पीड भी अब ट्रेडिशनल वेब सर्विसेज जितनी हो गई। लेकिन क्या लोग सच में आए?
Vivien Lin का पॉइंट है कि नए “यूजर्स” सिर्फ इंसान नहीं, बल्कि AI-इन्हांस्ड पार्टिसिपेंट्स भी हैं।
“इस साल असली बदलाव AI ने किया। ट्रेडर्स ने तेजी से सीखा, ज्यादा पर्सनलाइज्ड एनवायरनमेंट में काम किया, और ऐसे टूल्स से कॉन्फिडेंस बढ़ा जो मुश्किल फैसलों को आसान बनाते हैं।”
— Vivien Lin
AI ने सिर्फ पुराने ट्रेडर्स को ही नहीं, बल्कि उन नए लोगों के लिए भी रास्ता आसान कर दिया जिनके लिए पहले क्रिप्टो बहुत कॉम्प्लेक्स थी। अब हम ऐसे दौर में पहुंच रहे हैं जहां “रियल यूजर” कोई इंसान हो सकता है जिसे AI एजेंट मदद कर रहा हो, या फिर वो खुद एक ऑटोनोमस एजेंट हो सकता है।
इस बदलाव से साफ है कि अब स्पेकुलेटर्स की पॉल और भी स्मार्ट हो गई है। 2025 के स्पेकुलेटर्स डेटा-क्रंचिंग बॉट्स और ऑटोमेटेड रिस्क मैनेजमेंट टूल्स से लैस थे, जिससे ऑन-चेन एनवायरनमेंट पहले से कहीं ज्यादा कॉम्पिटिटिव और एफिशिएंट हो चुका है।
अनपेक्षित: 2025 के Black Swan और “Green Swan” इवेंट्स
क्रिप्टो में कोई साल सरप्राइज के बिना पूरा नहीं होता। 2025 की शुरुआत में बहुत कम लोगों ने यह अंदाजा लगाया था कि बड़े लेवल की पॉलिटिक्स और अग्रेसिव फिस्कल पॉलिसी आपस में इस तरह मिलेंगी और इस साल को परिभाषित करेंगी।
Fernando Lillo Aranda के लिए, 2025 का “हॉलीवुड” एलिमेंट था राजनीति का जबरदस्त दखल। उन्होंने जिस “इनविज़िबल मैनिपुलेशन” का जिक्र किया, वो शायद यह है कि अब क्रिप्टो United States की नेशनल इकनॉमिक स्ट्रैटेजी में शामिल हो गया है। कभी जो क्रिप्टो एक काउंटर-कल्चर मूवमेंट थी, आज वह नेशनल फिस्कल पॉलिसी का हिस्सा बन गई है।
Griffin Ardern ने T-बिल की भारी इश्यू और OBBBA के “साइड इफेक्ट्स” की तरफ इशारा किया है। इन कदमों से मार्केट को स्थिरता मिली और मार्केट $120k+ की रैली तक पहुंच गया, लेकिन मंदी और debt-to-GDP ratio ने Q4 के आखिर तक मार्केट को परेशान करना शुरू किया। यह “फिस्कल हैंगओवर” अब 2025 के साल के आखिर की पार्टी का अनचाहा मेहमान बन गया है, जो 2026 के लिए काफी जटिल स्थिति तैयार कर रहा है।
नतीजा: नए दौर की परिपक्वता
2025 खत्म करते हुए हमारे एक्सपर्ट्स की राय एकदम साफ है — मार्केट अब मैच्योर हो चुका है। अब हम इंस्टीट्यूशंस का इंतजार नहीं कर रहे हैं, वो आ चुके हैं और स्क्रिप्ट लिख रहे हैं। अब हम इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी इंतजार नहीं कर रहे हैं, वो बन चुका है और AI से चलने वाले पार्टिसिपेंट्स इसके हिस्से बन रहे हैं।
Bitcoin ने ट्रेड वॉर्स, जियोपॉलिटिकल कॉन्फ्लिक्ट्स और भारी डीलिवरेजिंग इवेंट्स का सामना कर लिया है। यह अब सिर्फ सर्वाइव नहीं हुआ है, बल्कि Global फाइनेंशियल डिस्कशन का सेंट्रल पिलर बन गया है। चाहे आप इसे Digital Gold मानें या High-Sensitivity Risk Asset, एक बात साफ है: Bitcoin और पूरा क्रिप्टो इकोसिस्टम अब हाशिए पर नहीं है।
2026 की तरफ देखते हुए सवाल यह नहीं है कि क्रिप्टो फ्यूचर का हिस्सा बनेगा या नहीं, बल्कि अब यह है कि हम इसकी जबरदस्त पावर और कॉम्प्लेक्सिटी को किस तरह मैनेज करेंगे।