Coinglass के डेटा के अनुसार, पिछले 24 घंटों में क्रिप्टो ट्रेडर्स ने $942.1 मिलियन की leveraged पोजीशन लिक्विडेट होते देखीं। इसमें से लॉन्ग पोजीशन का हिस्सा $863.3 मिलियन, यानी कुल मिलियन का 91.6% रहा।
यह वाइपआउट तब हुआ जब ब्रॉडर मार्केट गिर गया। BeInCrypto Markets के आंकड़ों के मुताबिक, कुल क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन 24 घंटों में 4.96% गिरकर $2.76 ट्रिलियन रहा।
क्रिप्टो लिक्विडेशन स्विप में Ethereum लॉन्ग्स को सबसे ज्यादा नुकसान
Ethereum (ETH) पिछले 24 घंटों में 5.31% गिरकर $2,373.87 पर पहुंच गया। यह मार्केट वैल्यू के हिसाब से पांच सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में सबसे बड़ी गिरावट थी। वहीं, Bitcoin (BTC) इसी अवधि में 2.54% गिरकर $81,328 पर आ गया।
दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी ने लिक्विडेशन की सूची में भी टॉप किया। ट्रेडर्स ने ETH पोजिशंस में $283.1 मिलियन का नुकसान झेला, जिसमें से $261 मिलियन से ज्यादा लॉन्ग्स में ही था।
इसके बाद Bitcoin रहा, जिसमें $196 मिलियन की लिक्विडेशन हुई, जिसमें लगभग $176 मिलियन लॉन्ग्स से आई।
ज्यादातर सेलिंग बहुत कम समय में हुई। Coinglass ने सबसे हाल की एक घंटे में $489.4 मिलियन लिक्विडेशन रिकॉर्ड की, जो कुल 24 घंटे के टोटल का आधे से ज्यादा है।
Binance ने सभी लिक्विडेशन का 53.7% हैंडल किया। इस exchange पर सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर हुआ, जिसमें BTCUSDT लॉन्ग $12.03 मिलियन का $80,208.96 प्राइस पर क्लोज हुआ।
ये नुकसान ट्रेडिशनल एसेट्स से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स पर भी देखने को मिला। क्रिप्टो exchanges पर ट्रेडर्स ने सिल्वर (XAG) में $22.1 मिलियन और $13.3 मिलियन गोल्ड (XAU) पोजीशंस भी लिक्विडेट होते देखी।
लेटेस्ट क्रिप्टो न्यूज़ के लिए हमें X पर फॉलो करें
Chip स्टॉक्स टूटने पर Crypto के साथ सियोल और टोक्यो का मार्केट भी लहूलुहान
सेल-ऑफ़ का असर गुरुवार को एशियाई स्टॉक्स पर भी दिखा। दक्षिण कोरिया का KOSPI 7.85% गिरकर सुबह के आखिर तक 5,537.15 पर आ गया। जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 4.81% टूटकर 64,489.06 पर बंद हुआ।
Semiconductor कंपनियों के शेयरों में गिरावट दोनों मार्केट्स में देखने को मिली। यह गिरावट बुधवार को आई US इंफ्लेशन रिपोर्ट की वजह से हुई, जिसमें उम्मीद से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) सितंबर तक 12 महीनों में 3.7% बढ़ा, जैसा कि BeInCrypto ने रिपोर्ट किया।
अगस्त में CPI 3.4% था, यानी इसमें बढ़ोतरी आई है। कोर CPI, जिसमें खाने और एनर्जी की चीजें शामिल नहीं होतीं, 2.4% से बढ़कर 2.6% पहुंच गई। गुरुवार की यह गिरावट, इस हफ्ते की शुरुआत में एशियन मार्केट्स पर बने दबाव में और इजाफा कर गई।
Federal Reserve की अगली मीटिंग 27 और 28 अक्टूबर को होनी है। उस दौरान पता चलेगा कि सितंबर में इंफ्लेशन में आई यह तेजी एक और रेट hike को सही ठहराने के लिए काफी है या नहीं।
ट्रेडर्स अभी फिलहाल इसे प्राइस इन नहीं कर रहे हैं, क्योंकि CME के FedWatch डेटा के मुताबिक अक्टूबर में रेट बढ़ने की संभावना सिर्फ 24.9% है।
हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें और लीडर्स व जर्नलिस्ट्स की एक्सपर्ट राय देखें











