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2026 में कौन से टॉप क्रिप्टो नैरेटिव्स पर ध्यान देना जरूरी?

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के द्वारा लिखा गया
Camila Grigera Naón

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के द्वारा edit किया गया
Mohammad Shahid

23 दिसंबर 2025 22:30 UTC
  • 2026 में क्रिप्टो एडॉप्शन अब हाइप या सट्टेबाज़ी नहीं, बल्कि असली यूज़ केसेस से बढ़ रहा है
  • Stablecoins अलग-अलग क्षेत्रों में पेमेंट, सेविंग्स और ऑन-चेन एक्टिविटी का आधार
  • सिंपल यूजर एक्सपीरियंस बना एडॉप्शन बढ़ाने की कुंजी

क्रिप्टो की अगली ग्रोथ फेज चुपचाप शुरू हो चुकी है, और क्रिप्टो की narratives अब रोजमर्रा के इस्तेमाल की तरफ शिफ्ट हो रही हैं। 2026 में एडॉप्शन इस बात पर ज्यादा निर्भर करेगा कि लोग अब भी रोज़मर्रा की फाइनेंसियल लाइफ में क्रिप्टो कैसे यूज़ कर रहे हैं।

BeInCrypto के साथ एक इंटरव्यू में CakeWallet और SynFutures के रिप्रेजेंटेटिव्स ने बताया कि आने वाले साल में क्रिप्टो रियलिस्टिक रूप से कहां जा रहा है। उनके अनुसार, अब payments, savings और risk management, speculation की जगह मेन ड्राइवर्स बन रहे हैं जिससे एक्टिविटी लगातार बनी रहेगी।

रोजमर्रा की मनी की तरह Crypto

2026 की ओर बढ़ते हुए असली क्रिप्टो एडॉप्शन की सबसे साफ पहचान ये है कि अब यह रोजमर्रा की मनी के तौर पर उभर रहा है, खासकर उन रीजन में जहां पारंपरिक फाइनेंशियल सिस्टम भरोसेमंद या आसानी से एक्सेस नहीं किए जा सकते।

अब speculation के लिए नहीं, बल्कि saving, spending और वैल्यू ट्रांसफर के लिए क्रिप्टो को प्रैक्टिकल टूल के तौर पर ज्यादा यूज किया जा रहा है।

“इस सवाल का जवाब अलग-अलग देशों में अलग है, लेकिन मैं 2026 में ग्रोथ के लिए दो बड़े मामले देख रहा हूं,” Seth for Privacy, Vice President, CakeWallet ने कहा। “पहला है Global South में, जहां पिछले कई सालों में stablecoin की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ी है।”

इन रीजन में कई बार inflation, capital controls या कमजोर बैंकिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से बने गैप को क्रिप्टो पूरा करता है। स्पेशली stablecoin धारकों को ऐसी करेंसी में वैल्यू रखने का मौका देते हैं जिसकी वैल्यू जल्दी गिरती नहीं है, वही उसे ट्रांसफर करना भी आसान रहता है।

“उदाहरण के लिए Nicaragua के आम आदमी के लिए USDT जैसे stablecoin को प्राइवेसी के साथ wealth स्टोर या असली जरूरतों के लिए पेमेंट में यूज़ करने की संभावना, उन्हें मालिस और theft से बचा सकती है,” executive ने बताया।

जैसे-जैसे क्रिप्टो पब्लिक के बीच और विज़िबल हो रहा है, वैसे-वैसे प्राइवेसी भी बहुत जरूरी बन रही है। जो यूजर्स रोजमर्रा के ख़र्च के लिए क्रिप्टो पर डिपेंड हैं, उनके लिए ट्रांजेक्शन डेटा की सुरक्षा केवल विचारधारा नहीं, बल्कि पर्सनल सेफ्टी का सवाल भी है।

इस सिचुएशन में, एडॉप्शन जरूरत के कारण हो रहा है, जोश या उत्साह से नहीं। मार्केट साइकिल्स चाहें जैसा रहें, ग्रोथ लगातार चलती रहती है।

जैसे-जैसे ये यूज केस mature हो रहे हैं, उन्हें सपोर्ट करने वाले टूल्स—खासकर stablecoins—ग्लोबल क्रिप्टो इकोसिस्टम में सेंट्रल रोल निभा रहे हैं।

Stablecoin पर Yield और Payments

जहां stablecoin को इमर्जिंग मार्केट्स से जोड़ा जाता था, वहीं अब ये तेजी से डेवलप्ड इकोनॉमीज में भी इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। 2026 में stablecoin अब केवल क्रिप्टो और fiat के बीच ब्रिज नहीं, बल्कि कोर फाइनेंशियल टूल की तरह जगह बना रहे हैं।

“अब भी सबसे बड़ा अनएक्सप्लोर्ड मार्केट West है,” Seth ने कहा। “कई लोग stablecoin की यूटिलिटी पर ध्यान नहीं देते क्योंकि उन्हें बैंकिंग और fiat ऑन-रैंप्स आसान मिल जाती हैं।”

लेकिन जैसे ही यूज़र stablecoin ट्रांसफर की स्पीड और सिम्पलिसिटी को ट्रेडिशनल फाइनेंशियल सिस्टम्स से कंपेयर करते हैं, उनकी सोच बदल सकती है। बहुत से लोगों के लिए, इसमें डिले, फीस और अनावश्यक बिचौलियों से बचने का अट्रैक्शन है।

“जैसे ही यूज़र्स को समझ में आएगा कि Bitcoin और USDT जैसे स्टेबलकॉइन के बीच ट्रांसफर करना फिएट के मुकाबले कितना आसान है, वैसे ही एडॉप्शन बहुत तेज़ी से बढ़ेगा,” उन्होंने जोड़ा। 

Stablecoins अब ऑन-चेन फाइनेंसियल एक्टिविटी को काफी तेजी से डिजिटल टेच देती हैं। 2026 तक और ज्यादा यूज़र passive income के लिए stablecoin की तरफ आकर्षित होंगे और DeFi यील्ड का फायदा लेंगे।

“Stablecoins अब DeFi ट्रेडिंग और डेरिवेटिव्स मार्केट्स का बेस लेयर बनती जा रही हैं,” Wenny Cai, COO, SynFutures ने कहा। उन्होंने आगे बताया कि अब ये एसेट्स सिर्फ पड़े नहीं रहते बल्कि एक्टिव बैलेंस के तौर पर यूज़ होती हैं। यूजर्स स्टेबलकॉइन को अब ‘वर्किंग कैपिटल’ यानी ऐसी फंडिंग मानने लगे हैं, जो एक्टिवली इस्तेमाल हो रही है, न कि सिर्फ जमा करके रखी गई है।”

कैसे वैल्यू होल्ड और मूव की जाती है, इस बदलाव से यूज़र्स का इंटरैक्शन क्रिप्टो से सिंपल पेमेंट्स से आगे बढ़ रहा है।

जब usage जानबूझकर होता है

जैसे-जैसे क्रिप्टो मार्केट्स mature हो रहे हैं, वैसे-वैसे यूज़र बिहेवियर भी बदल रहा है। अब शॉर्ट-टर्म प्राइस मूवमेंट्स के पीछे भागने की बजाय, बहुत से यूज़र क्रिप्टो को समझदारी और प्लानिंग के साथ यूज़ करने पर फोकस कर रहे हैं।

“अब हमें यूज़र्स को आखिरकार क्रिप्टो को पैसे की तरह यूज़ करते देखना मिलेगा!” Seth ने BeInCrypto को बताया। “जब स्पेकुलेशन कम होगा और प्राइस स्टेबल हो जाएंगी, तब असली ग्रोथ आएगी जब लोग क्रिप्टो से गुड्स और सर्विसेज के पेमेंट करेंगे।”

इसी बीच, कुछ यूज़र्स ऐसे टूल्स यूज़ कर रहे हैं, जिससे एक्सपोज़र और रिस्क को अच्छे से मैनेज किया जा सके। Cai के अनुसार, 2026 में रिटेल यूज़र्स एक्टिव कैपिटल मैनेजमेंट की तरफ ज्यादा झुक रहे हैं, ना कि सिर्फ स्पेकुलेशन के लिए।

अब यूज़र्स बहुत ज्यादा डाइवर्सिफिकेशन की बजाय फोकस्ड इन्वेस्टिंग का रास्ता अपना रहे हैं।

कई टोकन सिर्फ खरीदकर होल्ड करने की बजाय, अब यूज़र मेजर एसेट्स को leverage के साथ ट्रेड करना, रिस्क को hedge करना या ऑर्गनाइज्ड स्ट्रैटेजी इस्तेमाल करना पसंद करते हैं—वो भी ऑन-चेन,” उन्होंने बताया।

चाहे माइक्रो लेवल पर प्रोसेस कॉम्प्लेक्स हों, मोटिवेशन बहुत सिंपल है। यूज़र्स को ज़्यादा कंट्रोल, क्लियर रिजल्ट और कम सरप्राइजेस चाहिए।

जैसे-जैसे यूज़र बिहेवियर बदल रहा है, एडॉप्शन भी अलग-अलग ग्रुप्स और इंडस्ट्री में ब्रॉड हो रहा है।

DeFi और TradFi का इंटीग्रेशन

2026 में क्रिप्टो एडॉप्शन सिर्फ एक ही डेमोग्राफिक तक सीमित नहीं है

बल्कि, इसमें अलग-अलग ज़रूरतों वाले लोग, बिज़नेस और प्रोफेशनल मार्केट पार्टिसिपेंट्स शामिल हैं।

“सबसे तेज़ ग्रोथ अभी भी Global South में हो रही है, जहां असली लोगों की असली ज़रूरतें हैं, न कि सिर्फ स्पेक्युलेशन का शौक़,” Seth ने बताया। “बैंकिंग तक सही पहुंच नहीं, तेजी से गिरती fiat करेंसीज़, और सख्त रेमिटेंस कंट्रोल्स इन देशों को 2026 में क्रिप्टो के इस्तेमाल के लिए स्पेशली तैयार बनाते हैं।”

साथ ही, प्रोफेशनल यूज़र्स भी तेजी से अपनी मौजूदा ऑपरेशंस में क्रिप्टो टूल्स को शामिल कर रहे हैं।

“Fintech के अलावा, ट्रेडिंग फर्म्स, डिजिटल एसेट मैनेजर्स और ऑनलाइन ब्रोकरेजेज 2026 में DeFi टूल्स के लीडिंग एडॉप्टर्स हैं,” Cai ने कहा।

अब जो चीज़ बदली है वो है रेडीनेस। इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर हुआ है, प्लेटफॉर्म्स पहले से ज्यादा स्टेबल हैं और अब टूल्स हाई-वॉल्यूम एक्टिविटी को सपोर्ट करने लगे हैं। इसी वजह से अब एडॉप्शन को केवल एक्सपेरिमेंट के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि यह प्रैक्टिकल बिज़नेस डिसीजन बन चुका है।

फिर भी, जैसे-जैसे एडॉप्शन बढ़ रहा है, एक चुनौती ऐसी है जो अभी भी तय करती है कि क्रिप्टो असल में कितनी दूर जा सकता है।

ऐसी Platforms जो क्रिप्टो यूज़ करना आसान बनाती हैं

दोनों इंटरव्यूज़ में एक बात कॉमन रही: वाइडर एडॉप्शन के लिए अब सबसे बड़ी रुकावट टेक्निकल कैपेबिलिटी, रेग्युलेशन या लिक्विडिटी नहीं है।

“बिल्कुल यूज़र एक्सपीरियंस,” Seth ने कहा, जब उनसे पूछा गया कि 2026 में क्रिप्टो का ग्रोथ सबसे ज्यादा किस चीज़ से अनलॉक होगा। “बहुत समय तक, क्रिप्टो टूल्स ‘नर्ड्स के लिए और नर्ड्स द्वारा’ बनाए गए हैं।”

Cai ने भी ट्रेडिंग साइड से इसी बात को दोहराया

“इन्फ्रास्ट्रक्चर काम करता है, लिक्विडिटी मौजूद है, और डिमांड प्रूव हो चुकी है—लेकिन एडवांस्ड ट्रेडिंग टूल्स अब भी बहुत सारे यूज़र्स को डरावने लगते हैं,” उन्होंने कहा।

जैसे-जैसे क्रिप्टो का अगला फेज़ आएगा, सक्सेस का दारोमदार क्लैरिटी और सिंप्लिसिटी पर होगा। ऐसे प्लेटफॉर्म्स, जो पावरफुल टूल्स को यूज़र्स के लिए आसान और सुरक्षित बनाते हैं, वे लॉन्ग-टर्म यूसेज को कैप्चर कर सकते हैं।

2026 में, क्रिप्टो की वह स्टोरी सबसे ज्यादा मायने रखेगी जिसे यूज़र महसूस भी ना करें—क्योंकि वे बस आसानी से काम करती है।

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