US फाइनेंशियल मार्केट्स और क्रिप्टोकरेन्सी Supreme Court द्वारा पूर्व President Donald Trump के ग्लोबल टैरिफ खत्म करने के बाद ऊपर चले गए, जिससे आर्थिक अनिश्चितता का एक बड़ा स्रोत दूर हो गया।
Court ने फैसला दिया कि Trump ने अपनी पावर को पार किया और Congress की परमिशन के बिना इमरजेंसी पावर्स का यूज़ करके बड़े टैरिफ लगा दिए। इस फैसले से President की पावर कम हो गई है कि वे अकेले ट्रेड पॉलिसी बदल सकें, और Congress को टैरिफ्स के लिए मुख्य authority बना दिया गया है।
Supreme Court ने Congress के टैरिफ्स कंट्रोल को फिर से बहाल किया
इस फैसले ने US की इकनॉमिक पॉलिसी में पॉवर का बैलेंस तुरंत बदल दिया।
ये टैरिफ्स जो इमरजेंसी अथॉरिटी से लगाए गए थे, कई देशों से इम्पोर्ट्स को टारगेट करते थे और इससे अरबों $ की इनकम जनरेट हुई थी।
बिजनेस और ट्रेड ग्रुप्स ने इन फैसलों को चैलेंज किया था, उनका कहना था कि इनसे लागत बढ़ गई और सप्लाई चेन भी डिस्टर्ब हो गई। Supreme Court के इस फैसले के बाद अब Congress की explicit approval के बिना ऐसे टैरिफ्स नहीं लगाए जा सकते।
ट्रेड की अनिश्चितता कम होते ही stocks और क्रिप्टो में तेजी
मार्केट्स ने तुरंत रिएक्ट किया।
S&P 500 लगभग 0.40% बढ़ा, वहीं Nasdaq में लगभग 0.70% की तेजी आई, जो इन्वेस्टर्स की बढ़ी हुई कॉन्फिडेंस को दिखाता है। टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में सबसे ज्यादा ग्रोथ देखी गई, जिससे साफ है कि इकनॉमिक ग्रोथ और स्टैबिलिटी की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।
इसी बीच, ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप $2.38 ट्रिलियन तक पहुंच गया, वहीं Bitcoin की ट्रेडिंग करीब $67,000 के आस-पास रही, जबकि हाल ही में इसमें वोलैटिलिटी देखी गई।
Gold में भी फैसले के तुरंत बाद गिरावट आई, लेकिन थोड़ी ही देर में रिकवरी भी दिखी, जो risk सेंटिमेंट में बदलाव दिखाता है।
मार्केट का रिएक्शन दिखाता है कि अब trade uncertainty कम हो गई है। टैरिफ्स अक्सर इम्पोर्टेड प्रोडक्ट्स पर टैक्स की तरह असर डालते हैं, जिससे दाम बढ़ जाते हैं और इकनॉमिक एक्टिविटी धीमी हो जाती है।
व्यापक टैरिफ्स के खतरे को हटाने से मंदी (inflation) का जोखिम कम होता है और लिक्विडिटी की उम्मीदें बेहतर होती हैं। दोनों ही चीजें रिस्क असेट्स को सपोर्ट करती हैं।
यह खासतौर पर क्रिप्टो के लिए बहुत मायने रखता है।
Bitcoin और अन्य डिजिटल एसेट्स ग्लोबल लिक्विडिटी और इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस के लिए बेहद सेंसिटिव हैं। जब मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितता कम होती है, तो पूंजी रिस्की असेट्स में वापस आना शुरू हो जाती है।
क्रिप्टो और stocks दोनों की रिकवरी दिखाती है कि निवेशकों का कॉन्फिडेंस वापस आ रहा है, खासकर कई हफ्तों तक चल रहे जियोपॉलिटिकल और इकोनॉमिक तनाव के बाद।
हालांकि, इस फैसले ने गहरे राजनीतिक तनाव को भी उजागर किया है। यह रूलिंग राष्ट्रपति की ताकत को लिमिट करती है और टैरिफ्स पर Congress के संवैधानिक कंट्रोल को मज़बूत करती है। इससे भविष्य के ट्रेड एक्शन्स की रफ्तार धीमी हो सकती है, लेकिन अचानक की नीतिगत बदलावों से मार्केट्स को झटका लगने के जोखिम भी कम होंगे।
क्रिप्टो मार्केट्स के लिए, ग्लोबल ट्रेड और इकोनॉमिक पॉलिसी में स्थिरता आमतौर पर पॉजिटिव होती है। भले ही जियोपॉलिटिकल जोखिम बरकरार हैं, Supreme Court का फैसला एक बड़ा मैक्रो खतरा दूर करता है।
अभी के लिए, यह बदलाव Bitcoin और पूरी डिजिटल एसेट मार्केट को सपोर्ट करता दिख रहा है।