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Binance Blockchain Week में Dubai बना क्रिप्टो की चौथी क्रांति का नया सेंटर

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Matej Prša

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Dmitriy Maiorov

09 जनवरी 2026 13:44 UTC

Dubai की रेगिस्तानी गर्मी हमेशा से क्रिप्टो मार्केट की तीव्रता का एक रूपक रही है – सख्त, चमकदार और रातों-रात दृश्य बदल देने वाली। लेकिन इस बार Binance Blockchain Week (BBW) के खत्म होते ही ये साफ हो गया कि इस बार की गर्मी सिर्फ मौसम की नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल थी।

कई सालों से क्रिप्टो इंडस्ट्री एक ऐसे घर की तलाश में थी, जो ना सिर्फ उसे बर्दाश्त करे बल्कि समझे भी। हमने Zug के शुरुआती दिनों से लेकर Singapore में रेग्युलेटरी सख्ती और United States में कानूनों की अनिश्चितता देखी है। लेकिन, BBW ने साफ संकेत दिया कि अब ग्रैविटी का सेंटर बदल चुका है।

इस इवेंट की परतें खोलने के लिए हमने दो खास लोगों से बातचीत की, जिन्होंने इस बदलाव को करीब से देखा है: Fernando Lillo Aranda, Marketing Director, Zoomex और Griffin Ardern, Head, BloFin Research & Options Desk। इनकी नजरों और इवेंट में छाई ट्रेंड्स के विश्लेषण के जरिए हमने समझा कि क्या ‘4th Technology Revolution’ को आखिरकार अपना स्थायी हेडक्वार्टर मिल गया है।

नैरेटिव बदला: Hype से Hard Infrastructure की ओर

Coca-Cola Arena के गलियारों में चलते हुए, चर्चा अगले मीम कॉइन या एक पल की NFT ट्रेंड के बारे में नहीं थी। माहौल में इंस्टिट्यूशनल इंटीग्रेशन की बातें गूंज रहीं थीं। तीन खास नैरेटिव्स ने न सिर्फ एजेंडा तय किया, बल्कि उसे फिर से लिख दिया।

Real world asset (RWA) का बढ़ता ट्रेंड

RWA (real world asset) इस कॉन्फ्रेंस का सबसे बड़ा केंद्र था। बातचीत अब “क्या हम एक घर को टोकनाइज़ कर सकते हैं?” से आगे बढ़कर “कैसे $100 ट्रिलियन ग्लोबल बांड मार्केट को चेन पर लाया जाए?” पहुंच चुकी है। BBW में ट्रेडिशनल बैंकिंग जायंट्स और DeFi प्रोटोकॉल का एक नया मिलन देखने को मिला। अब नैरेटिव ये नहीं है कि बैंकों को ‘डिसरप्ट’ किया जाए, बल्कि उन्हें ज्यादा एफिशिएंट सेटलमेंट लेयर देना है।

AI और Web3: Symbiotic ब्रेन

अगर RWA शरीर है, तो Artificial Intelligence उसका दिमाग है। चर्चा इस बात पर थी कि ब्लॉकचेन AI की सबसे बड़ी ‘ब्लैक बॉक्स’ प्रॉब्लम जैसे डेटा की ऑथेंटिसिटी और डिसेंट्रलाइज्ड कंप्यूट को कैसे हल कर सकता है। आज के समय में, जब AI मॉडल्स ‘Big Tech’ के जरिए सेंट्रलाइज़ होते जा रहे हैं, BBW की ऑडियंस DePIN (Decentralized Physical Infrastructure Networks) पर फोकस कर रही थी। ये क्रिप्टो इंसेंटिव से वो हार्डवेयर पावर बना रहे हैं, जिससे AI ओपन और ट्रांसपेरेंट रह सके।

Layer-2s और Modular Endgame

टेक्निकल लेवल पर अब फोकस “L1 Wars” से “Execution Layer” पर शिफ्ट हो गया है। एजेंडा में Ethereum और Bitcoin Layer-2s के जरिए scalability trilemma के हल पर चर्चा डोमिनेट कर रही थी। कंसेंसस साफ था – फ्यूचर मॉड्यूलर है। हम ऐसे दौर की तरफ बढ़ रहे हैं, जहां यूजर को पता भी नहीं चलेगा कि वह कौन-सी ब्लॉकचेन इस्तेमाल कर रहा है – सारी कॉम्प्लेक्सिटी छुपी रहेगी, बस यूज़फुलिटी नजर आएगी।

इस इवेंट का सबसे खास पहलू वहां की समग्र भावना थी। अगर 2021 को अतार्किक उत्साह ने परिभाषित किया था, तो 2024/2025 की पहचान “सॉबर बुलिशनेस” है। वहां जल्दी अमीर बनने की बेताबी वाली एनर्जी गायब थी। इसके बजाय, अटेंडीज और इंडस्ट्री लीडर्स सतर्क लेकिन गहराई से पॉजिटिव थे। ये “इंस्टिट्यूशनल बुलिशनेस” इस वजह से आई है कि इंडस्ट्री ने अपना Lehman Brothers जैसा लम्हा (FTX) सर्वाइव कर लिया है और और भी मजबूत होकर निकली है। भावना शॉर्ट-टर्म प्राइस एक्शन के लिए न्यूट्रल थी, लेकिन लॉन्ग-टर्म एडॉप्शन को लेकर जबरदस्त बुलिश थी। इंडस्ट्री अब मैच्योर हो चुकी है; उसे अपने वजूद के लिए अब हर रोज़ ग्रीन कैंडल की जरूरत नहीं है।

“Yacht Effect”: कैपिटल आखिर बहता कहां है

जहां पैनल्स ने इंटेलेक्चुअल फ्रेमवर्क दिया, वहीं नेटवर्किंग इवेंट्स – अक्सर Dubai Marina की शाही याच पर आयोजित होते हैं – ने कैपिटल मुहैया कराया। BBW में नेटवर्किंग से कुछ खास सेक्टर्स के लिए मार्केट डिमांड में तुरंत बदलाव देखने को मिला।

इवेंट के तुरंत बाद “कॉरिडोर कैपिटल” फंड्स में तेजी आई है, जो मिडल ईस्ट के ट्रेडिशनल फैमिली ऑफिस से सीधा DeFi 2.0 और Bitcoin-नेटिव staking प्रोजेक्ट्स में ट्रांसफर हो रहे हैं। Dubai जैसी टैक्स-न्यूट्रल जगह पर फाउंडर्स और लिक्विडिटी प्रोवाइडर्स की फिजिकल नजदीकी इस प्रक्रिया को तेज करती है। लंदन या न्यूयॉर्क में जो डील्स छह महीने में होतीं, वो DIFC (Dubai International Financial Centre) में एक कॉफी के दौरान छह दिन में फाइनल हो रही हैं।

रेग्युलेशन: विरोधी से बन गया आर्किटेक्ट

BBW के दौरान सबसे बड़ा बदलाव रेग्युलेटर्स की भूमिका में देखने को मिला। पहले रेग्युलेटरी बॉडीज़ की मौजूदगी डर का माहौल बना देती थी। लेकिन दुबई में उनकी मौजूदगी से इंडस्ट्री को विश्वसनीयता की शील्ड मिल गई।

VARA (Virtual Assets Regulatory Authority) और ग्लोबल फाइनेंशियल वॉचडॉग्स जैसी संस्थाओं की मौजूदगी ने माहौल को “परमिशन माँगने” से “पार्टनरशिप बिल्डिंग” की ओर मोड़ दिया। इस कोलैबोरेशन से ग्लोबल फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन्स को “ग्रीन लाइट” मिली है। जब कोई रेग्युलेटर मंच पर खड़ा होकर इनोवेशन को सपोर्ट करने की बात करता है, न कि रोकने की, तो पूरे एसेट क्लास की क्रेडिबिलिटी बढ़ जाती है। अब ये कोई “शैडो मार्केट” नहीं रही; ये नया फाइनेंशियल स्टैंडर्ड है।

क्या Dubai वाकई सबसे ज़रूरी हब है

अंत में, और शायद सबसे अहम सवाल है – क्या United Arab Emirates ने आखिरकार “हब वॉर” जीत लिया है? इसका जवाब जानने के लिए हमें उस स्ट्रैटेजिक पोजिशनिंग को देखना होगा जो इस इलाके को खास बनाता है।

Fernando Lillo Aranda, Zoomex के मार्केटिंग डायरेक्टर, UAE को सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि ग्लोबल बदलाव के सेंट्रल पिलर के रूप में देखते हैं। Fernando के लिए, UAE की महत्वाकांक्षा बिलकुल साफ है:

“मैं मानता हूं कि Dubai ब्लॉकचेन इकोसिस्टम से जुड़ी हर कंपनी के लिए ग्लोबली टॉप 3 हब्स में से एक बनने की पोजिशन में है,” Aranda कहते हैं। “वे चौथी टेक्नोलॉजी रिवोल्यूशन में विश्वास करते हैं।”

“4th Technology Revolution” का ये कॉन्सेप्ट बेहद अहम है। इसका मतलब है कि ब्लॉकचेन कोई अलग ट्रेंड नहीं, बल्कि ऐसा बड़ा बदलाव है, जैसा कभी स्टीम इंजन या इंटरनेट ने लाया था। Aranda का नजरिया कहता है कि Dubai सिर्फ कोई इवेंट होस्ट नहीं कर रहा, बल्कि ग्लोबल कॉमर्स के अगले सौ सालों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर बना रहा है।

लेकिन किसी भी हब को सिर्फ स्टार्टअप्स और “यकीन” से ज़्यादा चीज़ों की ज़रूरत होती है — इसमें गहरी, संस्थागत liquidity जरूरी है। यहीं पर Griffin Ardern, BloFin Research & Options Desk के हेड, इस रीजन की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त का शानदार विश्लेषण करते हैं। Ardern के मुताबिक, UAE की सफलता की वजह इसकी दोस्ताना सोच और फाइनेंशियल ग्रेविटी है।

“दूसरे रीजन के मुकाबले, Dubai और Abu Dhabi ने क्रिप्टोकरेंसी और ऑफशोर फाइनेंस के लिए काफी ज्यादा फ्रेंडली माहौल दिखाया है, जिसमें Blockchain Life [और BBW] बढ़िया उदाहरण हैं,” Ardern बताते हैं।

उनका कहना है कि यहां सिर्फ “क्रिप्टो-नेटिव” लोगों की नहीं बल्कि पारंपरिक “Big Money” का माइग्रेशन भी बड़ा आकर्षण है। Ardern एक ऐसे बदलाव को उजागर करते हैं, जिससे वेस्टर्न फाइनेंशियल सेंटर्स को सतर्क हो जाना चाहिए:

“Blockchain Life के अलावा, बेहतर टैक्स पॉलिसीज़ और क्रिप्टो कंपनियों व ऑफशोर फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन्स के लिए ज्यादा फेवरबल रेगुलेटरी पॉलिसीज़ Dubai और Abu Dhabi को न सिर्फ दुनिया का एक बड़ा क्रिप्टो हब बनाती हैं, बल्कि ये दोनों जगहें दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑफशोर फाइनेंशियल सेंटर्स में भी शामिल हैं। Man Group, Brevan Howard, Millennium, और Point72 जैसे बड़े हेज फंड्स के साथ-साथ लोकल क्रिप्टो इंस्टिट्यूशन्स की मौजूदगी UAE के ग्लोबल क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री में रोल को और मजबूत करेगी।”

Millennium और Point72 जैसे नामों का जिक्र बहुत अहम है। ये सिर्फ “क्रिप्टो फंड्स” नहीं हैं, बल्कि पारंपरिक हेज फंड वर्ल्ड के दिग्गज हैं। इनकी UAE में मौजूदगी, क्रिप्टो exchanges और प्रोटोकॉल फाउंडर्स के साथ मिलकर, एक ऐसी synergy क्रिएट करती है जो फिलहाल Europe या US में संभव नहीं है।

निष्कर्ष: Web3 का नया वर्ल्ड ऑर्डर

Binance Blockchain Week से हमने ये साफ-साफ समझा कि इंडस्ट्री को उसका “Safe Harbor” मिल गया है। Fernando Lillo Aranda की “4th Technology Revolution” और Griffin Ardern का “Hedge Fund Migration” मिलकर एक ऐसा स्ट्रॉन्ग पिंसर मोमेंट बनाते हैं, जिससे दुनिया का फाइनेंशियल सेंटर ऑफ ग्रेविटी धीरे-धीरे ईस्ट की तरफ खिंच रहा है।

Dubai ने अपनी पोजीशन मजबूत करके ये साबित किया है कि वहां “लैक्स” रूल्स नहीं, बल्कि “क्लियर” पॉलिसीज़ हैं। इस इंडस्ट्री में जहां volatility चलती है लेकिन uncertainty में सब डूब जाता है, वहां UAE की दी गई क्लैरिटी सबसे ज्यादा कीमती है।

जैसे ही delegates DXB से रवाना हुए, एक बात बिल्कुल क्लियर थी: क्रिप्टो का “Wild West” अब खत्म हो चुका है। अब “Digital East” का दौर शुरू हो गया है। आप डेवलपर हों, मार्केट मेकर हों, या इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर — BBW से एक सीधा मैसेज गया: अगर आप Dubai में नहीं हैं, तो आप वहीं नहीं हैं जहां असली खेल हो रहा है।

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