Ethereum प्राइस बार-बार टाइट होते ट्राएंगल पैटर्न को ब्रेक करने की कोशिशों के बावजूद मजबूती से ऊपर नहीं जा पा रहा है। ETH कई बार मोमेंटम लाने के बाद भी एक सस्टेन्ड ब्रेकआउट नहीं कर पाया और रेंज में ही फंसा हुआ है।
बड़ी ग्लोबल मैक्रो प्रेशर्स के अलावा, इंस्टीट्यूशनल बर्ताव भी अब एक अहम चुनौती बनकर सामने आया है। अब रिटेल होल्डर्स भी अपना नजरिया फिर से सोचने लगे हैं।
Ethereum के प्रमुख होल्डर्स ने बैकफुट लिया
इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स ने 9 जनवरी को समाप्त सप्ताह में Ethereum से $116 मिलियन निकाले। इन ऑउटफ्लो से दिखता है कि बड़े कैपिटल इनवेस्टर्स में संदेह बढ़ रहा है। ETH में इंस्टीट्यूशनल भागीदारी कम हो गई, जबकि प्राइस कंसोलिडेट होने की कोशिश कर रहा था।
खास बात यह है कि इसी समय Ethereum प्राइस में थोड़ी बढ़त भी आई। लेकिन, लगातार इंस्टीट्यूशनल सेलिंग ने अपवर्ड मोमेंटम को रोक दिया। ये ऑउटफ्लो ETH के ट्राएंगल पैटर्न से बाहर न निकल पाने के साथ ही हुए, जिससे दिखता है कि इंस्टीट्यूशनल फ्लो का प्राइस डायरेक्शन पर कितना असर है।
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इंस्टीट्यूशन अक्सर ब्रेकआउट फेज में लिक्विडिटी देते हैं। इनकी गैरमौजूदगी में टेक्निकल ब्रेक के बाद फॉलो-थ्रू नहीं बन पाता। Ethereum को फिर से मजबूत ट्रेंड डायनामिक्स चाहिए तो इंस्टीट्यूशनल इंगेजमेंट की जरूरत होगी।
ETH पर सेलिंग प्रेशर Bears के लिए संकेत
ऑन-चेन डेटा दिखाता है कि Ethereum होल्डर्स भी अब अपना बर्ताव बदल रहे हैं। एक्सचेंज नेट पॉजिशन चेंज में हाल ही में ग्रीन बार बनी, जिससे पता चलता है कि एक्सचेंज में ETH की इनफ्लो बढ़ रही है, यानी सेलिंग एक्टिविटी ज्यादा हो रही है।
ऐसा पहली बार छह महीनों में हुआ है। इससे पहले खरीदारी का दबाव बना रहा था। अब रिवर्सल दिखाता है कि डिमांड कम हो रही है और ETH होल्डर्स में सतर्कता बढ़ रही है।
अगर सेल-ऑफ़ का दबाव बना रहता है, भले ही वह थोड़ा हो, तो कंसोलिडेशन के दौरान प्राइस पर असर पड़ सकता है। जब तक Ethereum में फिर से accumulation शुरू नहीं होती, तब तक इसके लिए जरूरी सपोर्ट लेवल्स को शॉर्ट-टर्म में बचाना मुश्किल हो सकता है।
अब Ethereum प्राइस आगे क्या?
लिखने के समय Ethereum लगभग $3,134 के पास ट्रेड कर रहा है और $3,131 लेवल के आसपास घूम रहा है। ETH अभी भी एक ट्राएंगल पैटर्न में फंसा है, जो मिड-नवंबर से बना हुआ है। हाल ही में जो ब्रेकआउट की कोशिश हुई थी, उसको सही कन्फर्मेशन नहीं मिला।
अभी के हालात में डाउनसाइड रिस्क है। इंस्टीट्यूशनल विड्रॉअल्स और बढ़ती एक्सचेंज इनफ्लो ETH को $3,000 की तरफ ले जा सकते हैं। अगर यह लेवल खो दिया, तो $2,902 का रास्ता खुल सकता है। इस सपोर्ट के नीचे ब्रेकडाउन होने पर पैटर्न वॉइड हो जाएगा और आगे कमजोरी आ सकती है।
एक बुलिश अल्टरनेटिव अभी भी पॉसिबल है। अगर Ethereum $3,131 लेवल को मजबूत सपोर्ट बना लेता है, तो प्राइस $3,287 की रेजिस्टेंस की तरफ बढ़ सकता है। कन्फर्म ब्रेकआउट बियरिश थ्योरी को खत्म कर देगा। जहां पैटर्न $4,200 की 29.5% अपसाइड दिखाता है, वहीं ज्यादा रियलिस्टिक टारगेट $3,441 बना हुआ है।