Federal Deposit Insurance Corporation (FDIC) ने stablecoin की निगरानी सख्त करने का फैसला किया है, जिससे अमेरिका में इन डिजिटल एसेट्स के संचालन के तरीके में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
7 अप्रैल को, FDIC ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसमें GENIUS Act के अहम प्रावधान लागू करने की बात कही गई है। इस नियम के तहत FDIC की निगरानी में आने वाले stablecoin जारी करने वालों के लिए कड़े स्टैंडर्ड तय किए जाएंगे, जैसे कि reserve, redemption, capital और risk management की अनिवार्यताएं।
सीधे शब्दों में कहें तो अमेरिका में stablecoin अब बैंकिंग सिस्टम के और करीब आ रहे हैं। इश्यूअर्स को अब cash या US Treasuries जैसे सुरक्षित एसेट्स रखने होंगे और यह साबित करना होगा कि वे अपने टोकन को 1-से-1 value पर redeem कर सकते हैं।
साथ ही, यह प्रस्ताव formal तरीके से बैंकों को stablecoin इकोसिस्टम का हिस्सा बनाता है। बीमित बैंक अब reserves रखने और custody सर्विसेज देने के लिए अधिकृत होंगे। इससे stablecoin और परंपरागत वित्तीय infrastructure के बीच सीधा लिंक बनता है।
FDIC ने यह भी स्पष्ट किया है कि stablecoin को सपोर्ट करने वाले डिपॉजिट्स को कैसे ट्रीट किया जाएगा। अगर ये फंड्स डिपॉजिट की लीगल डेफिनिशन में आते हैं, तो इन्हें आम बैंक डिपॉजिट्स जैसी सुरक्षा मिल सकती है। इससे लोगों का भरोसा बढ़ेगा, लेकिन रेग्युलेटरी कंट्रोल भी अधिक बढ़ेगा।
हालांकि, यह नियम फिलहाल अंतिम नहीं है। एजेंसी 60 दिन तक पब्लिक कमेंट्स लेगी और उसके बाद इसमें बदलाव किए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, दिशा साफ है। अमेरिका में stablecoin को अब अलग क्रिप्टो प्रोडक्ट की तरह नहीं, बल्कि बैंकों पर लागू होने वाले नियमों के तहत चलाया जा रहा है।