ग्लोबल मार्केट्स अलर्ट पर हैं क्योंकि जापान की येन ने छह महीनों में सबसे बड़ा मूव किया है।
इस मूव के बाद बाज़ार में ये अटकलें तेज हो गई हैं कि जापान, संभवतः US की सपोर्ट से, करंसी को स्टेबल करने के लिए इंटरवीन कर सकता है।
Yen इंटरवेंशन अलर्ट
जापान के प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने “असामान्य” येन मूवमेंट्स को लेकर चेतावनी दी, जिससे डॉलर- येन जोड़ी 160 के पास से गिरकर $155.6 प्रति डॉलर पर आ गई।
खास बात यह रही कि यह इसका 2026 का सबसे मजबूत स्तर था और अगस्त के बाद से एक दिन में सबसे तेज़ बढ़त थी।
ट्रेडर्स का कहना है कि शॉर्ट येन पोजिशन दशकों के हाई पर हैं, जिससे अगर करंसी और कमजोर होती है तो मार्केट में टर्बुलेंस का खतरा बढ़ जाता है।
“शॉर्ट येन पोजिशंस दशकों के हाई पर हैं और चुनाव करीब आ रहे हैं, ऐसे में अधिकारी एक बार फिर एक्ट करने के लिए तैयार लग रहे हैं, खासकर अगर करंसी और कमजोर हुई,” मार्केट कमेंटेटर Walter Bloomberg ने लिखा।
माजूदा अस्थिरता में इज़ाफा करते हुए, न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व (Fed) ने reportedly बड़े बैंकों से येन को लेकर संपर्क किया। आमतौर पर इस तरह की पहल इसे कोऑर्डिनेटेड करंसी इंटरवेंशन से पहले का स्टेप माना जाता है।
इतिहास बताता है कि संयुक्त US-जापान एक्शन काफी असरदार हो सकता है। पूर्व में 1985 के Plaza Accord और 1998 के Asian Financial Crisis रिस्पॉन्स जैसी इंटरवेंशन ने येन को स्टेबल किया, डॉलर को कमजोर किया और ग्लोबल एसेट्स ऊपर गए।
अब एनालिस्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि कोऑर्डिनेटेड इंटरवेंशन से 2008 की तरह बड़े रिजल्ट दिख सकते हैं, जिससे ग्लोबल मार्केट्स के लिए लिक्विडिटी में बड़ा बूस्ट आ सकता है।
“Fed येन को बचाने के लिए इंटरवीन कर रहा है,” CFA Michael Gayed ने कहा, साथ ही बताया कि सिर्फ जापान की ओर से इंटरवेंशन हुई तो Bank of Japan को US Treasuries बेचनी पड़ सकती है ताकि डॉलर मिल सके, जिससे ग्लोबल डेट मार्केट्स अस्थिर हो सकते हैं।
इसके बजाय, US के साथ कोऑर्डिनेटेड एक्शन होने से ऐसे फॉलआउट को रोका जा सकता है, और साथ ही जानबूझकर डॉलर की वैल्यू घटाकर जापानी येन को सपोर्ट किया जा सकता है।
ग्लोबल मार्केट्स अलर्ट: Dollar कमजोर, Yen मजबूत और क्रिप्टो में तेज उतार-चढ़ाव
मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट्स बताते हैं कि इस तरह के कदम के बड़े असर हो सकते हैं। डॉलर बेचकर येन खरीदने से ग्रीनबैक कमजोर हो जाएगा, जिससे ग्लोबल लिक्विडिटी बढ़ेगी और स्टॉक्स, कमोडिटीज और क्रिप्टो जैसी असेट्स की प्राइस को फायदा मिलेगा।
Bitcoin का येन के साथ सबसे स्ट्रॉन्ग पॉजिटिव कोरिलेशन है, वहीं इसका डॉलर के साथ इनवर्स रिलेशन है।
कमजोर डॉलर से क्रिप्टो मार्केट्स में बड़ी रीप्राइसिंग हो सकती है, हालांकि शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी जरूर रहेगी क्योंकि लीवरेज्ड येन कैरी ट्रेड्स अनवाइंड होंगी।
अगस्त 2024 में, बैंक ऑफ जापान की छोटी रेट हाइक ने येन को मजबूत किया जिससे 6 दिन में 15 बिलियन $ का क्रिप्टो सेल-ऑफ़ हुआ, जिसमें Bitcoin $64,000 से गिरकर $49,000 तक आ गया।
Treasury Risks और Investor के लिए मौके: Yen की मजबूती और Dollar की कमजोरी में कैसे संभलें
US Treasury एक्सपोजर एक और बड़ा मुद्दा है। एनालिस्ट्स चेतावनी देते हैं कि जापान के सरकारी बॉन्ड मार्केट में स्ट्रेस US Treasury तक पहुंच सकता है, जिससे ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स और सेफ हेवन फ्लो पर असर पड़ेगा।
मैक्रो पिक्चर भी उतनी ही अहम है, क्योंकि कमजोर डॉलर से US डेट मैनेज करना आसान हो सकता है और एक्सपोर्ट भी ज्यादा कॉम्पिटेटिव होंगे। हालांकि, मार्केट्स में हलचल आ सकती है क्योंकि ट्रेडर्स को अचानक येन की मजबूती के हिसाब से एडजस्ट करना होगा।
इस वजह से, ये सेटअप रिस्की भी है और इन्वेस्टर्स के लिए हिस्टोरिकली बुलिश भी। अगर Fed और जापान मिलकर कदम उठाते हैं तो बड़ा मार्केट रैली संभव है। ऐसा हुआ तो लॉन्ग-टर्म में इक्विटी, कमोडिटी और डिजिटल असेट्स के लिए अपसाइड खुल सकता है।
लेकिन, शॉर्ट-टर्म में एडजस्टमेंट्स और लिक्विडेशन प्रेशर्स से टेम्पररी नुकसान हो सकता है, खासकर लीवरेज्ड येन-फंडेड ट्रेड्स के लिए।
इसी वजह से ट्रेडर्स और पॉलिसीमेकर्स दोनों की नजर येन पर टिकी हुई है, क्योंकि यहां होने वाला बदलाव सिर्फ डॉलर-येन के प्राइस trajectory को नहीं बल्कि पूरे साल की सबसे बड़ी मैक्रो सेटअप का रास्ता तय कर सकता है।