डिजिटल एसेट इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स ने एक महीने से ज्यादा समय में पहली बार साप्ताहिक ऑउटफ्लो दर्ज किया है, क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव और बदलती मौद्रिक नीति (Monetary Policy) अपेक्षाओं ने इन्वेस्टर्स का कॉन्फिडेंस हिला दिया।
लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, क्रिप्टो फंड्स से कुल $414 मिलियन का नेट ऑउटफ्लो देखने को मिला, जो लगातार पांच हफ्तों की इनफ्लो के बाद एक शार्प रिवर्सल है।
पिछले हफ्ते Crypto Funds को $414 मिलियन का नुकसान
यह गिरावट ईरान विवाद से जुड़े तनाव और Federal Reserve की मौद्रिक नीति (Monetary Policy) को लेकर बदलती उम्मीदों के साथ आई है, जहां मार्केट्स अब रेट कट की जगह संभावित हाइक को प्राइस करने लगे हैं।
US में सबसे ज्यादा ऑउटफ्लो देखने को मिला, जहां डिजिटल एसेट फंड्स से $445 मिलियन बाहर गए। इससे यह साफ है कि अमेरिकी इन्वेस्टर्स इस समय जोखिम नहीं उठाना चाह रहे।
वहीं, यूरोपियन मार्केट्स में मौके का फायदा उठाने वाली खरीदारी देखने को मिली। Germany और Canada के इन्वेस्टर्स ने क्रमशः $21.2 मिलियन और $15.9 मिलियन जोड़ा, जो लॉन्ग-टर्म वैल्यूएशन में कॉन्फिडेंस दिखाता है, भले ही शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी बनी हुई है।
इंडिविजुअल एसेट्स में Ethereum को सबसे ज्यादा झटका लगा, जिसमें $222 मिलियन का ऑउटफ्लो दर्ज हुआ। इस वजह से सालाना फ्लो भी निगेटिव हो गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसका काफी हिस्सा रेग्युलेटरी अनिश्चितता (uncertainty) और Clarity Act से जुड़ा हुआ है।
Bitcoin ने भी दबाव झेला और हफ्ते भर में $194 मिलियन गंवाए। मगर फिर भी Bitcoin ने अब तक $964 मिलियन का मजबूत नेट इनफ्लो साल में बनाए रखा है।
इससे ये साफ है कि शॉर्ट-टर्म सेंटिमेंट भले ही कमजोर पड़ा हो, लेकिन संस्थागत निवेशकों का भरोसा Bitcoin में अब भी बरकरार है।
इसके विपरीत, XRP एक रेयर गेनर बनकर उभरा, जिसमें $15.8 मिलियन का इनफ्लो आया। इसकी परफॉर्मेंस ने मार्केट में अनिश्चितता के इस दौर में XRP को डिजिटल एसेट सेगमेंट में יחסिक रूप से सुरक्षित विकल्प बना दिया है।
लेटेस्ट फंड फ्लो डेटा दिखाता है कि जब भी मैक्रोइकोनॉमिक और जियोपोलिटिकल रिस्क्स एक साथ आ जाते हैं, तो क्रिप्टो मार्केट्स का सेंटिमेंट कितनी जल्दी बदल सकता है। इससे इन्वेस्टर्स को तेजी से बदलती और अनिश्चित माहौल में अपनी पोजीशन को दोबारा सोचने के लिए मजबूर होना पड़ता है।