क्रिप्टो कम्युनिटी में प्राइवेसी को लेकर चिंता बढ़ रही है, क्योंकि 2026 से लागू होने वाले नए क्रिप्टो टैक्स रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क्स डिजिटल एसेट गतिविधि पर रेग्युलेटरी निगरानी को और ज्यादा कड़ा कर रहे हैं।
इस साल कुल 48 देशों ने Crypto-Asset Reporting Framework (CARF) लागू किया है, जबकि European Union का DAC8 कानून भी प्रभावी हो गया है।
CARF और DAC8 को समझना
संदर्भ के लिए, OECD ने CARF फ्रेमवर्क विकसित किया था। यह एक ग्लोबल टैक्स ट्रांसपेरेंसी स्टैंडर्ड है, जो यह सुनिश्चित करता है कि टैक्स authorities को क्रिप्टो-एसेट ट्रांजैक्शन की जानकारी स्टैंडर्ड और ऑटोमेटेड तरीके से मिले, जैसे पारंपरिक फाइनेंशियल अकाउंट्स के लिए Common Reporting Standard (CRS) में होता है।
यह फ्रेमवर्क इन-स्पेस सर्विस प्रोवाइडर्स से विस्तृत ग्राहक डेटा जुटाने, यूजर्स की टैक्स रेजीडेंसी पता करने और वेरीफाई करने, और घरेलू टैक्स अथॉरिटीज को समय-समय पर रिपोर्ट सबमिट करने की मांग करता है, जिसमें रिपोर्टेबल क्रिप्टो-एसेट ट्रांजैक्शंस और संबंधित प्रॉसीड्स की डिटेल्स शामिल हों।
इन देशों के बीच रिपोर्टेड डेटा इंटरनेशनल इनफार्मेशन-शेयरिंग एग्रीमेंट्स के तहत एक्सचेंज किया जाता है। 1 जनवरी को 48 देशों, जैसे United Kingdom, Germany, France, Japan, South Korea, और Brazil ने यह फ्रेमवर्क लागू किया है। पहली वार्षिक रिपोर्ट 2027 में देनी होगी।
वहीं, European Commission की DAC8 डायरेक्टिव भी साल की शुरुआत में लागू हो गई है। हालांकि CARF और DAC8 के मकसद मिलते-जुलते हैं, इन दोनों के दायरे, लागू करने के तरीके और जुरीडिक्शनल पहुंच में फर्क है।
DAC8 हर 27 EU मेंबर स्टेट्स में क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग को अनिवार्य करता है। इसमें क्रिप्टो-एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स को यूजर और ट्रांजैक्शन डेटा इकट्ठा कर नेशनल टैक्स अथॉरिटीज को रिपोर्ट करना जरूरी है।
इसके बाद यह इनफार्मेशन पूरे EU में एक्सचेंज की जाती है। कंपनियों को पूरा पालन करने के लिए छह महीने की ट्रांजिशन अवधि मिली है, जो 1 जुलाई 2026 तक है। पहली रिपोर्ट डायरेक्टिव के तहत कवर किए गए शुरुआती फिस्कल ईयर के खत्म होने के नौ महीने के अंदर देनी होगी, यानी 1 जनवरी से 30 सितंबर 2027 के बीच।
नई क्रिप्टो टैक्स फ्रेमवर्क्स पर कम्युनिटी का विरोध
हालांकि इन पहलों का मकसद निष्पक्ष और कुशल टैक्सेशन को बढ़ावा देना है, पर यह कम्युनिटी के बीच चिंता का कारण भी बन गया है। मार्केट वॉचर Heidi का कहना है कि EU का DAC8 ने “क्रिप्टो प्राइवेसी खत्म कर दी है।”
“टैक्स अथॉरिटीज के पास आपके डिजिटल एसेट्स का ऑटोमेटेड डैशबोर्ड है। 2026 टैक्स ईयर के लिए डेटा कलेक्शन पहले ही शुरू हो चुका है। प्राइवेसी आज जितनी जरूरी कभी नहीं रही,” उन्होंने बताया।
सोशल मीडिया पर्सनालिटी Bernie ने कहा कि मुद्दा सिर्फ टैक्सेशन से कहीं आगे है। उनका कहना है कि यह कदम ग्लोबल रेग्युलेटरी स्ट्रक्चर दर्शाता है, जिसे बिना सीधा पब्लिक अप्रूवल के शुरू किया गया है और इसका मकसद एक बड़े पैमाने पर निगरानी वाले डिजिटल फाइनेंशियल सिस्टम की स्थापना करना है।
“क्रिप्टो को बैन नहीं किया गया है, लेकिन प्राइवेट क्रिप्टो को खत्म किया जा रहा है। आपको तो वोट करने का मौका भी नहीं मिला, बल्कि वो चाहते भी नहीं कि आप नोटिस करें कि अब फाइनेंशियल प्राइवेसी जैसी कोई चीज बची ही नहीं है,” उन्होंने पोस्ट किया।
प्राइवेसी के अलावा, DAC8 लागू होने से क्रिप्टो यूज़र्स के लिए कई गंभीर असर हैं। BeInCrypto ने बताया कि बहुत सारे यूज़र्स टैक्स रिपोर्टिंग में परेशानी महसूस कर रहे हैं, क्योंकि अलग-अलग ब्लॉकचैन और प्लेटफार्म्स पर एक्टिविटी बढ़ती जा रही है।
कई वॉलेट्स, ब्लॉकचेन और एक्सचेंजेस के बीच ट्रांज़ैक्शन मिलाना काफी चैलेंजिंग हो सकता है, जिससे कई बार ग़लतियां भी हो सकती हैं। DAC8 के तहत अगर अथॉरिटीज़ टैक्स अवॉयडेंस या इवेज़न पकड़ लेती हैं, तो उन्हें दूसरे EU मेंबर स्टेट्स के साथ कोऑर्डिनेट कर, कार्रवाई करने का अधिकार मिल जाता है। इसमें क्रिप्टो एसेट्स को फ्रीज़ या सीज़ करना भी शामिल हो सकता है।
CARF और DAC8 का इंट्रोडक्शन ग्लोबल क्रिप्टो टैक्स ट्रांसपेरेंसी की तरफ एक बड़ा बदलाव दिखाता है, लेकिन इससे पर्सनल प्राइवेसी कम होती है और कंप्लायंस भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। जैसे-जैसे ये फ्रेमवर्क्स लागू हो रहे हैं, दुनियाभर के क्रिप्टो यूज़र्स को रिपोर्टिंग के सख्त नियमों के साथ प्राइवेसी की चाह और रेग्युलेटरी ओवरसाइट की रियलिटी के बीच बैलेंस बनाना होगा।