सोने को हमेशा से सुरक्षित संपत्ति (store of value) माना जाता है, लेकिन इसने पिछले एक सदी में अपनी सबसे बड़ी लगातार गिरावट (losing streak) दर्ज की है। इस पीली धातु का प्राइस $5,193 से गिर कर अपने सबसे निचले स्तर $4,098 पर आ गया था, यानी लगभग 21% की गिरावट। बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी हुई और सोना $4,559 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है।
वहीं दूसरी तरफ, Bitcoin (BTC) ने इसी दौरान खुद को लगातार $70,000 के ऊपर बनाए रखा है। यह नई जेनरेशन के निवेशकों के लिए गोल्ड को पीछे छोड़ते हुए पसंदीदा सेफ-हेवन एसेट बनता जा रहा है।
Gold ने बनाई हिस्ट्री, लेकिन अच्छे तरीके से नहीं
Bloomberg की ETF एनालिस्ट Katie Greifeld ने कंफर्म किया है कि गोल्ड की 10 दिनों की सबसे लंबी गिरावट (लूज़िंग स्ट्रीक) फरवरी 1920 के बाद पहली बार हुई है — यानी 106 साल का रिकॉर्ड। ये केवल एक टेक्निकल पुलबैक नहीं है। ये बदलते मैक्रो एनवायरनमेंट में गोल्ड की भूमिका पर बुनियादी पुनर्मूल्यांकन (reassessment) को दर्शाता है।
गिरावट के सबसे खराब समय में, पीक से ट्रफ तक लगभग 21% की कमी दर्ज की गई, जिससे इंस्टीट्यूशनल होल्डर्स और रिटेल निवेशक दोनों हिल गए। Gold ETF’s, जैसे कि SPDR Gold Trust और iShares Gold Trust, ने इस गिरावट के वक्त बिलियन्स $ का ऑउटफ्लो देखा। वहीं, Bitcoin ETF’s ने इसी महीने लगभग $2.5 बिलियन इनफ्लो दर्ज किया, जबकि साल की शुरुआत से अभी तक सिर्फ $140 मिलियन का नेट ऑउटफ्लो हुआ है।
लॉन्ग-टर्म होल्डर्स के लिए, इस प्रकार किसी “सेफ हेवन” एसेट में 21% की पीक-टू-ट्रफ गिरावट आत्मविश्वास के लिए एक बड़ा झटका है। यह गिरावट सिर्फ 10 ट्रेडिंग दिनों में आई है, जिससे पता चलता है कि यह कोई धीरे-धीरे हुआ रोटेशन नहीं था, बल्कि एक शार्प रीप्राइसिंग इवेंट था।
Gold और Bitcoin की तुलना
2026 की शुरुआत में गोल्ड का प्राइस अच्छा दिखा। जनवरी और फरवरी में मिडिल ईस्ट में जियोपोलिटिकल टेंशन्स बढ़ने से इस धातु ने स्थिर ग्रोथ दिखाई। Bitcoin ने इसी पीरियड में धीरे-धीरे रिकवरी की और $70,000 के स्तर को बनाना शुरू किया, जबकि उस समय में मीडिया का फोकस गोल्ड पर था।
टर्निंग पॉइंट तब आया जब जियोपोलिटिकल टेंशन्स गोल्ड के लिए कैटलिस्ट की तरह काम करना बंद हो गईं। Federal Reserve की मार्च 18 की मीटिंग में टफ रुख अपनाते हुए उन्होंने ब्याज दर 3.5%–3.75% पर रखी और पूरे 2026 के लिए सिर्फ एक रेट कट का संकेत दिया। इससे गोल्ड की प्राइमरी मॉनेटरी टेलविंड कमजोर हो गई।
Brent पर ऑयल प्राइस $108 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई, जिससे मंदी का दबाव बढ़ा और डॉलर मजबूत हुआ। इससे सोना (जो बिना यील्ड का एसेट है) और कमजोर दिखा। Bitcoin पर इस तरह के इंटरेस्ट-रेट सेंसीटिव मुद्दों का उतना असर नहीं पड़ा और उसने अपना लेवल बनाए रखा।
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इसका नतीजा है एक साफ divergence। गोल्ड और Bitcoin में अब -0.31 की नेगेटिव correlation देखी जा रही है, जिससे साफ है कि दोनों एसेट्स अलग-अलग डायरेक्शन में मूव कर रहे हैं। इतनी बड़ी रीडिंग इसका इशारा है कि अब दोनों को कॉमन मैक्रो फैक्टर्स कंट्रोल नहीं कर रहे।
Bitcoin की तुलना में गोल्ड पर दबाव का असर ज्यादा दिखा है, जिससे पता चलता है कि Bitcoin की प्राइस अब अलग मांग की डाइनामिक्स की वजह से तय हो रही है। इसमें खासतौर पर ETF इंफ्लो, इंस्टिट्यूशनल accumulation, और store-of-value पोजिशनिंग शामिल हैं, बजाए उन interest-rate फैक्टर्स के, जो आमतौर पर गोल्ड ट्रेडिंग को कंट्रोल करते हैं।
Gold की रिकवरी शुरू
गोल्ड का प्राइस 25 मार्च को $4,559 प्रति औंस पर है, जो 10 दिन की गिरावट के बाद लो $4,098 से थोड़ा ऊपर निकला है। ये लो, 21% का नुकसान था $5,193 के हाई से, जो पहले streak में आया था। 200-दिन की मूविंग एवरेज $4,100 के पास सपोर्ट बना और टेक्निकल फ्लोर दिया। अभी का प्राइस करीब 15% का नेट लॉस दिखाता है, यानी फुल रिकवरी नहीं, लेकिन थोड़ा उछाल जरूर आया है।
प्रसिद्ध कमेंटेटर Peter Schiff ने मौजूदा सिचुएशन की तुलना 2008 की ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस से की है। उन्होंने एनर्जी शॉक, Fed की सख्ती और फोर्स्ड लिक्विडेशन को समानता के तौर पर बताया है।
Schiff का हमेशा से गोल्ड पर बुलिश नजरिया रहा है। उनके मुताबिक, ये करेक्शन स्ट्रक्चरल ब्रेकडाउन नहीं, बल्कि खरीदने का सही मौका है।
J.P. Morgan और Deutsche Bank दोनों ने 2026 के आखिर तक गोल्ड प्राइस के लिए अपने टारगेट क्रमशः $6,300 और $6,000 प्रति औंस बरकरार रखे हैं। हाल की सेल-ऑफ़ के बावजूद, दोनों बैंक्स ने अपने टारगेट में कोई बदलाव नहीं किया है।
क्या गोल्ड उन टार्गेट्स को फिर से हासिल कर पाएगा या नहीं, यह काफी हद तक U.S.-Iran के बीच चल रहे संघर्ष की प्राइस trajectory पर निर्भर करता है। President Trump ने 24 मार्च को स्ट्राइक्स रुकवाने का आदेश दिया, क्योंकि उस समय प्रोडक्टिव बातचीत हो रही थी, लेकिन हालात अभी भी पूरी तरह से सुलझे नहीं हैं। वेटरन ट्रेडर Peter Brandt ने यह फोरकास्ट किया है कि गोल्ड 2027 में नया ऑल-टाइम हाई छू सकता है।
अगर सीजफायर चलता रहा और inflation expectations इतनी काबू में आती हैं कि Fed इस साल के एंड तक रेट कट्स के लिए मजबूर हो जाए, तो गोल्ड के लिए स्ट्रक्चरल सपोर्ट, जिसे लगातार तीन साल की central bank बाइंग ने मजबूती दी है, शायद Peter Brandt के 2027 टाइमलाइन से पहले ही मजबूत हो सकता है।