2026 में क्रिप्टो परफॉर्मेंस को लेकर उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। इसकी वजह है alternative value रखने के ऑप्शन की बढ़ती डिमांड और रेग्युलेटरी स्पष्टता।
Grayscale के Head of Research Zach Pandl के मुताबिक, अगर रेग्युलेटरी माहौल सपोर्टिव रहेगा तो क्रिप्टो सेक्टर मजबूत होगा। साथ ही, जब फिएट करेंसीज़ कमजोर होंगी तो डिमांड और मजबूत होगी। इन दोनों ही वजहों से Bitcoin का प्राइस नए ऑल-टाइम हाई तक जा सकता है।
Market Structure Bill से टोकन जारी करना होगा तेज
2008 से अब तक क्रिप्टो ने बड़ा बदलाव देखा है, खासकर पिछले एक साल में काफी प्रगति हुई है।
क्रिप्टो exchange-traded funds (ETFs) जैसे अप्रूवल्स और GENIUS Act के पास होने जैसी उपलब्धियों ने डिजिटल एसेट्स और ट्रेडिशनल फाइनेंस के बीच की दूरी को कम किया है, लेकिन बहुत सा काम अभी बाकी है।
Pandl के अनुसार, आगे का अहम स्टेप है bipartisan market structure bill पास कराना। 2025 में government shutdown और पार्टियों की लड़ाई की वजह से देरी हुई, लेकिन वो उम्मीद करते हैं कि अगले साल की शुरुआत में सीनेट से approval मिल जाएगा।
“ऐसा लग रहा है कि हम जनवरी या Q1 में ट्रैक पर हैं,” Pandl ने CNBC को दिए इंटरव्यू में कहा। “अगर तुरंत भी काम नहीं हो पाया… bipartisanship ही सबसे जरूरी है।”
Pandl ने यह भी बताया कि bipartisan bill के पास होने से स्टार्टअप्स से लेकर Fortune 500 कंपनियां तक, अब आसानी से अपने capital structure का हिस्सा बनाते हुए टोकन जारी कर सकेंगी, ठीक ट्रेडिशनल इंस्ट्रूमेंट्स की तरह।
उन्होंने यह भी नोट किया कि व्यापक मैक्रोइकॉनोमिक कंडीशन्स भी Bitcoin की प्राइस पर पॉजिटिव असर डालेंगी।
Bitcoin ऑल-टाइम हाई के लिए हालात अनुकूल
2025 के दूसरे हिस्से में Bitcoin की कमजोर परफॉर्मेंस के बावजूद, Pandl का मानना है कि इस साल यह डिजिटल एसेट अपनी किस्मत बदल सकता है।
Grayscale की 2026 digital asset outlook के मुताबिक, Bitcoin का प्राइस साल के पहले हिस्से में नया ऑल-टाइम हाई छू सकता है। Pandl के अनुसार, इसके पीछे कई कारण होंगे।
“मुझे लगता है कि [2026] एक ऐसा साल होगा जब $ कमजोर होगा, Federal Reserve रेेट कट होंगे, और गोल्ड, सिल्वर… के साथ-साथ Bitcoin, Ether और कुछ दूसरी क्रिप्टो एसेट्स मजबूत होंगी क्योंकि ये डिजिटल स्टोर्स ऑफ वैल्यू हैं। हम जिस मैक्रोइकोनॉमिक माहौल में जी रहे हैं, उसमें ये सभी चीजें फायदा उठा सकती हैं,” उन्होंने CNBC से कहा।
इसके साथ ही अगर मार्केट स्ट्रक्चर बिल पास हो जाता है, तो प्राइस आउटलुक और भी ज्यादा पॉजिटिव हो जाएगा।
वैश्विक एडॉप्शन भी ETFs के तेज रोलआउट को बढ़ावा देगा, जिससे इन्वेस्टर्स को ज्यादा तरह की क्रिप्टो एसेट्स में एक्सेस मिल पाएगा।
जैसे-जैसे क्रिप्टो मार्केट मेच्योर हो रहा है, वैसे-वैसे Pandl को उम्मीद है कि कुछ पुराने नैरेटिव्स पीछे छूट जाएंगे।
Kya DATs ka ant aaraha hai
भले ही डिजिटल एसेट ट्रेजरी (DATs) में 2025 में जबरदस्त उछाल आया था, लेकिन Pandl को उम्मीद नहीं है कि यह मोमेंटम नए साल में बना रहेगा, उन्होंने इसे “रेड हेयरिंग” कहा।
उन्होंने इनके अक्युमुलेशन मॉडल को समस्या बताया है, क्योंकि ये कम बार खरीदते हैं, कम बार बेचते हैं, और आमतौर पर फेयर वैल्यू के आसपास ट्रेड करते हैं।
“ये खत्म नहीं होंगे, क्योंकि कुछ इन्वेस्टर्स पब्लिक इक्विटी व्हीकल्स के जरिए क्रिप्टो एक्सेस करना पसंद करते हैं, लेकिन ये खरीद या बिक्री साइड पर वैल्यूएशन के बड़े ड्राइवर नहीं बनेंगे,” Pandl ने बताया।
इसके बजाय, फोकस अब उन वैल्यू ड्राइवर्स पर जाएगा जिनसे ज्यादा एक्सेस, बेहतर यूजेबिलिटी और ऐसे प्रोडक्ट्स मिलेंगे जो डिमांड को मार्केट पर असरदार बना देंगे।