Hyperliquid Labs आज 3.75 मिलियन HYPE टोकन unstake कर रहा है, जिनकी कुल वैल्यू लगभग $329 मिलियन है, और कंपनी का कहना है कि ये पूरा बैच एक इंस्टिट्यूशनल बायर को ट्रांसफर किया जा रहा है।
ये टोकन Hyperliquid की टीम को अक्टूबर का payout हैं। को-फाउंडर iliensinc ने बुधवार को प्रोजेक्ट के Discord सर्वर पर ये प्लान शेयर किया।
Hyperliquid Unlock एक प्राइवेट बायर को गया
Hyperliquid एक blockchain है, जो एक futures ट्रेडिंग exchange के इर्द-गिर्द बनाई गई है। इसका टोकन Hyperliquid (HYPE), $90 पर ट्रेड कर रहा है, जो कि आज करीब 5% ऊपर है।
Unstaking का मतलब है टोकन को उस लॉक से निकालना, जिसमें rewards मिलते हैं। Hyperliquid पर, ये प्रोसेस सात दिन लेता है, जैसा कि इसके डॉक्यूमेंटेशन में बताया गया है।
OTC, जिसका पूरा नाम है over-the-counter, दो पार्टियों के बीच की प्राइवेट डील है। इसमें exchange के ऑर्डर बुक को स्किप किया जाता है, जिससे बड़े सेल ऑर्डर्स की वजह से प्राइस में गिरावट नहीं आती।
क्या Unlock HYPE के प्राइस को इम्पैक्ट करेगा?
ये डील HYPE के प्राइस पर तुरंत असर को लिमिट कर सकती है। क्योंकि 3.75 मिलियन टोकन OTC ट्रांजेक्शन के जरिए ट्रांसफर हो रहे हैं, इन्हें पब्लिक ऑर्डर बुक के जरिए सेल करने की जरूरत नहीं है।
ये बैच HYPE के मौजूदा सर्क्युलेटिंग सप्लाई का लगभग 1.5% हिस्सा है। यानी अगर यही टोकन खुले मार्केट में बिकते, तो मार्केट पर भारी सेल प्रेशर बन सकता था।
पिछले अनलॉक्स का भी मिक्स्ड रिजल्ट रहा है। Tokenomics डेटा के मुताबिक, HYPE की प्राइस अगस्त अनलॉक के 14 दिनों में 3% तक गिरी थी और जुलाई के बाद 7% की गिरावट देखी गई, जबकि जून अनलॉक के बाद 1% की तेजी आई थी।
इससे यह साफ होता है कि अकेला अनलॉक ही प्राइस रिएक्शन को तय नहीं करता।
अक्टूबर में असली रिस्क उस समय है जब इंस्टिट्यूशनल बायर को टोकन मिल जाएंगे। चूंकि कोई पब्लिकली डिस्क्लोज्ड लॉक-अप पीरियड नहीं है, 3.75 मिलियन HYPE टोकन बाद में exchanges पर आ सकते हैं।
अगर बायर इन टोकन को होल्ड करता है या दोबारा stake करता है, तो सेल साइड सप्लाई में तुरंत इजाफा नहीं होगा।
पोस्ट में न तो इंस्टिट्यूशन का नाम बताया गया, न ही यह बताया गया कि उसने किस प्राइस पर खरीदा। इसमें यह भी साफ नहीं किया गया कि बायर को टोकन रखने के लिए कोई समयसीमा तय है या नहीं।
7 अक्टूबर के बाद जब टोकन्स खरीदार तक पहुंचेंगे, तो पब्लिक ब्लॉकचेन रिकॉर्ड में दिखाई देगा कि वे आगे कहाँ ट्रांसफर होते हैं। यदि ये टोकन्स exchange वॉलेट्स में ट्रांसफर किए जाते हैं, जहां पर आमतौर पर कॉइन्स बेचने से पहले भेजे जाते हैं, तो वह सप्लाई ओपन मार्केट की पहुँच में आ जाएगी।









