ऑनलाइन यह अटकलें तेज़ हो रही हैं कि Iran के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf, X (पहले Twitter) पर पोस्ट करने में United States के अंदर से सहायता ले रहे हैं।
इस थ्योरी की शुरुआत खासतौर पर बेहतरीन इंग्लिश पोस्ट, US पर केंद्रित मैसेजिंग और अकाउंट लेबल से होती है जिसमें “connected via the US App Store” दिखता है। कुछ यूज़र्स का कहना है कि उनकी टोन “बहुत ज़्यादा अमरीकी” लगती है, जो नेचुरल नहीं है।
हालांकि, अभी तक कोई साफ सबूत नहीं मिला है कि अकाउंट US से या किसी अमरीकी द्वारा चलाया जा रहा है। App Store लेबल सिर्फ डिवाइस सेटिंग या रूटिंग को दर्शाता है, न कि फिजिकल लोकेशन को।
अमरीकी विश्लेषक इन डिटेल्स को बढ़ा-चढ़ाकर बता रहे हैं। X सेटिंग्स से पता चलता है कि Ghalibaf का अकाउंट शायद किसी iPhone से US region वाली Apple ID, या VPN / रूटिंग सेटअप से एक्सेस हुआ है।
तो, इससे US में उनकी फिजिकल प्रेजेंस साबित नहीं होती।
यह साफ है कि उनकी मैसेजिंग में बदलाव आया है।
Ghalibaf, जो पहले IRGC कमांडर थे और अब Iran के वारटाइम लीडरशिप में एक अहम पॉलिटिकल व्यक्ति हैं, अब सीधे अमरीकी ऑडियंस से बात करने लगे हैं।
वो गैस प्राइस, आर्थिक परेशानी, और Washington की पॉलिटिकल डिसीज़न का रेफरेंस देते हैं। उनकी पोस्ट्स में US पॉलिटिकल लैंग्वेज और ऑनलाइन कल्चर की झलक मिल रही है।
इसी के साथ, उन्होंने कुछ कमेंट्स दिए हैं जो मार्केट कमेंट्री जैसी हैं। एक उदाहरण में उन्होंने इन्वेस्टर्स को सजेस्ट किया कि उन्हें पॉलिटिकल सिग्नल्स को मार्केट डायरेक्शन के इंडिकेटर की तरह देखना चाहिए।
इन पोस्ट्स में फाइनेंशियल एडवाइस नहीं है, मगर ये जंग के आर्थिक असर की बात करते हैं।
यह बदलाव बड़े स्ट्रैटेजी का हिस्सा लगता है। Iranian अधिकारी विदेशों में पब्लिक ओपिनियन बनाने के लिए इंग्लिश पोस्ट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
आर्थिक परेशानी और मार्केट रिएक्शन पर फोकस करके, Ghalibaf की मैसेजिंग US ऑडियंस के लिए वार को तुरंत महसूस कराती है।
असल Story यह है कि पोस्ट्स कहां से आ रही हैं, इससे ज्यादा जरूरी है कि वो इस अंदाज में क्यों आ रही हैं। Ghalibaf सिर्फ वार में पॉलिटिकल व्यक्ति नहीं हैं।
वो अब इंफॉर्मेशन स्पेस में एक्टिव हैं, जहां लोगों की सोच पर इंपैक्ट डालना ग्राउंड पर रोज होने वाली एक्शन जितना अहम हो सकता है।