Japan अब 2028 तक क्रिप्टोकरेन्सी exchange-traded funds (ETFs) को लीगल करने जा रहा है। यह Asia की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी के लिए क्रिप्टो एडॉप्शन की दिशा में एक बड़ा कदम है। Nikkei रिपोर्ट के मुताबिक, यह बदलाव क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोलेगा।
Japan में टैक्स कटौती का प्रस्ताव 55% से घटाकर 20% किया जा रहा है। बड़ी asset management कंपनियां नए प्रोडक्ट्स पर काम कर रही हैं। Japan अब Asia के fragmented क्रिप्टो ETF मार्केट में लेट लेकिन प्रभावशाली एंट्री की प्लानिंग कर रहा है।
Japan का रेग्युलेटरी ओवरहॉल
FSA (Financial Services Agency) 2028 तक Investment Trust Act के enforcement आदेश में संशोधन करेगी। क्रिप्टोकरेंसी को “specified assets” की लिस्ट में शामिल किया जाएगा, जिससे इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स में इनका इन्वेस्टमेंट हो सकेगा। Tokyo Stock Exchange की approval के बाद इन्वेस्टर्स क्रिप्टो ETFs में ट्रेडिंग कर पाएंगे – जैसे अभी गोल्ड और रियल एस्टेट ETFs में होती है।
Nomura Asset Management और SBI Global Asset Management पहले से ही रेग्युलेटरी बदलावों से पहले नए प्रोडक्ट्स की तैयारी कर रही हैं। इंडस्ट्री का मानना है कि Japan का क्रिप्टो ETF मार्केट ¥1 ट्रिलियन ($6.7 बिलियन) मार्केट कैप तक पहुंच सकता है। यह अनुमान US मार्केट्स की तुलना पर बेस्ड है, जहां US-listed Bitcoin ETFs का मार्केट कैप $120 बिलियन से ऊपर है।
टैक्स कटौती 55% से 20% तक
सबसे बड़ा बदलाव टैक्सेशन में आने वाला है। FSA 2026 में नियामक बदलाव के लिए Diet में बिल पेश करेगी। इस बिल के तहत क्रिप्टोकरेंसी को Financial Instruments and Exchange Act में नया वर्ग दिया जाएगा। इससे crypto gains पर अधिकतम टैक्स रेट 55% से घटाकर सीधा 20% हो जाएगा, जिससे यह स्टॉक्स और इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स के बराबर आ जाएगा।
अभी भी ज्यादा टैक्स की वजह से जापान के कई इन्वेस्टर्स अपने क्रिप्टो होल्डिंग्स पर प्रॉफिट बुक करने में हिचकते हैं। रेट कम होने से मार्केट में डिमांड काफी बढ़ सकती है।
Investor Protection Framework
Japan ने मार्केट में हाल ही के उतार-चढ़ाव से काफी कुछ सीखा है। FSA, ETF कस्टडी संभालने वाले ट्रस्ट बैंक्स के लिए सख्त सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू करेगा। 2024 की DMM Bitcoin हैक की घटना (जिसमें ¥48.2 बिलियन का नुकसान हुआ) के बाद सिक्योरिटी को लेकर रूल्स और कड़े किए जाएंगे।
Asset managers और securities firms को भी 2028 के लॉन्च से पहले risk disclosure और ऑपरेशन से जुड़ी सिक्योरिटी को मजबूत करना होगा।
एशिया का टुकड़ों में बंटा क्रिप्टो ETF लैंडस्केप
इस रीजन में रेग्युलेटरी अप्रोच हर जगह अलग-अलग हैं।
Hong Kong, एशिया का इकलौता मार्केट है जहां रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए स्पॉट क्रिप्टो ETFs उपलब्ध हैं। यहां अप्रैल 2024 में छह Bitcoin और Ether प्रोडक्ट्स लॉन्च किए गए थे और अक्टूबर 2025 में Solana ETFs जोड़े गए। इनकी एसेट under management करीब $500 मिलियन है, जो US लेवल्स का सिर्फ एक छोटा हिस्सा है।
South Korea की सत्तारूढ़ Democratic Party अपने Digital Asset Basic Act को एक डेडिकेटेड टास्क फोर्स के जरिए आगे बढ़ा रही है। पार्टी का लक्ष्य है कि महीने के आखिर तक ड्राफ्ट को फाइनल किया जाए। हालांकि, जून में होने वाले लोकल चुनावों के मद्देनज़र समय सीमा अभी स्पष्ट नहीं है। इसी के साथ, Bitcoin स्पॉट ETF पर चर्चा—जो President Lee Jae-myung का एक अहम चुनावी वादा है—शायद आगे के लिए टल सकती है।
Taiwan ने फरवरी 2025 में पहुंच बढ़ा दी है, जिससे अब घरेलू investment trust funds को ओवरसीज़ पैसिव क्रिप्टो ETF में निवेश करने की अनुमति मिल गई है। FSC भी एक डेडिकेटेड क्रिप्टो कानून को आगे बढ़ा रहा है। Chairman Peng Jin-lung ने इंडिकेट किया है कि New Taiwan Dollar-बेस्ड stablecoin मिड-2026 तक लॉन्च किया जा सकता है।
Singapore ने रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए अब तक क्रिप्टो ETF को मंजूरी नहीं दी है। Monetary Authority का कहना है कि डिजिटल टोकन रिटेल कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम्स के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
अगर Japan 2028 तक इंतजार करता है, तो वह दूसरे markets के अनुभवों से बहुत कुछ सीख सकता है। लेकिन वहीं, South Korea की ruling पार्टी एक्टिवली अपनी लेजिस्लेशन ला रही है और Hong Kong भी अपने प्रोडक्ट ऑप्शन बढ़ा रहा है। ऐसे में, यह रीजनल रेस अभी खत्म नहीं हुई है।