जापान की 10-वर्षीय सरकारी बांड यील्ड (JP10Y) 2.30% तक पहुंच गई है, जिसने 2008 की फाइनेंशियल क्राइसिस के स्तर को पार कर लिया है। यह स्थिति ऑयल-ड्रिवेन मंदी और जियोपॉलिटिकल टेंशन्स के चलते उत्पन्न हुई है, जो ग्लोबल मार्केट्स में हलचल मचा रही है। इसी समय, US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड (US10Y) लगभग 4.40% के पास है, दोनों बेंचमार्क एक साथ बढ़ रहे हैं, जिसे एक्सपर्ट्स वार-इंड्यूस्ड एनर्जी शॉक बता रहे हैं।
यह पैरेलल मूवमेंट क्रिप्टो इन्वेस्टर्स के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है: कौन सा बांड मार्केट Bitcoin के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है?
Japan की yield में तेजी से तुरंत liquidity risks बढ़े
अब ध्यान जापान की ओर लगातार बढ़ रहा है। एनालिस्ट Shanaka Anslem ने चेतावनी दी है कि ग्लोबल फाइनेंस में सबसे खतरनाक नंबर ऑयल की प्राइस नहीं है, बल्कि पूरी जापानी यील्ड कर्व है। लॉन्ग-डेटेड बांड्स में तेज़ बढ़त इसका प्रमाण है।
जापान की अल्ट्रा-लो रेट्स लंबे समय से ग्लोबल येन कैरी ट्रेड को सपोर्ट करती रही हैं, जहां इन्वेस्टर्स सस्ते में येन उधार लेकर हाई-यील्डिंग इक्विटीज, बांड्स और क्रिप्टो में निवेश करते हैं।
अब यह डायनामिक पलट रहा है।
जैसे-जैसे यील्ड्स बढ़ रही हैं, उधारी की लागत भी बढ़ रही है। इससे इन्वेस्टर्स को लीवरेज्ड पोजीशंस अनवाइंड करनी पड़ती है और येन-डिनॉमिनेटेड कर्ज चुकाना पड़ता है। यह प्रक्रिया अक्सर रिस्क एसेट्स की तेजी से बिक्री का कारण बनती है।
Bitcoin ने BOJ टाइटनिंग पर पहले ही रिएक्शन दिया
हाल के सायकल्स ने इस असर को और साफ दिखाया है।
2024 से अब तक, Bank of Japan की हर टाइटनिंग फेज का Bitcoin में 20% से 31% तक की गिरावट से मेल रहा है, जो ज्यादातर फोर्स्ड डीलिवरेजिंग की वजह से हुआ, धीरे-धीरे मार्केट रीप्राइसिंग के कारण नहीं।
- BOJ रेट हाइक 1 – 19 मार्च, 2024: BOJ ने रेट्स -0.1% से 0%-0.1% कर दी (2007 के बाद पहली बार)।
Bitcoin लगभग 23% गिरा, कुछ एनालिस्ट्स के मुताबिक यह गिरावट ~27% तक भी देखी गई (टाइम विंडो पर डिपेंड करता है)।
- BOJ रेट हाइक 2 – 31 जुलाई, 2024: BOJ ने रेट्स 0%-0.1% से बढ़ाकर 0.25% कर दी।
Bitcoin लगभग 26-30% गिरा (MEXC)। Yen 160 से नीचे 140 तक स्ट्रॉन्ग हुआ, जिससे ग्लोबल असेट्स में ट्रिलियन-$ का सेल-ऑफ़ शुरू हुआ। BTC $65,000 से गिरकर $50,000 तक आ गया। Nikkei 5 अगस्त को एक ही सेशन में 12% क्रैश हो गया।
- BOJ रेट हाइक 3 – 24 जनवरी 2025 को BOJ ने रेट 0.50% तक बढ़ाया।
BTC में 30-31% से ज्यादा की गिरावट आई, जो इन तीनों मामलों में सबसे बड़ी ड्रॉडाउन थी।
- BOJ रेट हाइक 4 – 19 दिसंबर 2025 को BOJ ने रेट 0.75% तक बढ़ाया, जो 30 साल में सबसे ज्यादा है।
Bitcoin में जुलाई 2024 की हाइक के बाद आठ दिनों में 26% की गिरावट आई और जनवरी 2025 की हाइक के बाद 20 दिनों में 25% तक गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर की हाइक के बाद BTC ने भी ड्रॉडाउन देखा, हालांकि पर्सेंटेज विंडो के हिसाब से अलग-अलग था।
इससे पता चलता है कि जापान की यील्ड मूव्स US से स्ट्रक्चरल रूप से अलग हैं।
Repatriation से ग्लोबल liquidity पर असर पड़ सकता है
जापान की विदेशी पूंजी के स्केल की वजह से रिस्क और बढ़ जाता है।
जापान की लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के पास करीब $5 ट्रिलियन की विदेशी संपत्तियां (foreign assets) हैं। अगर डोमेस्टिक यील्ड्स, खासकर लॉन्ग एंड पर, बढ़ती हैं तो ये संस्थान फंड्स वापस जापान लाने के लिए प्रेरित होते हैं।
इस शिफ्ट में ओवरसीज होल्डिंग्स की सेलिंग शामिल है, जैसे US Treasuries और अन्य ग्लोबल एसेट्स। इससे उन मार्केट्स में लिक्विडिटी कम होती है, जो पहले से ही क्रिप्टो को सपोर्ट करती रही हैं।
US Yields ने डाला दबाव, लेकिन अंदाज जाना-पहचाना
US Treasury यील्ड्स में बढ़ोतरी अभी भी मायने रखती है।
हाई यील्ड्स नॉन-यील्डिंग एसेट्स जैसे Bitcoin को होल्ड करने की opportunity cost बढ़ा देती हैं, Dollar को मजबूत बनाती हैं और फाइनेंशियल कंडीशन्स को टाइट करती हैं।
हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह एक धीमा और जाना-पहचाना headwind है, जिसे क्रिप्टो मार्केट्स ने समय के साथ अक्सर absorb किया है।
Japan के मुकाबले, US में यील्ड (yield) बढ़ने से ग्लोबल फंडिंग ट्रेड से जुड़े बड़े पैमाने पर leveraged unwinds सीधे तौर पर ट्रिगर नहीं होते हैं।
Oil Shock से Policy Response पर लिमिट
दोनो यील्ड मूव्स जियोपोलिटिकल टेंशन से जुड़े एनर्जी प्राइस बढ़ने के कारण हो रही हैं।
Japan, जो इम्पोर्ट्स पर काफी डिपेंड है, पहले से ही स्टेट ऑइल रिजर्व रिलीज़ करने की प्लानिंग कर रही है। पॉलिसीमेकर्स करेंसी वीकनेस को भी इंटरवेंशन लेवल के पास बारीकी से मॉनिटर कर रहे हैं।
इसी दौरान, US में 2.7% के पास मंदी (inflation) की वजह से Federal Reserve के पास रेट्स कम करने की ज्यादा गुंजाइश नहीं है, जिससे दोनों सेंट्रल बैंक्स लिमिटेड हो जाती हैं।
तो आखिर Bitcoin के लिए कौन साyield ज्यादा मायने रखता है
अभी की मार्केट स्ट्रक्चर में, Japan की 10-year यील्ड, Bitcoin के लिए सबसे बड़ा और तात्कालिक खतरा है।
इसका कारण यील्ड का लेवल नहीं, बल्कि उसके पीछे का मैकेनिज़्म है।
- US10Y, Bitcoin पर दबाव डालता है मैक्रो कंडीशंस जैसे हाई रेट्स और स्ट्रॉन्ग डॉलर के ज़रिए
- JP10Y, Bitcoin पर दबाव डालता है फोर्स्ड लिक्विडेशन्स के द्वारा , जो कैरी ट्रेड unwinds और कैपिटल रिपैट्रिएशन से ड्रिवन है
यह फर्क बहुत जरूरी है।
जहां US में यील्ड बढ़ना समय के साथ क्रिप्टोकरेंसी को नीचे ला सकता है, वहीं Japan में यील्ड में उछाल की वजह से लेवरेज्ड पोज़ीशन्स के अनवाइंड होते ही क्रिप्टो में तगड़ी और अचानक गिरावट देखने को मिलती है।
सारांश
दोनों बॉन्ड मार्केट्स ग्लोबल फाइनेंशियल कंडीशन्स को टाइट कर रही हैं, लेकिन इनका असर बराबर नहीं है।
US पूरा मैक्रो इनवायरनमेंट सेट करता है।
Japan लिक्विडिटी शॉक ट्रिगर करता है।
Bitcoin और क्रिप्टो मार्केट्स के लिए, निकट भविष्य में Japan की यील्ड कर्व सबसे बड़ा और खतरनाक फैक्टर बना हुआ है।