US क्रिप्टो न्यूज़ मॉर्निंग ब्रीफिंग में आपका स्वागत है— यहां जानें आज के दिन की सबसे ज़रूरी क्रिप्टो डेवलपमेंट्स का आसान और संक्षिप्त राउंडअप।
अपनी कॉफी तैयार कर लें— क्योंकि ये न्यूज़ प्राइस चार्ट्स, ETF फ्लो या अगले हॉल्विंग नैरेटिव के बारे में नहीं है। ये है एक और मुश्किल सवाल पर—क्या Bitcoin, जैसी ये आज है, वाकई टिकाऊ बन पाई है?
आज की क्रिप्टो न्यूज़: Wall Street के सबसे बड़े Bitcoin Bulls में से एक ने क्यों छोड़ा साथ
इंस्टिट्यूशनल क्रिप्टो सोच में एक शांत लेकिन अहम बदलाव देखने को मिल रहा है। Jefferies के ग्लोबल इक्विटी स्ट्रेटेजी हेड Christopher Wood, जो Wall Street के सबसे ज़्यादा फॉलो किए जाने वाले मार्केट स्ट्रेटजिस्ट्स में गिने जाते हैं, उन्होंने Bitcoin को अपनी फ्लैगशिप मॉडल पोर्टफोलियो से पूरी तरह हटा दिया है।
Jeffries के इस एग्जीक्यूटिव ने प्राइस वोलैटिलिटी को वजह नहीं बताया, बल्की वह इस एसेट की लॉन्ग-टर्म टिकाऊपन पर डाउट्स जता रहे हैं।
Wood ने Jefferies की मॉडल पोर्टफोलियो से 10% Bitcoin अलोकेशन कम करके उसे बराबर-बराबर physical gold और गोल्ड माइनिंग स्टॉक्स में शिफ्ट कर दिया है।
उनका ये डिसीजन उनके लेटेस्ट Greed & Fear न्यूज़लेटर में बताया गया है, जिसमें Wood ने माना कि quantum computing की तेजी Bitcoin की सिक्योरिटी और स्टोर-ऑफ-वैल्यू थीसिस के लिए लॉन्ग-टर्म खतरा बन सकती है।
“quantum computing का पहले दूर समझा जाने वाला खतरा अब ऐसे टॉप मार्केट स्ट्रेटजिस्ट को Bitcoin से दूर ले गया,” Bloomberg ने रिपोर्ट किया, न्यूज़लेटर में Wood को कोट करते हुए और बताया कि कैसे ये थियॉरेटिकल रिस्क अब मेनस्ट्रीम पोर्टफोलियो कंस्ट्रक्शन के फैसलों में शामिल हो रहा है।
Wood Bitcoin के शुरुआती इंस्टिट्यूशनल समर्थक रहे हैं और उन्होंने इस एसेट को दिसंबर 2020 में अपने मॉडल पोर्टफोलियो में पहली बार जोड़ा था, जब महामारी के दौर में stimulas और करेंसी की वैल्यू गिरने का डर था।
बाद में उन्होंने इसकी एक्सपोजर 2021 में 10% तक बढ़ा दी थी। खास बात ये है कि Bitcoin तब से करीब 325% बढ़ चुका है, जबकि gold को 145% की ही बढ़त मिली। इसके बावजूद, Wood के लिए अब प्रदर्शन मायने नहीं रखता।
उनका मानना है कि quantum computing की वजह से ये दलील कमजोर पड़ जाती है कि Bitcoin कई दशकों तक भरोसेमंद स्टोर ऑफ वैल्यू बना रह सकता है—खासतौर पर पेंशन जैसे लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए।
“Bitcoin कम्युनिटी में ये चिंताएं बढ़ने लगी हैं कि quantum computing अब एक दशक बाद नहीं, बल्कि कुछ ही सालों में आ सकती है,” Wood ने लिखा।
असल में, Bitcoin की सिक्योरिटी क्रिप्टोग्राफिक सिस्टम्स पर निर्भर है जो आज के कम्प्यूटर्स के लिए पब्लिक की से प्राइवेट की निकालना लगभग नामुमकिन बना देती है।
लेकिन अगर cryptographically relevant quantum computers (CRQCs) आ जाते हैं तो ये असंतुलन खत्म हो सकता है। मतलब, अटैकर्स कुछ घंटों या दिनों में प्राइवेट की वापस निकाल सकते हैं।
Quantum Risk, Governance और इंस्टीट्यूशनल नजरिए से Bitcoin पर दोबारा सोच
इस डिबेट ने कैपिटल अलोकेटर्स और डेवलपर्स के बीच की खाई को और गहरा कर दिया है। Castle Island Ventures के पार्टनर Nic Carter ने दिसंबर में एक पोस्ट में इस तनाव को काफी अच्छे से बताया था।
फिर भी, इस मुद्दे का मुख्य केंद्र गवर्नेंस ही है। जो सॉल्यूशंस सुझाए गए हैं, जैसे कि quantum-vulnerable कॉइन्स को बर्न करना या post-quantum cryptography में माइग्रेट करना, वे प्रॉपर्टी राइट्स और रूल बदलाव को लेकर असहज सवाल खड़े कर देते हैं।
Jefferies ने कहा है कि भले ही Bitcoin में पहले फोर्क हो चुके हैं, लेकिन कॉइन्स को जब्त करना या उन्हें अमान्य घोषित करना, नेटवर्क की credibility पर ही सवाल खड़े कर सकता है।
Jefferies ने यह भी बताया कि quantum scenario में Bitcoin की एक बड़ी सप्लाई vulnerable हो सकती है। इसमें शामिल हैं:
- Satoshi-era होल्डिंग्स जो Pay-to-Public-Key (P2PK) एड्रेस में रखी हैं
- Lost कॉइन्स, और
- ऐसे एड्रेस जो कई ट्रांजैक्शन्स में बार-बार यूज़ हुए हैं
कुल मिलाकर, यह संभावित रूप से लाखों BTC हो सकते हैं।
हाल की एक Coinbase एनालिसिस ने भी इन्हीं चिंताओं को दोहराया है। Coinbase के Head of Investment Research, David Duong ने कहा कि quantum computing लॉन्ग-टर्म रिस्क्स लाता है, जो सिर्फ प्राइवेट की सिक्योरिटी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि Bitcoin के इकोनॉमिक और सिक्योरिटी मॉडल को भी प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा quantum टेक्नोलॉजी अभी Bitcoin को ब्रेक करने से काफी दूर है। लेकिन Duong ने चेतावनी दी है कि लगभग 6.5 मिलियन BTC ऐसे हैं, जो लॉन्ग-रेंज quantum अटैक्स के लिए एक्सपोज़ हो सकते हैं। इसी वजह से, post-quantum cryptography में माइग्रेशन ज़रूरी है, भले ही इसमें अभी कई साल लग सकते हैं।
वहीं, Wood ने नोट किया है कि quantum computing से जुड़े लॉन्ग-टर्म सवाल सिर्फ सोने (gold) के लिए लॉन्ग-टर्म पॉजिटिव हैं। इसका कारण है कि gold को हमेशा एक परखा हुआ hedge माना जाता है, जिसमें टेक्नोलॉजिकल या गवर्नेंस की अनिश्चितता नहीं होती।
यह कदम इंस्टीट्यूशनल सोच में व्यापक बदलाव को दर्शाता है। Cyber Capital के फाउंडर और CIO Justin Bons का कहना है कि 2033 के बाद कभी भी Bitcoin क्रैश हो सकता है। हालांकि, Bons के मुताबिक, halvenings के बाद माइनर सब्सिडी में कमी और कम ट्रांजैक्शन फीस इसके कारण हैं।
Justin Bons के अनुसार, 51% अटैक्स डेली $3 मिलियन से कम की लागत में फायदेमंद हो सकते हैं, जिससे exchanges पर अरबों डॉलर की डबल-स्पेंडिंग संभव है। ये सभी चिंताएं Bitcoin की सिक्योरिटी से जुड़ी हैं।
आज का चार्ट
Byte-Sized Alpha
यहां आज के लिए कुछ और US क्रिप्टो न्यूज़ का सारांश है:
- BitMine के शेयरहोल्डर मीटिंग ने ETH staking proxy के ट्रेंड में बदलाव दिखाया: यहां जानें Tom Lee अब अगला कदम कहां बढ़ा रहे हैं।
- Bitcoin कैसे बना है Iran के आर्थिक संकट में प्रतिरोध का एक तरीका।
- Russell 2000 ने नया ऑल-टाइम हाई छुआ, जिससे Q1 में altcoin सीजन की उम्मीदें बढ़ी।
- Ripple के इंस्टीट्यूशनल पुश के चलते RLUSD रिकॉर्ड हाई पर—लेकिन XRP पीछे रह गया।
- President Trump ने “इमरजेंसी पावर ऑक्शन” की प्लानिंग की: इससे Bitcoin माइनर्स पर क्या असर पड़ेगा?
- लगभग $3 बिलियन के Bitcoin और Ethereum options की एक्सपायरी, मार्केट्स नए ब्रेकआउट के इरादे टेस्ट कर रहे हैं।
क्रिप्टो equities pre-market ओवरव्यू
| कंपनी | 15 जनवरी को क्लोज़िंग | प्रि-मार्केट ओवरव्यू |
| Strategy (MSTR) | $170.91 | 172.74 (+1.07%) |
| Coinbase (COIN) | $239.28 | $241.38 (+0.88%) |
| Galaxy Digital Holdings (GLXY) | $31.99 | $32.21 (+0.69%) |
| MARA Holdings (MARA) | $10.66 | $10.74 (+0.75%) |
| Riot Platforms (RIOT) | $16.57 | $16.76 (+1.15%) |
| Core Scientific (CORZ) | $18.08 | $18.25 (+0.94%) |