सेल-ऑफ़ का दबाव नए पूंजी प्रवाह पर भारी; इंस्टीट्यूशनल अनवाइंडिंग और खरीद में रुचि की कमी मौजूदा साइकिल की पहचान बनी हुई है।
CryptoQuant के CEO Ki Young Ju ने मौजूदा Bitcoin मार्केट को एक स्पष्ट बियर साइकिल घोषित किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि असली रिकवरी में कई महीने लग सकते हैं और इसके लिए प्राइस को और भी गिरना पड़ सकता है, तभी सस्टेनेबल रिबाउंड संभव होगा।
Capital inflows से मार्केट में खास हलचल नहीं
एक इंटरव्यू में, जो साउथ कोरियन क्रिप्टो न्यूज़ आउटलेट के साथ हुआ था, Ju ने डेटा बेस्ड एनालिसिस से लंबे समय तक मार्केट कमजोर रहने की बात रखी। उन्होंने बताया कि पूंजी के इनफ्लो और सेलिंग प्रेशर के बीच बड़ी असंतुलन है।
“सैकड़ों बिलियन $ मार्केट में आए हैं, लेकिन मार्केट कैप या तो स्थिर रही या और नीचे गई है,” Ju ने कहा। “इसका मतलब है, सेलिंग प्रेशर नए कैपिटल पर हावी है।”
उन्होंने नोट किया कि पूर्व में गहरे करेक्शन के बाद आमतौर पर कम से कम तीन महीने का कंसोलिडेशन लगता है, तब जाकर इंवेस्टमेंट सेंटीमेंट रिकवर होता है। Ju ने जोर देकर कहा कि किसी भी शॉर्ट-टर्म बाउंस को नई बुल साइकिल की शुरुआत न समझा जाए।
रिकवरी के दो रास्ते
Ju ने Bitcoin की रिकवरी के दो संभावित रास्ते बताए। पहला: प्राइस लगभग $55,000 के रियलाइज्ड प्राइस तक गिर सकता है। यह वही एवरेज कॉस्ट है, जिस पर सभी बिटकॉइन होल्डर्स ने खरीदा है, जिसे ऑन-चेन ट्रांजैक्शन डेटा से निकाला जाता है। फिर वहीं से प्राइस में रिबाउंड की संभावना रहती है। हिस्टोरिकली, Bitcoin ने इसी लेवल को छूकर ही नया मोमेंटम जनरेट किया है।
दूसरा: एक लंबा साइडवेज़ कंसोलिडेशन, जहाँ प्राइस $60,000 से $70,000 की रेंज में महीनों तक सीमित रह सकती है। इसके बाद ही अगला अपवर्ड ट्रेंड शुरू हो सकता है।
दोनों ही केस में Ki ने कहा कि लंबी रैली के लिए जरूरी प्री-कंडीशन्स फिलहाल मार्केट में नहीं हैं। ETF इनफ्लो रुक चुके हैं, ओवर-द-काउंटर डिमांड खत्म हो गई है, और रियलाइज्ड व स्टैंडर्ड मार्केट कैप या तो फ्लैट हैं या गिर रही हैं।
Institutional एक्सोडस से गिरावट आई
Ju ने पिछले दिनों की सेलिंग का बड़ा कारण इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की पोजीशन अनवाइंडिंग को बताया। पिछले साल Bitcoin की वोलटिलिटी कम हुई, जिससे जिन्होंने वोलटिलिटी कैप्चर करने के लिए Beta-Delta-Neutral स्ट्रेटेजी से मार्केट में एंट्री ली थी, उन्हें Nasdaq और गोल्ड जैसे एसेट्स में बेहतर मौके दिखे।
“जब Bitcoin का प्राइस मूवमेंट रुक गया, तो इंस्टीट्यूशंस के लिए उन पोजीशन्स को होल्ड रखने का कोई कारण नहीं था,” Ju ने समझाया। CME के डेटा में भी दिखता है कि इंस्टीट्यूशनल शॉर्ट पोजीशन्स काफी कम हो गई हैं- यह कोई बुलिश संकेत नहीं है, बल्कि कैपिटल ऑउटफ्लो का सबूत है।
Ju ने यह भी बताया कि हाल में काफी अक्रामक सेलिंग पैटर्न दिखे, जहाँ बहुत बड़ी मात्रा में Bitcoin कम समय में मार्केट प्राइस पर बेचा गया। वह मानते हैं, इसके पीछे या तो फोर्स्ड लिक्विडेशन है या फिर इंस्टीट्यूशनल तरीके से डेरिवेटिव पोजीशन को मैनिपुलेट करने के लिए बेचना शामिल है।
Altcoin का आउटलुक और ज्यादा खराब
Altcoins के लिए तस्वीर और भी निराशाजनक है। Ju ने बताया कि 2024 में altcoins की ट्रेडिंग वॉल्यूम भले ही मजबूत दिखी, लेकिन असल में नया कैपिटल इनफ्लो कुछ चुनिंदा टोकनों तक ही सीमित रहा, जिनमें ETF लिस्टिंग की उम्मीद थी। अल्टकॉइन मार्केट कैप पिछले ऑल-टाइम हाई से खासा नहीं बढ़ा, जो बताता है कि फंड्स सिर्फ मौजूदा पलेअर्स के बीच घूम रहे हैं- मार्केट का विस्तार नहीं हो रहा।
“अब वह समय चला गया है जब एक ही स्टोरी पूरी altcoin मार्केट को ऊपर ले जाती थी,” Ki ने कहा। उन्होंने माना कि AI एजेंट इकोनॉमीज़ जैसी स्ट्रक्चरल इनोवेशन भविष्य में altcoins के लिए नया वैल्यू-ड्रिवन मॉडल बना सकती हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ स्टोरी पर आधारित तेज़ रैली की संभावना अब न के बराबर है।
“शॉर्ट-टर्म में altcoins की अपसाइड लिमिटेड है। इस गिरावट से इन्वेस्टर सेंटिमेंट को जो नुकसान हुआ है, उसे पूरी तरह से रिकवर होने में काफ़ी समय लगेगा,” उन्होंने अंत में कहा।