अरबपति निवेशक Mark Cuban का मानना है कि ह्यूमनॉइड रोबोट आने वाले 5 से 10 सालों में फेल हो जाएंगे। उनकी बजाय, वे ऐसी मशीनों की उम्मीद कर रहे हैं जो खास कामों और जगहों के लिए डिजाइन की जाएंगी।
पूर्व Shark Tank निवेशक ने चेतावनी दी है कि कंपनियां और उनकी मशीनें बुरी तरह नाकाम हो सकती हैं। उनके नजरिए में, इंसान जैसे रोबोट्स का जोर गलत सोच पर टिका है।
Mark Cuban को ह्यूमनॉइड रोबोट्स पर क्यों है शक?
Cuban कहते हैं कि इंडस्ट्री आमतौर पर ह्यूमनॉइड मॉडल पर जाती है क्योंकि हम इंसानों की दुनिया में रहते हैं। लेकिन उन्हें घरों में ऐसे मॉडल के सफल होने की कोई उम्मीद नहीं दिखती। वो उदाहरण देते हैं Amazon वेयरहाउस का, जहां स्पेशली डिजाइन किए गए रोबोट्स काम करते हैं, न कि ह्यूमनॉइड जो बॉक्स उठाते हैं।
उनका विकल्प नेचर से इंस्पायर्ड है। वीडियो में वो सुझाव देते हैं कि आने वाले रोबोट्स मकड़ी या चींटी जैसे हो सकते हैं, जो चीजें उठा और खींच सकते हैं। ऐसे में घरों के पैंट्री, फ्रिज और वाशिंग मशीनें गैराज के पीछे छुपी रह सकती हैं। नतीजतन, पूरी लिविंग स्पेस सिर्फ लोगों के लिए होगी।
Cuban इसे को-डिज़ाइन मानते हैं, जिसमें घर और रोबोट एक-दूसरे के अनुसार बनाए जाते हैं। एक पोस्ट में उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जैसे किचन में माइक्रोवेव और डिशवॉशर के लिए जगह बनाई गई, वैसे ही ये बदलाव होगा। वो मानते हैं कि ह्यूमनॉइड रोबोट्स बड़े होते हैं और एक साथ कई काम करने में मुश्किल होती है।
फिर भी रोबोट बनाने वाली कंपनियां Human Form पर भरोसा कर रही हैं
हालांकि, आज की रोबोटिक्स इंडस्ट्री का रुझान इसका उल्टा है। Unitree के फाउंडर Wang Xingxing ने हाल ही में कहा कि ह्यूमनॉइड रोबोट्स अगले 2 से 10 साल में अपना ChatGPT मोमेंट देख सकते हैं।
इन्वेस्टर्स भी उनसे सहमत दिखते हैं। चीनी कंपनी के स्टॉक ने अपने Shanghai ट्रेडिंग डेब्यू पर 629% की बढ़त के साथ ओपनिंग की। क्रिप्टो पैसा भी इस ट्रेंड में आ रहा है, जहां Tether ने जर्मन डेवेलपर NEURA Robotics के लिए $1.4 बिलियन की फंडिंग राउंड लीड की।
फिर भी, Cuban का अपना उदाहरण उनकी बात को मजबूत करता है। उन्होंने फॉलोअर्स से पूछा कि क्या वे Roomba (iRobot का डिस्क-शेप्ड वैक्यूम क्लीनर) लेना चाहेंगे या झाड़ू लिए ह्यूमनॉइड रोबोट?
फिलहाल, यह डिबेट जारी है। अगर Cuban सही साबित होते हैं, तो आने वाले रोबोटिक्स के विजेता शायद आज के टेक कॉन्फ्रेंस में दिख रहे मशीनों से बिलकुल अलग दिखेंगे।









