Monero (XMR) ने बुधवार को नया ऑल-टाइम हाई छू लिया, जब यह $797 से ऊपर ब्रेक कर गया क्योंकि निवेशकों ने प्राइवेसी पर फोकस वाली क्रिप्टोकरेंसी में भारी निवेश किया। इस सप्ताह Monero में 50% से ज्यादा की तेजी आई, जिससे यह क्रिप्टो मार्केट के सबसे मजबूत परफॉर्मर्स में शामिल हो गया।
इस तेजी से Monero का मार्केट कैप $13 बिलियन से ऊपर चला गया और कुछ समय के लिए यह टॉप 15 क्रिप्टोकरेंसीज़ में शामिल हो गया। ट्रेडिंग वॉल्यूम भी काफी बढ़ गए क्योंकि खरीदार तेजी से इसमें एक्सपोजर लेने लगे।
Financial privacy की डिमांड बढ़ी
इस रैली के पीछे सबसे बड़ा कारण है फाइनेंशियल प्राइवेसी की डिमांड में तेज़ उछाल। ग्लोबल मार्केट में रेग्युलेटर्स KYC और एंटी-मनी-लॉन्ड्रिंग रूल्स को और सख्त बना रहे हैं। अब ज्यादातर ब्लॉकचेन पर गुमनाम ट्रांजैक्शन करना मुश्किल होता जा रहा है।
इसी वजह से, अब ज्यादा लोग ऐसे कॉइन्स की तरफ बढ़ रहे हैं जो वॉलेट बैलेंस, ट्रांजैक्शन अमाउंट और सेंडर की पहचान छुपा लेते हैं। Monero इस कैटेगरी में सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा टेस्टेड ऑप्शन है।
पैराडॉक्स ये है कि बैन और पाबंदियों ने रैली को रोकने के बजाए और भी तेज़ कर दिया।
इस हफ्ते की शुरुआत में, Dubai के फाइनेंशियल रेग्युलेटर ने Dubai International Financial Centre में exchanges को प्राइवेसी कॉइन्स लिस्ट या प्रमोट करने से बार कर दिया।
साथ ही, European Union नए नियम बनाने की तैयारी में है, जिसमें 2027 से गुमनाम क्रिप्टो अकाउंट्स और प्राइवेसी टोकन बैन कर दिए जाएंगे।
डिमांड को खत्म करने के बजाय, इन कदमों ने इंडस्ट्री में फ्रंट-रनिंग बर्ताव को ट्रिगर किया। निवेशक लिमिटेड एक्सेस से पहले प्राइवेसी एसेट्स खरीदने दौड़ पड़े।
Zcash से कैपिटल का ऑउटफ्लो
Monero ने Zcash के इकोसिस्टम में उठा-पटक से भी फायदा उठाया।
Zcash, जो Monero का सबसे करीबी प्राइवेसी-कोइन प्रतिद्वंदी है, वो गवर्नेंस विवादों और इसकी कोर डेवलपमेंट टीम के चले जाने से अपनी मोमेंटम खो चुका है।
जैसे-जैसे भरोसा कम हुआ, ट्रेडर्स ने अपना कैपिटल Monero में कंवर्ट किया, जिसे ज्यादा डिसेंट्रलाइज और किसी एक फाउंडेशन पर कम निर्भर माना जाता है।
इस बदलाव ने XMR के ब्रेकआउट को और तेज़ कर दिया।
Monero ने चार्ट्स पर कई सालों पुराना रेजिस्टेंस लेवल भी पार कर लिया है। जैसे ही यह $600–$650 के रेंज से ऊपर गया, systematic ट्रेडर्स और मोमेंटम फंड्स ने इस मूवमेंट को जॉइन किया।
सोशल मीडिया पर Monero के प्रति रुचि काफी बढ़ गई, जिससे लिक्विडिटी भी आई। यह एक फीडबैक लूप जैसा बना, जिसमें खरीदारी बढ़ती गई और प्राइस $700 के करीब पहुंच गया।
CLARITY Act के ड्रामा ने रैली को तेजी दी
US की क्रिप्टो पॉलिसी को लेकर चल रही डिबेट्स भी प्राइवेसी नैरेटिव को मजबूत कर रही हैं।
सीनेट द्वारा CLARITY Act का नया वर्शन फाइनेंशियल सर्विलांस को बढ़ाएगा, रिपोर्टिंग की जरूरतें सख्त करेगा और रेग्युलेटर्स को exchanges और DeFi प्लेटफॉर्म्स पर ट्रांजेक्शन डेटा तक ज्यादा पहुंच देगा।
हालांकि यह बिल डायरेक्टली प्राइवेसी कॉइन्स को टारगेट नहीं करता, लेकिन इससे ये डर बढ़ जाता है कि ऑन-चेन एक्टिविटी सरकारों के लिए ज्यादा विजिबल हो जाएगी।
ऐसे माहौल में प्राइवेसी-प्रीजर्विंग एसेट्स यूज़र्स के लिए ज्यादा आकर्षक हैं, भले ही वे गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल न हों।
Monero को अब $700 के पास हेवी टेक्निकल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। इतनी तेज़ मूवमेंट के बाद शॉर्ट-टर्म में प्राइस में गिरावट आ सकती है।
फिर भी, अंडरलाइनिंग ट्रेंड काफी क्लियर है। जैसे-जैसे सरकारें निगरानी और गुमनामी पर पाबंदियां बढ़ा रही हैं, फाइनेंशियल प्राइवेसी की डिमांड भी बढ़ रही है। अभी के लिए, Monero इस मार्केट में सबसे बड़ा लाभ उठाने वाला बना हुआ है।