Polymarket ने ज्यादातर कॉलेज एज के क्रिएटर्स को अपनी वेबसाइट के कॉपीकैट वर्शन पर नकली जीतने वाले बेट्स दिखाने के लिए पे किया। Wall Street Journal की एक जांच में पाया गया कि करीब $1.9 मिलियन की जितनी भी बेट्स 1,105 वीडियोज़ में दिखाई गईं, असल में कोई भी असली नहीं थी।
ये खुलासा कंपनी के मेन पिच के बिल्कुल उलट है। Polymarket हर असली ट्रेड को एक पब्लिक ब्लॉकचेन पर सेटल करता है, जिसे कोई भी ऑडिट कर सकता है। लेकिन कंपनी की ग्रोथ कैम्पेन ऐसे रची गई जिसमें नकली साइट्स पर स्टेज किए हुए ट्रांजेक्शन दिखाए गए, जिन्हें कोई लेजर वेरीफाई नहीं कर सकता।
Polymarket के कथित नकली बेट्स कैसे काम करते थे
असली Polymarket ट्रेड्स Polygon ब्लॉकचेन पर चलते हैं और USDC में सेटल होते हैं। मार्केट्स UMA के परमिशनलेस oracle के जरिए रिजॉल्व होते हैं, जिसमें कोई भी व्यक्ति $750 की बांड पोस्ट करके रिजल्ट का प्रस्ताव या उसपर विवाद कर सकता है। हर पोजीशन पब्लिक रहती है।
मार्केटिंग ऑपरेशन पूरी तरह उस लेजर के बाहर चलता था। Journal ने रिपोर्ट किया कि दिसंबर से मिड मई के बीच 10 प्रमोटेड क्रिएटर्स की 1,105 वीडियोज़ देखी गईं। इनमें से लगभग 70% में बेट दिखाई गई थी, लेकिन कोई भी असली नहीं थी।
एक वीडियो में क्रिएटर ने $100,000 जीतने का दावा किया क्योंकि January में Trump ने McDonald’s शब्द कहा था। जबकि सच ये है कि Trump ने उस महीने ऐसा कुछ भी पब्लिकली नहीं कहा था और वीडियो भी पुराना था।
असल मार्केट में पब्लिक डाटा दिखाता है कि 50 से ज्यादा अकाउंट्स ने वही बेट लगाई थी, और सभी हार गए।
कई क्लिप्स dummy साइट्स जैसे poiymarket.com पर शूट हुई थीं, जो असली प्लेटफार्म की कॉपी थी। 118 वीडियोज़ में क्रिएटर्स ने करीब $900,000 के नकली जीत का जश्न मनाया। वहीं वही बेट्स असल में लगतीं तो $166,000 से ज़्यादा का नुकसान होता।
क्रिएटर्स को हर महीने करीब $2,000 से $3,000 तक कमाई होती थी और उन्हें ये पेमेंट जानबूझकर छुपाने के लिए कहा गया था। एक हायर की गई मार्केटिंग फर्म ने इन क्लिप्स को 140 मिलियन से भी ज्यादा व्यूज़ तक पहुंचाया। ऐसी स्ट्रैटेजी ने पहले भी एक रिजॉल्यूशन विवाद के चलते यूज़र ट्रस्ट पर असर डाला था।
Polymarket की US वापसी के दौरान कांड का खुलासा
ये स्कैंडल ऐसे समय में सामने आया है जो Polymarket के लिए सही नहीं था। US रेग्युलेटर्स ने 2022 में Polymarket पर $1.4 मिलियन का फाइन लगाया था क्योंकि वे एक अनरजिस्टर्ड मार्केट चला रहे थे, और नॉन-कम्प्लायंट ट्रेड्स बंद करने का ऑर्डर दिया था।
इसके बाद कंपनी ने खुद को Panama में रिइन्कॉर्पोरेट किया, और उसका हेडक्वार्टर्स बताया गया कि एक ऐसे लॉ ऑफिस में है जो FTX के साथ भी जुड़ा था।
Polymarket को अब एक रेग्युलेटेड US मार्केट एंट्री मिल चुकी है और अब वह अपने exchange को ऑनशोर लाने की तैयारी कर रहा है।
फेक कैंपेन खासतौर पर अमेरिकी यूज़र्स को टार्गेट कर रही थी, जो अब भी VPN के जरिए ऑफशोर साइट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
विश्वास से जुड़े सवाल नए नहीं हैं। Journal के एक अलग एनालिसिस में पता चला कि अधिकतर यूज़र्स पैसे गंवा देते हैं, जबकि वीडियो में आसान प्रॉफिट दिखाया गया था।
अब रेग्युलेटेड प्रतिद्वंदी Kalshi से प्रतिस्पर्धा करते हुए, Polymarket ने कहा है कि वह अपने प्रचार कंटेंट का ऑडिट करेगा।
यह रिव्यू, जो रेग्युलेटर्स की नजर में Polymarket के ऑनशोर प्रयास को बदल रहा है, भविष्य में prediction market रेस के अगले फेज को आकार दे सकता है।









