Revolut ने फर्जी सरकारी ईमेल पर पासपोर्ट और Bitcoin रिकॉर्ड भेजने की पुष्टि की

  • Revolut ने कन्फर्म किया कि एक impersonator ने असली सरकारी डोमेन से डाटा मांगने की कोशिश की
  • कस्टमर को लिस्ट में पासपोर्ट, सेल्फी, एड्रेस और Bitcoin हिस्ट्री नज़र आई
  • Revolut ने कहा फंड्स सुरक्षित हैं, लेकिन एजेंसी का नाम नहीं बताया

Revolut ने कन्फर्म किया है कि फ्रॉडस्टर्स ने प्लेटफॉर्म को धोखे में डालकर कस्टमर डेटा हासिल कर लिया है, जिसमें पासपोर्ट, वेरिफिकेशन सेल्फी और Bitcoin ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड्स जैसी जानकारी शामिल है, जैसा कि कंपनी के अपने नोटिस में बताया गया है।

यह रिक्वेस्ट एक असली सरकारी एजेंसी के ईमेल डोमेन से आई थी और उसमें वैलिड क्रेडेंशियल्स थे। Revolut ने इसे सही समझकर डेटा जारी कर दिया।

Revolut का कहना है क्या हुआ

Revolut के प्रवक्ता ने BeInCrypto को बताया कि बैंक ने जैसे ही समस्या देखी, तुरंत सेंडर को ब्लॉक कर दिया।

“Revolut ने हाल ही में एक एडवांस एक्सटर्नल इम्पर्सोनेशन अटैक पहचाना है जिसमें एक अनऑथराइज्ड थर्ड पार्टी ने असली सरकारी डोमेन ईमेल से फ्रॉड रिक्वेस्ट भेजी थी… Revolut के सिस्टम और कस्टमर फंड्स पर कोई असर नहीं पड़ा है।”

कंपनी का कहना है कि उसने तुरंत एजेंसी, पुलिस और अपने डेटा प्रोटेक्शन व फाइनेंशियल रेग्युलेटर्स को अलर्ट किया। कंपनी ने उन कस्टमर्स से भी संपर्क किया, जिनपर असर पड़ा है।

क्या Revolut अकाउंट्स सुरक्षित हैं?

Revolut का कहना है कि अकाउंट्स अब भी सिक्योर हैं। यह सच है। बैंक ने BeInCrypto को बताया कि पासकोड्स, लॉगिन डीटेल्स और बायोमेट्रिक डेटा कभी लीक नहीं हुए। कोई पैसे ट्रांसफर नहीं हुए।

कस्टमर्स को भेजे गए नोटिस में बात थोड़ी अलग है। उसमें लिखा है कि वेरिफिकेशन सेल्फी लीक हुई, लेकिन बायोमेट्रिक फेशियल टेलीमेट्री यानी फोटो से बनने वाले फेस टेम्पलेट की बात अलग है। फोटो खुद लीक होना दूसरी बात है।

इन नोटिस में बाकी लीक्स भी लिस्टेड हैं- पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, घर का पता, बैंक स्टेटमेंट्स। साथ ही Bitcoin का पूरा ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड भी शामिल है।

Revolut ने कथित तौर पर फर्जी सरकारी रिक्वेस्ट के बाद पासपोर्ट और Bitcoin रिकॉर्ड शेयर किए
Revolut ने कथित तौर पर फर्जी सरकारी रिक्वेस्ट के बाद पासपोर्ट और Bitcoin रिकॉर्ड शेयर किए। स्रोत: ZachXBT

Revolut यह नहीं बता रहा है कि किस एजेंसी का डोमेन इस्तेमाल हुआ था, क्यूँकि पुलिस इन्वेस्टिगेशन अभी जारी है। इसलिए कंपनी के बाहर किसी को यह नहीं पता कि यह गवर्नमेंट मेलबॉक्स हैक हुआ या किसी अंदर के शख्स ने खुद मेल भेजा।

Blockchain इन्वेस्टिगेटर ZachXBT, जो चोरी हुए क्रिप्टो को ट्रेस करने के लिए जाने जाते हैं, ने इस लीक को हाइलाइट किया। उन्होंने बताया कि यह लीक केवल एक छोटे ग्रुप तक ही सीमित थी और शायद अमीर यूजर्स को टारगेट किया गया था।

चोरी हुए कस्टमर लिस्ट से फिशिंग रिस्क बढ़ जाता है। लीक हुए होम एड्रेस के बाद holders पर वॉयलेंट अटैक भी हो चुके हैं।

Revolut ने इसे एक सोफिस्टिकेटेड अटैक बताया है। लेकिन Revolut के अनुसार, अटैकर ने एक असली सरकारी ईमेल सिस्टम का इस्तेमाल करके फ्रॉड रिक्वेस्ट भेजी थी। Revolut ने उस रिक्वेस्ट को असली समझ लिया और डेटा जारी कर दिया।

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