Ripple का US dollar-backed stablecoin, RLUSD, नई all-time high पर पहुंच गया है। इसके पीछे कई हाई-प्रोफाइल पार्टनरशिप्स और रेग्युलेटरी उपलब्धियां हैं, जो इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स में इसकी एडॉप्शन को तेजी से बढ़ा रही हैं।
फिलहाल ऐसा लग रहा है कि Ripple की ग्रोथ और एक्सपेंशन का फायदा सिर्फ RLUSD को मिल रहा है, जबकि XRP मार्केट की ताकतों की वजह से दबाव में है।
RLUSD मार्केट कैप $1.38 बिलियन के पार, Ripple ने बढ़ाई इंस्टिट्यूशनल एडॉप्शन
DefiLlama के डेटा के अनुसार, RLUSD stablecoin का मार्केट कैप अब $1.38 बिलियन से ऊपर पहुंच चुका है। इससे यह सबसे तेजी से बढ़ने वाले डिजिटल एसेट्स में से एक बन गया है, जिसमें $125 मिलियन नवंबर 2025 के बाद से जोड़े गए हैं।
RLUSD की ग्रोथ का नया कारण Ripple की लेटेस्ट पार्टनरशिप LMAX Group के साथ है। LMAX Group ग्लोबल फॉरेन एक्सचेंज और डिजिटल एसेट्स के लिए एक बड़ी cross-asset मार्केटप्लेस है।
मल्टी-ईयर कोलैबोरेशन के तहत, RLUSD को core collateral asset के तौर पर LMAX के इंस्टिट्यूशनल ट्रेडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में इंटीग्रेट किया जाएगा।
इस इंटीग्रेशन से बैंकों, ब्रोकर्स और buy-side इंस्टिट्यूशंस को cross-collateralization और margin efficiency मिलेगी, चाहे वह spot क्रिप्टो हो, perpetual futures या CFD ट्रेडिंग।
“Ripple जैसे लीडर के साथ पार्टनरशिप करना LMAX के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है,” कहा David Mercer, CEO, LMAX Group ने। “US और ग्लोबल रेग्युलेटरी क्लैरिटी के साथ, fiat-backed stablecoins ट्रेडिशनल फाइनेंस और डिजिटल एसेट्स के जुड़ाव के लिए एक मुख्य कैटेलिस्ट बनेंगे, और RLUSD इस दिशा में सबसे आगे है।”
LMAX के साथ यह पार्टनरशिप Ripple की तरफ से $150 मिलियन के फाइनेंसिंग कमिटमेंट के साथ आती है, जिससे exchange की लॉन्ग-टर्म cross-asset ग्रोथ स्ट्रैटेजी को सपोर्ट मिलेगा।
इंस्टिट्यूशनल क्लाइंट्स को बेहतर liquidity, सिक्योर कस्टडी (segregated wallets के जरिए) और 24/7 cross-asset मार्केटप्लेस एक्सेस मिलेगा। खास बात यह है कि यह फीचर आमतौर पर ट्रेडिशनल fiat करेंसीज़ में नहीं मिलता।
“LMAX शुरू से ही ट्रांसपेरेंट और रेग्युलेटेड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइड करने में लीडर रहा है, जिसकी इंस्टिट्यूशनल प्लेयर्स को जरूरत होती है। यह पार्टनरशिप RLUSD— जो पहले ही टॉप-5 USD-backed stablecoin में है — की उपयोगिता को एक बड़े और एडवांस्ड ट्रेडिंग इन्क्वायरमेंट में और तेज करेगा,” Jack McDonald, SVP of Stablecoins, Ripple ने कहा।
RLUSD की ग्रोथ trajectory को Interactive Brokers के एंडॉउंसमेंट से और मजबूती मिली है कि जल्द ही एलिजिबल क्लाइंट्स स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल करके अपने अकाउंट्स फंड कर सकेंगे। इससे ये अपनी पहुँच मेनस्ट्रीम ब्रोकर सर्विसेस तक बढ़ा रहा है।
अन्य महत्वपूर्ण संस्थागत एडॉप्टर्स में DBS, Franklin Templeton, और SBI Holdings शामिल हैं। इससे ये साफ दिखता है कि RLUSD को ट्रस्टेड सैटलमेंट और कोलेटरल असेट के रूप में बढ़ती विश्वसनीयता मिल रही है।
Ethereum ने RLUSD सप्लाई में बढ़त बनाई, जिससे XRP की उपयोगिता घटी
इन सफलताओं के बावजूद, RLUSD की मुख्य सप्लाई (लगभग 76%) Ethereum पर है न कि Ripple के खुद के XRP Ledger (XRPL) पर।
इसलिए, Ethereum इंटीग्रेशन से जहाँ DeFi liquidity को unlock किया जा सकता है, वहीं ये XRP की डायरेक्ट यूटिलिटी को लिमिट करता है। क्योंकि RLUSD के ट्रांजेक्शन्स Ethereum पर होने से XRP बर्न या होल्डर की कमाई में कोई योगदान नहीं होता।
इस स्थिति ने XRP और व्यापक क्रिप्टो communities में चर्चा शुरू कर दी है। ये चिंता इसलिए बढ़ी है क्योंकि उम्मीद की जा रही थी कि Ripple की नई इनोवेशन से सीधे XRP की डिमांड को बढ़ावा मिलेगा।
इसके बावजूद, रेग्युलेटरी approval लगातार RLUSD की संस्थागत credibility को मजबूत कर रहे हैं। अबू धाबी फाइनेंशियल सर्विसेस रेग्युलेटरी अथॉरिटी (FSRA) ने RLUSD को रेग्युलेटेड इंस्टीट्यूशनल यूज़ के लिए हरी झंडी दी है।
इसी बीच, Luxembourg में European EMI approval से EU-वाइड operations के रास्ते खुल गए हैं। Ripple अब ग्लोबली सबसे ज़्यादा रेग्युलेटरी लाइसेंस (75+) वाली क्रिप्टो कंपनियों में गिनी जाती है।
मार्केट कैपिटलाइजेशन $1.38 बिलियन के पार और high-profile पार्टनरशिप्स की बढ़ती लिस्ट के साथ, RLUSD आगे की ग्रोथ के लिए तैयार है।
LMAX Group की ट्रेडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में RLUSD की इंटीग्रेशन और ग्लोबल रेग्युलेटर्स द्वारा पहचान, मेनस्ट्रीम स्टेबलकॉइन एडॉप्शन की दिशा में बड़ा कदम है। इससे क्रिप्टो मार्केट्स और TradFi इकोसिस्टम के बीच का अंतर कम हो रहा है।
इस लेख को लिखने तक, XRP की ट्रेडिंग $2.08 पर हो रही थी, जो पिछले 24 घंटों में 1% से ज्यादा गिर चुकी है।