Russia में Telegram को ब्लॉक करने और Virtual Private Networks (VPNs) पर पाबंदी लगाने की मुहिम ने 3 अप्रैल को पूरे देश में बैंकिंग आउटेज ला दिया, जिससे कार्ड पेमेंट्स, ATM और डिजिटल ट्रांसफर सभी जगह बाधित हो गए।
Telegram के फाउंडर Pavel Durov का कहना है कि कंप्लीट ब्लॉक के बावजूद Russia में अब भी 65 मिलियन दैनिक एक्टिव यूज़र्स Telegram का इस्तेमाल कर रहे हैं।
Censorship ने Russia की फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर पर उल्टा असर डाला
The Moscow Times के अनुसार Sberbank, VTB और T-Bank ने 3 अप्रैल को विस्तृत स्तर पर सर्विस फेल्योर की रिपोर्ट दी थी।
पेमेंट टर्मिनल्स पर एरर मेसेज आ रहे थे, ATM से कैश निकलना बंद हो गया था और मोबाइल बैंकिंग ऐप्स कई घंटे तक डाउन रहीं।
IT सिक्योरिटी फर्म RTM Group के टेक्निकल डायरेक्टर Fyodor Muzalevsky ने रिपोर्टर्स से कहा कि VPN-ब्लॉकिंग के इन उपायों की वजह से यह डिसरप्शन हुआ होगा।
शुरुआती रिपोर्ट्स में यह खुलासा हुआ कि बैंकिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े IP एड्रेस गलती से ब्लॉक हो गए थे।
The Moscow मेट्रो ने reportedly टर्नस्टाइल्स से फ्री एंट्री दी। वहीं, कई दुकानों और सार्वजनिक जगहों (कम से कम एक चिड़ियाघर सहित) पर पेमेंट के लिए सिर्फ कैश ही लिया गया।
Telegram ने फुल ब्लॉक के बावजूद पकड़ बनाई रखी
Russia की इंटरनेट रेग्युलेटर Roskomnadzor ने फरवरी 2026 में Telegram की स्पीड धीमी करना शुरू किया था, और 1 अप्रैल के आसपास पूरे देश में ब्लॉक लागू हो गया।
इस पाबंदी का मकसद यूजर्स को MAX नामक एक स्टेट-समर्थित मैसेजिंग ऐप पर ट्रांसफर करना था, जो Gazprom की सब्सिडियरी के कंट्रोल में है।
लेकिन Durov के आंकड़े दिखाते हैं कि यह स्ट्रेटजी फ्लॉप रही।
“सटीकता के लिए बता दूं, 50 मिलियन से ज्यादा Russians हर दिन कम से कम एक मैसेज भेजते हैं, और बैन के बावजूद Russia में 65 मिलियन डेली एक्टिव यूजर्स हैं,” लिखा Durov ने।
पाबंदी से पहले Telegram के Russia में करीब 96 मिलियन यूजर्स थे, Carnegie Endowment for International Peace के अनुसार।
यह ऐप Russia के लोगों के लिए प्रमुख न्यूज़ सोर्स, कम्युनिकेशन टूल और Ukraine में Russian सैनिकों के लिए एक मिलिट्री कोऑर्डिनेशन चैनल की तरह भी काम करता है।
Kremlin की सख्ती के बाद VPN एडॉप्शन में जबरदस्त बढ़ोतरी
Russia के Digital Development Ministry ने सभी बड़े ऑनलाइन प्लेटफार्म्स को आदेश दिया है कि वे 15 अप्रैल तक VPN यूज़र्स को ब्लॉक करें। प्रस्तावित कानून के तहत, बिना अनुमति के VPN इस्तेमाल करने पर व्यक्ति पर 30,000 रूबल तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
जनवरी 2026 तक, Roskomnadzor ने पहले ही 400 से ज्यादा VPN सर्विसेस पर पाबंदी लगा दी थी, जो कि ऑटम 2025 से 70% ज्यादा है।
फिर भी, VPN का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। Russia के 83 क्षेत्रों में अधिकारियों ने मई 2025 के बाद कम से कम एक बार मोबाइल इंटरनेट शटडाउन लगाया है, जहां आमतौर पर केवल सरकारी मंजूर व्हाइटलिस्टेड साइट्स ही ओपन होती हैं।
इन कदमों की वजह से VPN करोड़ों लोगों के लिए दैनिक जरूरत बन गया है।
3 अप्रैल की बैंकिंग आउटेज घटना से पता चलता है कि आक्रामक इंटरनेट फिल्टरिंग के कुछ गंभीर साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।
Moscow अब अपने रुख में बदलाव कर सकता है या 15 अप्रैल की डेडलाइन से पहले और सख्त पाबंदियां लागू कर सकता है। उनका यह कदम इस डिजिटल टकराव के अगले फेज की दिशा तय कर सकता है।