Securities and Exchange Commission (SEC) के चेयरमैन Paul Atkins ने आज स्वीकार किया कि फेडरल सिक्योरिटीज नियम 2008 में Bitcoin के लॉन्च के बाद से इसकी तेज़ ग्रोथ के साथ तालमेल नहीं बना पाए हैं।
एजेंसी ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिसका उद्देश्य एडवाइजर्स और फंड्स को क्रिप्टो एसेट्स की कस्टडी मॉडर्न तरीके से करने की अनुमति देने के लिए नियमों को आधुनिक बनाना है।
SEC का नया क्रिप्टो कस्टडी प्रपोजल क्या है?
यह प्रस्ताव Investment Advisers Act और Investment Company Act में बदलाव करता है, ताकि डिजिटल एसेट्स के लिए अधिक स्पष्ट कस्टडी नियम बनाए जा सकें।
यह रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स और रेग्युलेटेड फंड्स को, जिसमें म्यूचुअल फंड्स भी शामिल हैं, आज के मार्केट के हिसाब से तैयार फ्रेमवर्क के तहत क्रिप्टो होल्ड करने की अनुमति देता है, ना कि दशकों पुराने गाइडेंस के आधार पर।
Atkins ने कहा कि मौजूदा नियम “अब तक कदमताल नहीं कर सके” एक ऐसे एसेट क्लास के साथ, जो छोटे से एक्सपेरिमेंट से बढ़कर ट्रिलियन $ मार्केट बन चुका है। उन्होंने इस प्रपोजल को उन पुराने कस्टडी स्टैंडर्ड्स की अनिश्चितता की जगह लेने वाला बताया, जो क्रिप्टो के अस्तित्व से बहुत पहले बनाए गए थे।
“इसी मकसद से, आज का यह प्रस्ताव क्रिप्टो एसेट्स के कस्टडी के लिए एक स्पष्ट रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क मुहैया कराएगा, जिससे इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स और फंड्स को कंप्लायंट रास्ता मिलेगा, जहां पहले ऐसा कोई रास्ता नहीं था—और पुरानी अनिश्चितता को खत्म करेगा, जो पिछली कस्टडी रूल्स की वजह से आई थी,” Atkins ने एक आधिकारिक स्टेटमेंट में कहा।
दो बातें खास हैं।
- एडवाइजर्स कुछ खास शर्तों के तहत क्लाइंट्स को अपने क्रिप्टो एसेट्स की खुद कस्टडी रखने देने की सुविधा दे सकते हैं।
- State-chartered ट्रस्ट कंपनियां भी कस्टोडियन बनने के लिए क्वालिफाई कर सकती हैं, जिससे बैंकों और ब्रोकर्स-डीलर्स के अलावा भी अब ये जिम्मेदारी निभा सकेंगे।
यह प्रस्ताव उस समय आ रहा है जब कुछ हफ्ते पहले ही CLARITY Act सीनेट में अटक गया था। 15 सितंबर को बड़ा मार्केट-स्ट्रक्चर बिल पास नहीं हो सका, जिससे SEC को अब रूलमेइंग के जरिए ही कार्रवाई करनी पड़ रही है।
यह कस्टडी चेंज निवेशकों के लिए क्यों मायने रखता है?
पुराने कस्टडी नियमों ने काफी समय से यह सीमित किया हुआ था कि सलाहकार अपने क्लाइंट्स को क्रिप्टो से जुड़ी सलाह कैसे दे सकते हैं। फंड्स के लिए भी डिजिटल एसेट स्ट्रेटेजी को कंप्लायंट चैनलों के जरिए पब्लिक तक पहुंचाना मुश्किल बना रहा था।
Atkins ने इस प्रस्ताव को एक बड़े प्रयास से जोड़ा है जिसका लक्ष्य United States को दुनिया का अग्रणी क्रिप्टो हब बनाना है। इस मुहिम में पहले से ही रेग्युलेशन-बाय-एन्फोर्समेंट टैक्टिक्स खत्म करना और इंडस्ट्री के लिए ज्यादा क्लियर टोकनाइजेशन फ्रेमवर्क बनाना शामिल है।
पब्लिक कमेंट पीरियड, प्रस्ताव के Federal Register में आने के बाद 60 दिनों तक खुला रहेगा। स्टेकहोल्डर्स से उम्मीद है कि वे सेल्फ-कस्टडी प्रावधानों और स्टेट ट्रस्ट कंपनियों के लिए बढ़ाए गए कस्टोडियन रोल पर अपनी राय देंगे।
यह Atkins के तहत अब तक के सबसे स्पष्ट रेग्युलेटरी बदलावों में से एक माना जा रहा है। इससे इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को Bitcoin और अन्य डिजिटल एसेट्स में एंट्री के लिए एक तय कंप्लायंट रास्ता मिलता है। कानूनी असमंजस कम होने से मेनस्ट्रीम एडॉप्शन तेजी से बढ़ सकता है, जिसे पिछली पॉलिसीज़ ने सालों से धीमा कर रखा था।









