Solana प्राइस हाल ही में काफी तेजी से गिरा है। पिछले एक महीने में इसमें करीब 40% और जनवरी के ऑल-टाइम हाई से 54% से भी ज्यादा गिरावट दिखी है। ट्रेंड अभी भी कमजोर है और ज़्यादातर ट्रेडर्स आगे और गिरावट की उम्मीद में शॉर्ट पोजीशन खोल रहे हैं। लेकिन कुछ व्हेल्स इसका उल्टा कर रही हैं। वे मार्केट के बियरिश होने के बावजूद एग्रेसिव लॉन्ग पोजीशन ले रही हैं।
इससे मार्केट में साफ डिवाइड बनता है। ट्रेंड अभी भी डाउनसाइड की ओर इशारा करता है, लेकिन कुछ इंडिकेटर्स यह दिखा रहे हैं कि शुरुआती रिवर्सल कंडीशन बन सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल है – आखिर ये व्हेल्स क्या देख रही हैं?
Solana के क्रिटिकल रिवर्सल कंडीशंस में भी Whale के लॉन्ग बेट्स दिखे
Solana का बड़ा ट्रेंड अभी भी बियरिश है, लेकिन शुरुआती रिवर्सल सिग्नल्स दिखने लगे हैं। पहला सिग्नल प्राइस और Relative Strength Index (RSI) के रिलेशनशिप से आता है। RSI एक मोमेंटम इंडिकेटर है, जो बताता है कि सेलिंग प्रेशर बढ़ रहा है या कमजोर हो रहा है।
21 नवंबर से Solana प्राइस लगातार नीचे की ओर नया लो बनाता जा रहा है। लेकिन RSI ने अब ऊंचा लो बनाना शुरू कर दिया है। इससे बुलिश डाइवर्जेंस बनता है, जो आमतौर पर दिखाता है कि सेलर्स अब थक गए हैं। हालांकि, यह रिवर्सल सिग्नल अभी तक कन्फर्म नहीं हुआ है। कन्फर्मेशन के लिए दो कंडीशन्स होनी जरूरी हैं।
पहली कंडीशन – Solana का अगला डेली कैंडल $77 से ऊपर बने, जो अभी का लेटेस्ट कैंडल लो है। अगर अगला कैंडल इस लेवल से ऊपर क्लोज होता है, तो यह दिखाएगा कि सेलर्स SOL प्राइस और नीचे नहीं ले जा पाए।
दूसरी कंडीशन – RSI को 30 के ऊपर रहना जरूरी है, जो कि 21 नवंबर के लो पर था। अगर RSI 30 से नीचे जाता है, तो बुलिश डाइवर्जेंस इनवैलिड हो जाएगी और वीकनेस कन्फर्म हो जाएगी। जब तक $77 होल्ड करता है और RSI 30 के ऊपर है (दूसरी कंडीशन ज्यादा जरूरी है), तब तक शुरुआती रिवर्सल स्ट्रक्चर बना रहेगा।
इसी वजह से कुछ व्हेल्स जल्दी पोजिशन बना रही हैं।
एक व्हेल ने हाल ही में $2 मिलियन USDC डिपॉजिट किया और Solana पर 20× लीवरेज लॉन्ग पोजिशन खोली, भले ही ट्रेंड अभी भी गिरावट वाला है।
हालांकि, ओवरऑल डेरिवेटिव्स मार्केट अभी भी इस बुलिश व्यू से सहमत नहीं है। ओपन इंटरस्ट $1.93 बिलियन से बढ़कर $1.98 बिलियन हो गया है, यानी 2.6% की बढ़ोतरी हुई है। इसी दौरान फंडिंग रेट्स -0.005% से गिरकर -0.032% हो गया है, जो 540% और निगेटिव टेरेटरी में गया है।
यह दिखाता है कि मार्केट में अभी भी काफी ट्रेंडर्स प्राइस के और नीचे जाने पर दांव लगा रहे हैं। तो फिर अनुभवी holders कब accumulate कर रहे हैं, जबकि ज्यादातर ट्रेडर्स बियरिश क्यों हैं? इसके पीछे सिर्फ unconfirmed reversal setup से ज्यादा कुछ होना चाहिए।
लॉन्ग-टर्म होल्डर accumulation और institutional activity से मार्केट में छिपी ताकत का संकेत
लॉन्ग-टर्म holders का behavior अहम संकेत देता है। Hodler Net Position Change, जो ये ट्रैक करता है कि लॉन्ग-टर्म इनवेस्टर्स खरीद रहे हैं या बेच रहे हैं, उसमें accumulation में तेज़ बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। लॉन्ग-टर्म HOLDERS ने एक ही दिन में अपना नेट buying 786,539 SOL से 972,417 SOL तक बढ़ा दिया, यानी 23.6% का उछाल।
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यह इंडिकेट करता है कि एक्सपीरियंस इनवेस्टर्स कमजोरी में भी accumulate कर रहे हैं। वहीं, एक और पॉजिटिव सिग्नल Chaikin Money Flow (CMF) इंडिकेटर से मिल रहा है। CMF यह दिखाता है कि बड़ा पैसा किसी asset में इन या आउट हो रहा है, वो भी प्राइस और वॉल्यूम को ट्रैक करके।
भले ही Solana प्राइस कमजोर रहा, लेकिन CMF चढ़ना शुरू हो गया। इसका मतलब है कि Solana में धीरे-धीरे पैसा आ रहा है। हालांकि, SOL प्राइस पर बड़े पैसे का पॉजिटिव असर तब ही दिखेगा, जब वह पहले ascending trendline से ऊपर निकले और उसके बाद zero लाइन को ब्रेक करे।
यह संचय तब और भी महत्वपूरण हो जाता है जब इसे साप्ताहिक VWAP, यानी वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस के साथ जोड़ा जाता है। VWAP वॉल्यूम के आधार पर एवरेज प्राइस दिखाता है और इसे इंस्टिट्यूशनल पोजिशनिंग का प्रॉक्सी माना जाता है। हाल ही में Solana ने इस लेवल को थोड़े समय के लिए फिर से हासिल किया, जिसमें लगभग 10% की अपसाइड दिखी। ऐसा ही रिक्लेम जनवरी की शुरुआत में भी हुआ था, तब प्राइस लगभग 20% तक रैली कर गया था। अभी VWAP लाइन $79 के ऊपर है, जो मौजूदा ट्रेडिंग प्राइस के काफी पास है।
VWAP रिक्लेम के बाद ही CMF, जीरो लाइन के ऊपर चला गया था। अभी का पैटर्न इंडीकेट करता है कि इंस्टीट्यूशनल-स्टाइल का संचय शायद फिर से शुरू हो रहा है। यही वजह व्हेल्स की शुरुआती लॉन्ग पोजिशनिंग को भी समझाती है। हालांकि, इस उम्मीद के बावजूद रिस्क भी मौजूद हैं।
शॉर्ट-टर्म होल्डर्स और key प्राइस लेवल्स अब तय करेंगे Solana का अगला बड़ा मूव
अभी शॉर्ट-टर्म होल्डर रिकवरी के लिए सबसे बड़ा रिस्क बन गए हैं। यह HODL Waves से देखा जा सकता है, जो इन्वेस्टर्स की कॉइन्स होल्डिंग को टाइम बैंड्स में सप्लाई के हिसाब से मापता है।
1-सप्ताह से 1-महीना होल्डर ग्रुप की सप्लाई का शेयर 5.10% से बढ़कर 7.18% हो गया है, यानी 40% बढ़ोतरी हुई है। ये शॉर्ट-टर्म होल्डर वॉलेटिलिटी के दौरान जल्दी बेचने वाले होते हैं। यही रिकवरी के दौरान रेसिस्टेंस पैदा करते हैं।
Solana प्राइस फिलहाल एक क्रिटिकल डिसीजन पॉइंट पर है। अगर Solana $77 से ऊपर बना रहता है और RSI 30 के ऊपर रहता है, तो bullish divergence का संकेत बना रहेगा। इससे प्राइस $91 की तरफ रिकवर होने का मौका मिल सकता है, जो लगभग 15% अपसाइड है।
लेकिन अगर $77 ब्रेक होता है और RSI 30 से नीचे चला जाता है, तो bullish सेटअप फेल हो जाएगा। ऐसी स्थिति में, Solana पहले $68 तक गिर सकता है और उसके बाद शायद $54 तक भी आ सकता है, जो मौजूदा लेवल्स से 30% से ज्यादा डाउनसाइड होगी।
इसी वजह से मौजूदा स्तर बेहद महत्वपूर्ण है। बड़े स्तर पर मार्केट अब भी Solana प्राइस के खिलाफ दांव लगा रही है, जैसा कि शॉर्ट पोजिशन बढ़ने और डीप नेगेटिव फंडिंग रेट्स से साफ है। लेकिन व्हेल और लॉन्ग-टर्म होल्डर पहले से ही अलग नतीजे की तैयारी कर रहे हैं। अगले कुछ कैंडल्स और RSI 30 के ऊपर बना रहना तय करेगा कि कौन सही साबित होगा।