Solana के को-फाउंडर Anatoly Yakovenko ने कहा है कि ब्लॉकचेन प्रोटोकॉल्स को टिके रहने के लिए लगातार “इटरेट” करना जरूरी है।
17 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर Yakovenko ने कहा कि किसी भी नेटवर्क की लंबी उम्र उसकी इटरेशन की क्षमता पर ही निर्भर करती है।
Yakovenko ने Solana के लिए AI-ड्रिवन फ्यूचर बताया
उनका मानना है कि अगर कोई ब्लॉकचेन खुद को अप्रचलित होने से बचाना चाहता है, तो उसे लगातार बदलना होगा ताकि डेवलपर्स और यूज़र्स की बदलती ज़रूरतों को पूरा कर सके।
“जिंदा रहना है तो हमेशा उपयोगी रहना जरूरी है। प्रोटोकॉल में बदलाव का मुख्य उद्देश्य किसी डेवलपर या यूज़र की समस्या को हल करना होना चाहिए। इसका मतलब ये नहीं कि हर समस्या को सुलझाया जाए। असल में, ज़्यादातर समस्याओं को ‘ना’ कहना भी जरूरी है,” उन्होंने लिखा।
Yakovenko ने बताया कि Solana का भविष्य इस तरह होना चाहिए जिसमें इटरेशन के लिए किसी एक व्यक्ति या कोर इंजीनियरिंग टीम पर निर्भरता ना हो। बल्कि, प्रोटोकॉल के अपडेट्स डाइवर्स और डिसेंट्रलाइज्ड कम्युनिटी से आने चाहिए।
दिलचस्प बात ये है कि Solana एग्जीक्यूटिव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नेटवर्क के तेज़ डेवलपमेंट को बनाए रखने और फ्यूचर में उसकी गवर्नेंस व कोडिंग को नया रूप देने में अहम रोल निभा सकती है।
“LLM ऐसा SIMD स्पेस बना सकता है जो इतना टाइट हो कि LLM खुद ही वेरिफाई कर ले कि वह कंप्लीट और अनैम्बिग्यूस है, और इसे इम्प्लीमेंट कर सके। सिर्फ एक लंबा प्रोसेस है- एग्रीमेंट और टेस्टनेट सोक टेस्टिंग,” उन्होंने कहा।
इस तरीका से नेटवर्क खुद को इतने तेज़ी से ऑप्टिमाइज़ कर सकता है, जितना सिर्फ इंसानों की टीम से संभव नहीं है।
वहीं, Yakovenko की बातें हाल ही में Ethereum के को-फाउंडर Vitalik Buterin के नए स्ट्रैटेजिक विज़न के बिल्कुल विपरीत हैं।
हाल में ही Buterin ने “walkaway test” कॉन्सेप्ट पेश किया। ये एक उपलब्धि है जिसमें Ethereum नेटवर्क खुद-निर्भर बन जाएगा और बिना फाउंडिंग डेवलपर्स के भी हमेशा के लिए चल सकेगा।
इस विज़न के तहत, Ethereum “ossify” हो जाएगा, यानी इसकी वैल्यू प्रपोजिशन नेटवर्क के स्थायित्व से आएगी, न कि भविष्य की नई सुविधाओं के वादे से।
Buterin मानते हैं कि शॉर्ट-टर्म में Ethereum को बदलाव जारी रखने होंगे। लेकिन वह ये भी कहते हैं कि तकनीकी रुकावटें क्लीयर होते ही नेटवर्क प्रोटोकॉल को लॉक कर देगा।
इनमें फुल क्वांटम रेजिस्टेंस, पर्याप्त स्केलेबिलिटी और स्थाई स्टेट आर्किटेक्चर जैसी तकनीकी चुनौतियां शामिल हैं।
असल में, ये दोनों विचारधाराएं क्रिप्टो मार्केट के लिए दो अलग-अलग रास्ते दिखाती हैं।
Buterin का रोडमैप Ethereum को एक विश्वसनीय सेटलमेंट सिस्टम के रूप में स्थापित करता है, जो सिक्योरिटी और इम्युटेबिलिटी को प्राथमिकता देता है ताकि ट्रस्ट बढ़े।
इसके विपरीत, Yakovenko की स्ट्रेटेजी Solana को एक हाई-ग्रोथ टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म के रूप में पोजिशन करती है। इसका मतलब है कि यह नेटवर्क स्पीड और एग्रेसिव अडॉप्शन को प्राथमिकता देता है ताकि वह कम्पटीटिव एनवायरनमेंट में ज्यादा मार्केट शेयर हासिल कर सके।