Thailand के नए नियमों के तहत Bitcoin (BTC) और Ethereum (ETH) ETF अब उसके स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट किए जाएंगे। ये नियम 16 अक्टूबर से लागू होंगे। इसी नियम में ब्रोकर्स को आम निवेशकों को विदेशी क्रिप्टो ETF में निवेश के लिए प्रेरित करने से रोका गया है।
Securities and Exchange Commission (SEC) ने 8 अक्टूबर को दो बार पब्लिक सुनवाई के बाद 11 नोटिफिकेशन जारी किए। अभी तक, थाई म्यूचुअल फंड्स केवल विदेशी लिस्टेड क्रिप्टो ETF प्रोडक्ट्स के जरिए ही एक्सपोजर ले सकते थे।
थाईलैंड क्रिप्टो ETF का पैसा देश के अंदर ही क्यों रख रहा है?
फिलहाल, रेग्युलेटर डेपॉजिटरी रिसिप्ट्स (DRs) या अन्य ऐसे प्रोडक्ट्स की इजाजत नहीं देगा जो विदेशी क्रिप्टो ETF से जुड़े हों। DRs स्थानीय ट्रेड किए जाने वाले सर्टिफिकेट हैं जो विदेशी सीक्योरिटीज को ट्रैक करते हैं।
ब्रोकर्स भी अपने क्लाइंट्स को विदेशी क्रिप्टो ETF में निवेश कराने में मदद नहीं कर सकते, जब तक कि वो इंस्टिट्यूशनल या अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ निवेशक न हों।
इस बीच, थाई म्यूचुअल फंड्स और प्राइवेट फंड्स अब लोकल क्रिप्टो ETF खरीद सकते हैं, बशर्ते कि वो पहले से तय इनवेस्टमेंट लिमिट्स के अधीन हों। ये नियम मिलाकर, घरेलू डिमांड को Thailand स्टॉक एक्सचेंज (SET) पर लिस्टेड प्रोडक्ट्स की ओर मोड़ते नजर आते हैं।
कोई लिवरेज नहीं, लोकल कस्टडी और जरूरी रिस्क चेक
लॉन्च में सिर्फ BTC और ETH को ही क्वालीफाई किया गया है। SEC ने कहा है कि आगे अन्य क्रिप्टो को जोड़ने का फैसला liquidity, मार्केट एक्सेप्टेंस, नेटवर्क सिक्योरिटी और निवेशकों की सुरक्षा जैसे क्राइटेरिया पर होगा।
ये फंड्स पूरी तरह पैसिव होंगे। हर फंड को हर एकाउंटिंग ईयर में किसी एक क्रिप्टो एसेट में औसत नेट एक्सपोजर, नेट एसेट वैल्यू का कम-से-कम 80% रखना होगा।
कॉइन्स को SEC-रेग्युलेटेड डिजिटल एसेट कस्टोडियन के पास ही रखा जाएगा। हालांकि, रेग्युलेटर ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर भविष्य में वह योग्य विदेशी कस्टोडियन को भी एक्सेप्ट कर सकता है।
निवेशक को ट्रेडिंग से पहले रिस्क एजुकेशन पूरा करनी होगी और यह कन्फर्म करना होगा कि वे प्रोडक्ट को समझते हैं। ब्रोकर्स इन ETF को खरीदने के लिए मार्जिन लोन ऑफर नहीं कर सकते, जैसा कि डिजिटल एसेट ऑपरेटर्स के जरिए क्रिप्टो खरीद में लोन देने पर पहले से बैन है।
यह अप्रोच थाईलैंड की इकोसिस्टम में टाइट रेग्युलेशन का हिस्सा है, जैसे कि प्रस्तावित USDT ट्रांजेक्शन की ऑडिट। नए नियमों से साफ है कि थाईलैंड का मार्केट पहले लोकल एसेट मैनेजर्स और कस्टोडियन ही बनाएंगे, जिससे Global ETF इश्यूअर्स को सीधे एंट्री नहीं मिलेगी।









