व्हाइट हाउस ने 7-पृष्ठ की साइबरसिक्योरिटी नीति जारी की है, जो पहली बार है जब अमेरिका के किसी राष्ट्रीय साइबरसिक्योरिटी फ्रेमवर्क ने क्रिप्टो और ब्लॉकचेन को प्रोटेक्शन के लिए स्पष्ट रूप से प्रमुखता दी है।
इस स्ट्रेटेजी का नाम President Trump’s Cyber Strategy for America है, जो प्रशासन की National Security Strategy पर आधारित है।
Crypto और Blockchain अब National Security Framework का हिस्सा
डॉक्यूमेंट का पांचवाँ स्तंभ क्रिटिकल और एमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ पर फोकस करता है। प्रशासन क्रिप्टोकरेंसीज़ और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजीज की सिक्योरिटी को post-quantum cryptography, quantum computing और artificial intelligence (AI) के साथ सपोर्ट करेगा।
यह डॉक्यूमेंट छह पॉलिसी पिलर्स को कवर करता है जिसमें एडवर्सरी डिटरेंस, फेडरल नेटवर्क मॉडर्नाइजेशन और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ में लीडरशिप शामिल हैं।
यह एक महत्वपूर्ण नीति बदलाव है। पहले अमेरिकी साइबरसिक्योरिटी फ्रेमवर्क्स ने क्रिप्टो को आमतौर पर सिर्फ गलत फाइनेंस के नजरिए से देखा था। अब यह चेंज क्रिप्टो को ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर मानता है जिसे फेडरल प्रोटेक्शन की जरूरत है।
इस स्ट्रेटेजी में ब्लॉकचेन को अमेरिकन इनोवेशन के लिए जरूरी बताया गया है। इसे विदेशी डिजिटल प्लेटफार्म्स के खिलाफ एक बैलेंस के रूप में देखा गया है, जो सेंसरशिप या स्टेट सर्विलांस को बढ़ावा देते हैं।
“President Trump’s Cyber Strategy for America राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाती है कि क्रिप्टो नेटवर्क्स और प्रोटोकॉल को साइबर थ्रेट्स से सिक्योर किया जाए। यह जरूरी है, खासकर जब CFTC अपने on-chain मार्केट्स के लिए नियमों और रेग्युलेशन्स को मॉडर्न बना रहा है,” ऐसा कहा CFTC के चेयर Mike Selig ने।
ड्यूल सिग्नल: प्रोटेक्शन और एनफोर्समेंट
यह स्ट्रेटेजी क्रिप्टो को सिर्फ एक असेट के रूप में डिफेंड करने के लिए नहीं है। इसका पहला पिलर एडवर्सरी बिहेवियर को शेप करने पर फोकस करता है और क्राइम से जुड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने का वादा करता है।
यह फाइनेंशियल निकास के रास्तों को काटने की बात भी करता है, जो एक्सपर्ट्स के अनुसार, मिक्सर्स और प्राइवेसी कॉइन्स को टारगेट कर सकता है।
स्ट्रेटेजी का पहला पिलर साइबरक्राइम नेटवर्क्स को डिसरप्ट करने और थ्रेट एक्टर्स पर लागत बढ़ाने की भी बात करता है, जिसमें अलायंस के बीच जिम्मेदारी शेयर की जाएगी।
फिलहाल CFTC, डिजिटल एसेट स्पॉट मार्केट्स की निगरानी बढ़ा रहा है, जिससे SEC की ज्यूरीडिक्शन Bitcoin (BTC) और Ethereum (ETH) जैसी कमोडिटी क्लासिफाइड एसेट्स पर कम हो रही है।
Selig की टिप्पणी इस साइबरसिक्योरिटी स्ट्रेटेजी को सीधे उसी रेग्युलेटरी बिल्डआउट से जोड़ती है, जिसमें सिक्योर ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर को ऑन-चेन मार्केट्स के कार्य के लिए जरूरी शर्त बताया गया है।
पॉलिसी का बड़ा संदर्भ
यह साइबर स्ट्रैटेजी ट्रम्प प्रशासन की डिजिटल एसेट्स को लेकर बनाई गई व्यापक पॉलिसी का हिस्सा है, जिसमें शामिल हैं:
- U.S. Bitcoin रिजर्व का एक्सप्लोरेशन,
- प्रस्तावित stablecoin से जुड़ा कानून, और
- डिजिटल एसेट्स के लिए टैक्स ट्रीटमेंट को ज्यादा क्लियर करने की कोशिशें।
Quantum computing को डॉक्यूमेंट में एक अलग तरह का खतरा बताया गया है, जो अगर फेडरल प्रोटेक्शन समय से पहले लागू नहीं किया गया तो मौजूदा ब्लॉकचेन क्रिप्टोग्राफिक स्टैंडर्ड्स को कमजोर कर सकता है।
इस रिस्क को लेकर स्ट्रैटेजी में पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी को बढ़ावा देने पर खास फोकस किया गया है।
स्ट्रैटेजी में क्रिमिनल इन्फ्रास्ट्रक्चर के बारे में दिए गए बयान को देखते हुए, प्राइवेसी-प्रोटेक्टिंग टूल्स के खिलाफ कार्रवाई अगला कदम हो सकता है।
डॉक्यूमेंट में दिशा तो तय की गई है, लेकिन इसे लागू करने के लिए कोई टाइमलाइन या जिम्मेदार एजेंसी का नाम नहीं बताया गया है।